विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व सीएम राबड़ी देवी को 20 साल पुराना सरकारी बंगला खाली करना होगा। भवन निर्माण विभाग ने उन्हें पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड आवास तत्काल खाली करने का नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि यह आवास अब डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन (पशुपालन) मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित कर दिया गया है। बिहार चुनाव-2025 के बाद ही राबड़ी देवी को नया 39 हार्डिंग रोड बंगला आवंटित किया गया था। लालू परिवार साल 2005 से 10 सर्कुलर रोड’ बंगला में रह रहा है। बीते 6 महीने में राबड़ी देवी से 2-3 बार आग्रह किया गया कि वो नये आवंटित बंगला 39 हार्डिंग रोड में जाएं, लेकिन अब तक लालू परिवार ने अब तक आवास नहीं छोड़ा है। 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित भवन निर्माण विभाग के अनुसार, विभागीय आदेश संख्या-122 दिनांक 25 नवंबर 2025 के तहत नेता प्रतिपक्ष के लिए 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित किया गया था। यह आवास राबड़ी देवी के नाम पहले ही जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक उन्होंने पूर्व से आवंटित 10 सर्कुलर रोड आवास खाली नहीं किया है। तत्काल खाली करने का अनुरोध भवन निर्माण विभाग के संयुक्त सचिव-सह-भू संपदा पदाधिकारी की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि राबड़ी देवी 39 हार्डिंग रोड स्थित नए आवास में जाने की कृपा करें और 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास तत्काल खाली करें। पत्र में यह भी लिखा है कि इस प्रस्ताव को सक्षम प्राधिकार की मंजूरी प्राप्त है। वहीं, भवन निर्माण मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि 10 सर्कुलर रोड बिहार सरकार के मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित है, इसलिए राबड़ी देवी को नोटिस जारी किया है। राजद बोला- राबड़ी देवी को अपमानित कर रहे राबड़ी आवास खाली करने के नोटिस पर राजनीतिक तेज हो गई है। राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा, आवंटन किए हुए लगभग 20 साल से ज्यदा हो गया, लेकिन अब किसी अन्य के नाम से आवंटन किया गया है। सवाल ये उठता है कि ऐसे कौन सी परिस्थिति आ गई। विधान परिषद में राबड़ी देवी जब खुद नेता प्रतिपक्ष है। दो-दो पूर्व सीएम 10 सर्कुलर रोड आवास में रहते हैं। शक्ति सिंह ने कहा, “सत्ता की हनक दिखाना चाहते हैं सत्ता पक्ष के लोग। राबड़ी देवी और राजद को अपमानित करने के लिए किसी को आवंटित किया गया है। ये ओछी राजनीति है, घृणित राजनीति है। सत्ता का आना जाना लगा रहता है। ये लोग राबड़ी देवी को आप अपमानित करना चाहते हैं। अब तो कोई दरवाजा भी खटखटाया नहीं जा सकता, क्योंकि अब इंसाफ मिलता नहीं है।” 1 महीने पहले भी मिला था राबड़ी आवास खाली करने का नोटिस 20 साल बाद लालू परिवार को सरकारी आवास (राबड़ी आवास) खाली करने का नोटिस मिला है। एक महीने पहले 25 नवंबर को बिहार भवन निर्माण विभाग ने ये नोटिस भेजा था। भवन निर्माण विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया था कि बिहार विधान परिषद के नेता विपक्ष के लिए पटना केंद्रीय पुल की आवास संख्या 39 हार्डिंग रोड अलॉट किया गया है। सूत्रों के मुताबिक राबड़ी आवास को खाली करने की प्रक्रिया पिछले कुछ दिनों से चल रही है। पूरा सामान धीरे-धीरे महुआ बाग और आर्य समाज रोड स्थित आवास पर ले जाया जा रहा है। इस आवास को चरणबद्ध तरीके से खाली किया जाने लगा है। नोटिस के खिलाफ लालू परिवार एकजुट दिखा एक महीने पहले आवास खाली करने को लेकर मिले नोटिस पर लालू परिवार एकजुट दिखा था। तेजप्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा- ‘छोटे भाई ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और बड़े भाई के बंगले को खाली करने का आदेश दे दिया। लालू जी और उनका परिवार अब 10 सर्कुलर रोड के बंगले में नहीं रहेगा। 