चश्मा की दुकान की आड़ में प्रतिबंधित दवाईयों का कारोबार:दरभंगा में हर महीने 25 लाख की कमाई कर रहा था आरोपी, कैश के साथ गिरफ्तार

चश्मा की दुकान की आड़ में प्रतिबंधित दवाईयों का कारोबार:दरभंगा में हर महीने 25 लाख की कमाई कर रहा था आरोपी, कैश के साथ गिरफ्तार

दरभंगा के लहेरियासराय इलाके में चश्मा दुकान की आड़ में प्रतिबंधित दवाईयों के कारोबार का खुलासा हुआ है। शुक्रवार देर रात नाका नंबर-6 रहमगंज इलाके में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने प्रतिबंधित नशीले कफ सिरप, करीब 25 लाख रुपए नकद, दो मोबाइल फोन और सीसीटीवी डीवीआर बरामद किया है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है। पुलिस के अनुसार शुक्रवार की देर शाम लहेरियासराय थानाध्यक्ष को सूचना मिली थी कि नाका नंबर-6 मंदिर के पीछे रहने वाला गौरीशंकर चौधरी अपने घर से प्रतिबंधित दवा और नशीले पदार्थों की बिक्री करता है। सूचना के सत्यापन के बाद लहेरियासराय थाना, जिला तकनीकी शाखा, बेंता थाना, कोतवाली थाना तथा अन्य पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम ने औषधि निरीक्षक की मौजूदगी में छापेमारी की। घर में मिली भारी मात्रा में नकदी पुलिस ने गौरीशंकर चौधरी के घर की तलाशी के दौरान टेबल के नीचे से प्रतिबंधित कफ सिरप तथा भारी मात्रा में नकदी बरामद की। बरामद नकदी में 500 रुपए के 3550 नोट, 100 रुपए के 3880 नोट, 200 रुपए के 1673 नोट शामिल हैं। कुल बरामद राशि 24 लाख 97 हजार 600 रुपए बताई गई है। 43 बोतल प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद छापेमारी के दौरान पुलिस ने कोडीन फॉस्फेट एवं ट्राइप्रोलिडीन हाइड्रोक्लोराइड युक्त “ओनेरेक्स” कफ सिरप की 43 बोतलें बरामद कीं। प्रत्येक बोतल 100 एमएल की है और कुल मात्रा 4.3 लीटर है। पुलिस के अनुसार इस प्रकार के कफ सिरप का दुरुपयोग नशे के रूप में किया जाता है। वहीं, सदर एसडीपीओ राजीव कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने एक चश्मा दुकान और उससे जुड़े परिसर पर छापेमारी की। सूचना मिली थी कि दुकान के पास प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री की जा रही है। सूचना के सत्यापन के लिए थानाध्यक्ष अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घर के मालिक की सहमति से तलाशी ली गई। उन्होंने बताया कि तलाशी के दौरान 43 पीस प्रतिबंधित दवाएं बरामद की गईं। ये ऐसी दवाएं हैं जिन्हें बिना चिकित्सक के प्रिस्क्रिप्शन के बेचा नहीं जा सकता। छापेमारी के दौरान 24 लाख 97 हजार 600 रुपए नकद भी बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी न तो प्रतिबंधित दवाओं के संबंध में और न ही बरामद नकदी के स्रोत के बारे में संतोषजनक जवाब दे सका। इसके बाद पुलिस ने दवाओं और नकदी को जब्त करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। एक महीने में प्रतिबंधित दवाइयों से की 25 लाख की कमाई पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी गौरीशंकर चौधरी ने स्वीकार किया कि वह प्रतिबंधित कफ सिरप और नशीले पदार्थों की बिक्री करता था। उसने दावा किया कि बरामद नकदी पिछले एक माह के दौरान नशीले पदार्थों की बिक्री से अर्जित की गई है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसे यह प्रतिबंधित सामग्री केवटी थाना क्षेत्र के ननौरा निवासी विष्णु नाम के व्यक्ति की ओर से काले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल से पहुंचाई जाती थी। पुलिस अब उक्त व्यक्ति सहित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है। प्रतिबंधित दवाओं की आपूर्ति करने वालों की तलाश में पुलिस एसडीपीओ राजीव कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि प्रतिबंधित दवाओं की आपूर्ति करने वाले लोग कौन हैं, ताकि उन्हें भी गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा जा सके। उन्होंने कहा कि जिले में अन्य दवा दुकानों पर भी प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री की सूचना मिली है। ऐसे दुकानों की सूची तैयार की जा रही है और चरणबद्ध तरीके से छापेमारी कर अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मोबाइल और सीसीटीवी डीवीआर भी जब्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से ओप्पो कंपनी के दो मोबाइल फोन तथा घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का एक डीवीआर भी जब्त किया है। पुलिस इन उपकरणों की जांच कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। ऑप्टिकल दुकान की आड़ में कारोबार की चर्चा स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि क्षेत्र में संचालित एक ऑप्टिकल दुकान की आड़ में लंबे समय से नशीले पदार्थों का कारोबार किया जा रहा था। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और वित्तीय लेन-देन के साथ-साथ नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। इस संबंध में लहेरियासराय थाना कांड संख्या 297/26 दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गौरीशंकर चौधरी के रूप में हुई है। उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने बरामद सामानों को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। दरभंगा के लहेरियासराय इलाके में चश्मा दुकान की आड़ में प्रतिबंधित दवाईयों के कारोबार का खुलासा हुआ है। शुक्रवार देर रात नाका नंबर-6 रहमगंज इलाके में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने प्रतिबंधित नशीले कफ सिरप, करीब 25 लाख रुपए नकद, दो मोबाइल फोन और सीसीटीवी डीवीआर बरामद किया है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है। पुलिस के अनुसार शुक्रवार की देर शाम लहेरियासराय थानाध्यक्ष को सूचना मिली थी कि नाका नंबर-6 मंदिर के पीछे रहने वाला गौरीशंकर चौधरी अपने घर से प्रतिबंधित दवा और नशीले पदार्थों की बिक्री करता है। सूचना के सत्यापन के बाद लहेरियासराय थाना, जिला तकनीकी शाखा, बेंता थाना, कोतवाली थाना तथा अन्य पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम ने औषधि निरीक्षक की मौजूदगी में छापेमारी की। घर में मिली भारी मात्रा में नकदी पुलिस ने गौरीशंकर चौधरी के घर की तलाशी के दौरान टेबल के नीचे से प्रतिबंधित कफ सिरप तथा भारी मात्रा में नकदी बरामद की। बरामद नकदी में 500 रुपए के 3550 नोट, 100 रुपए के 3880 नोट, 200 रुपए के 1673 नोट शामिल हैं। कुल बरामद राशि 24 लाख 97 हजार 600 रुपए बताई गई है। 43 बोतल प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद छापेमारी के दौरान पुलिस ने कोडीन फॉस्फेट एवं ट्राइप्रोलिडीन हाइड्रोक्लोराइड युक्त “ओनेरेक्स” कफ सिरप की 43 बोतलें बरामद कीं। प्रत्येक बोतल 100 एमएल की है और कुल मात्रा 4.3 लीटर है। पुलिस के अनुसार इस प्रकार के कफ सिरप का दुरुपयोग नशे के रूप में किया जाता है। वहीं, सदर एसडीपीओ राजीव कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने एक चश्मा दुकान और उससे जुड़े परिसर पर छापेमारी की। सूचना मिली थी कि दुकान के पास प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री की जा रही है। सूचना के सत्यापन के लिए थानाध्यक्ष अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घर के मालिक की सहमति से तलाशी ली गई। उन्होंने बताया कि तलाशी के दौरान 43 पीस प्रतिबंधित दवाएं बरामद की गईं। ये ऐसी दवाएं हैं जिन्हें बिना चिकित्सक के प्रिस्क्रिप्शन के बेचा नहीं जा सकता। छापेमारी के दौरान 24 लाख 97 हजार 600 रुपए नकद भी बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी न तो प्रतिबंधित दवाओं के संबंध में और न ही बरामद नकदी के स्रोत के बारे में संतोषजनक जवाब दे सका। इसके बाद पुलिस ने दवाओं और नकदी को जब्त करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। एक महीने में प्रतिबंधित दवाइयों से की 25 लाख की कमाई पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी गौरीशंकर चौधरी ने स्वीकार किया कि वह प्रतिबंधित कफ सिरप और नशीले पदार्थों की बिक्री करता था। उसने दावा किया कि बरामद नकदी पिछले एक माह के दौरान नशीले पदार्थों की बिक्री से अर्जित की गई है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसे यह प्रतिबंधित सामग्री केवटी थाना क्षेत्र के ननौरा निवासी विष्णु नाम के व्यक्ति की ओर से काले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल से पहुंचाई जाती थी। पुलिस अब उक्त व्यक्ति सहित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है। प्रतिबंधित दवाओं की आपूर्ति करने वालों की तलाश में पुलिस एसडीपीओ राजीव कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि प्रतिबंधित दवाओं की आपूर्ति करने वाले लोग कौन हैं, ताकि उन्हें भी गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा जा सके। उन्होंने कहा कि जिले में अन्य दवा दुकानों पर भी प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री की सूचना मिली है। ऐसे दुकानों की सूची तैयार की जा रही है और चरणबद्ध तरीके से छापेमारी कर अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मोबाइल और सीसीटीवी डीवीआर भी जब्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से ओप्पो कंपनी के दो मोबाइल फोन तथा घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का एक डीवीआर भी जब्त किया है। पुलिस इन उपकरणों की जांच कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। ऑप्टिकल दुकान की आड़ में कारोबार की चर्चा स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि क्षेत्र में संचालित एक ऑप्टिकल दुकान की आड़ में लंबे समय से नशीले पदार्थों का कारोबार किया जा रहा था। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और वित्तीय लेन-देन के साथ-साथ नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। इस संबंध में लहेरियासराय थाना कांड संख्या 297/26 दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गौरीशंकर चौधरी के रूप में हुई है। उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने बरामद सामानों को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।  

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