28 साल से जिस आवास से बिहार और राजद के लाखों कार्यकर्ताओं का एक भावुक रिश्ता जुड़ा था, उसे एक सरकारी नोटिस में खत्म कर दिया गया है। इस घर के जाने के साथ ही नीतीश जी और लालू जी के बीच के भैयारी वाले नैतिक रिश्ते का भी अंत हो गया है।’ रोहिणी ने कहा था- राजनीतिक कद का ही सम्मान रखते 15 नवंबर को राबड़ी आवास से निकली थीं रोहिणी नोटिस मिलने से ठीक 10 दिन पहले 15 नवंबर की देर रात लालू यादव को किडनी देने वाली बेटी रोहिणी ने रोते-रोते राबड़ी आवास छोड़ दिया था। पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में रोहिणी ने कहा, ‘मेरा कोई परिवार नहीं है। उन्होंने ही मुझे परिवार से निकाला है। सारी दुनिया सवाल कर रही है कि पार्टी का ऐसा हाल क्यों हुआ है, लेकिन उन्हें जिम्मेदारी नहीं लेनी है।’ इसके बाद तीन और बेटियों ने राबड़ी आवास छोड़ दिया था। तेज प्रताप को लालू यादव, पहले ही पार्टी और परिवार से बाहर कर चुके हैं। इसके बाद से वे अपने सरकारी आवास में रह रहे हैं। राबड़ी आवास में फिलहाल लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और उनकी फैमिली रहती है। लालू जेल गए थे तो राबड़ी को CM बनाया था… तभी से राबड़ी आवास 23 जून, 1997 को लालू समेत 55 लोगों के खिलाफ CBI ने चारा घोटाला मामले में चार्जशीट दाखिल की। उनके खिलाफ 63 केस दर्ज किए गए। लालू समझ गए थे कि गिरफ्तारी तय है। 25 जुलाई 1997 की शाम उन्होंने इस्तीफे का ऐलान किया और पत्नी राबड़ी देवी को सीएम बनवाया। बाद में एक बार जब लालू से वंशवाद पर पूछा गया, तो उन्होंने कहा था, ‘मैं राजनीति में शक्ति अर्जित करने के लिए आया हूं और मैं उसे सिर्फ इसलिए नहीं त्याग दूंगा, क्योंकि किसी ने मेरे ऊपर आरोप लगाए हैं। अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बनाकर मैंने क्या गलती कर दी? क्या मैं अपनी सत्ता अपने राजनीतिक विरोधियों के हाथों में सौंप देता?’ पत्नी को CM बनाने के बाद 30 जुलाई, 1997 को लालू यादव ने चारा घोटाला मामले में सरेंडर कर दिया और दिसंबर 1997 तक जेल में रहे। हालांकि लालू यादव RJD के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहे। इसके बाद राबड़ी देवी को 2005 में 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास अलॉट किया गया था। विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व सीएम राबड़ी देवी को 20 साल पुराना सरकारी बंगला खाली करना होगा। भवन निर्माण विभाग ने उन्हें पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड आवास तत्काल खाली करने का नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि यह आवास अब डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन (पशुपालन) मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित कर दिया गया है। बिहार चुनाव-2025 के बाद ही राबड़ी देवी को नया 39 हार्डिंग रोड बंगला आवंटित किया गया था। लालू परिवार साल 2005 से 10 सर्कुलर रोड’ बंगला में रह रहा है। बीते 6 महीने में राबड़ी देवी से 2-3 बार आग्रह किया गया कि वो नये आवंटित बंगला 39 हार्डिंग रोड में जाएं, लेकिन अब तक लालू परिवार ने अब तक आवास नहीं छोड़ा है। 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित भवन निर्माण विभाग के अनुसार, विभागीय आदेश संख्या-122 दिनांक 25 नवंबर 2025 के तहत नेता प्रतिपक्ष के लिए 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित किया गया था। यह आवास राबड़ी देवी के नाम पहले ही जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक उन्होंने पूर्व से आवंटित 10 सर्कुलर रोड आवास खाली नहीं किया है। तत्काल खाली करने का अनुरोध भवन निर्माण विभाग के संयुक्त सचिव-सह-भू संपदा पदाधिकारी की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि राबड़ी देवी 39 हार्डिंग रोड स्थित नए आवास में जाने की कृपा करें और 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास तत्काल खाली करें। पत्र में यह भी लिखा है कि इस प्रस्ताव को सक्षम प्राधिकार की मंजूरी प्राप्त है। वहीं, भवन निर्माण मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि 10 सर्कुलर रोड बिहार सरकार के मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित है, इसलिए राबड़ी देवी को नोटिस जारी किया है। राजद बोला- राबड़ी देवी को अपमानित कर रहे राबड़ी आवास खाली करने के नोटिस पर राजनीतिक तेज हो गई है। राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा, आवंटन किए हुए लगभग 20 साल से ज्यदा हो गया, लेकिन अब किसी अन्य के नाम से आवंटन किया गया है। सवाल ये उठता है कि ऐसे कौन सी परिस्थिति आ गई। विधान परिषद में राबड़ी देवी जब खुद नेता प्रतिपक्ष है। दो-दो पूर्व सीएम 10 सर्कुलर रोड आवास में रहते हैं। शक्ति सिंह ने कहा, “सत्ता की हनक दिखाना चाहते हैं सत्ता पक्ष के लोग। राबड़ी देवी और राजद को अपमानित करने के लिए किसी को आवंटित किया गया है। ये ओछी राजनीति है, घृणित राजनीति है। सत्ता का आना जाना लगा रहता है। ये लोग राबड़ी देवी को आप अपमानित करना चाहते हैं। अब तो कोई दरवाजा भी खटखटाया नहीं जा सकता, क्योंकि अब इंसाफ मिलता नहीं है।” 1 महीने पहले भी मिला था राबड़ी आवास खाली करने का नोटिस 20 साल बाद लालू परिवार को सरकारी आवास (राबड़ी आवास) खाली करने का नोटिस मिला है। एक महीने पहले 25 नवंबर को बिहार भवन निर्माण विभाग ने ये नोटिस भेजा था। भवन निर्माण विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया था कि बिहार विधान परिषद के नेता विपक्ष के लिए पटना केंद्रीय पुल की आवास संख्या 39 हार्डिंग रोड अलॉट किया गया है। सूत्रों के मुताबिक राबड़ी आवास को खाली करने की प्रक्रिया पिछले कुछ दिनों से चल रही है। पूरा सामान धीरे-धीरे महुआ बाग और आर्य समाज रोड स्थित आवास पर ले जाया जा रहा है। इस आवास को चरणबद्ध तरीके से खाली किया जाने लगा है। नोटिस के खिलाफ लालू परिवार एकजुट दिखा एक महीने पहले आवास खाली करने को लेकर मिले नोटिस पर लालू परिवार एकजुट दिखा था। तेजप्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा- ‘छोटे भाई ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और बड़े भाई के बंगले को खाली करने का आदेश दे दिया। लालू जी और उनका परिवार अब 10 सर्कुलर रोड के बंगले में नहीं रहेगा। 28 साल से जिस आवास से बिहार और राजद के लाखों कार्यकर्ताओं का एक भावुक रिश्ता जुड़ा था, उसे एक सरकारी नोटिस में खत्म कर दिया गया है। इस घर के जाने के साथ ही नीतीश जी और लालू जी के बीच के भैयारी वाले नैतिक रिश्ते का भी अंत हो गया है।’ रोहिणी ने कहा था- राजनीतिक कद का ही सम्मान रखते 15 नवंबर को राबड़ी आवास से निकली थीं रोहिणी नोटिस मिलने से ठीक 10 दिन पहले 15 नवंबर की देर रात लालू यादव को किडनी देने वाली बेटी रोहिणी ने रोते-रोते राबड़ी आवास छोड़ दिया था। पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में रोहिणी ने कहा, ‘मेरा कोई परिवार नहीं है। उन्होंने ही मुझे परिवार से निकाला है। सारी दुनिया सवाल कर रही है कि पार्टी का ऐसा हाल क्यों हुआ है, लेकिन उन्हें जिम्मेदारी नहीं लेनी है।’ इसके बाद तीन और बेटियों ने राबड़ी आवास छोड़ दिया था। तेज प्रताप को लालू यादव, पहले ही पार्टी और परिवार से बाहर कर चुके हैं। इसके बाद से वे अपने सरकारी आवास में रह रहे हैं। राबड़ी आवास में फिलहाल लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और उनकी फैमिली रहती है। लालू जेल गए थे तो राबड़ी को CM बनाया था… तभी से राबड़ी आवास 23 जून, 1997 को लालू समेत 55 लोगों के खिलाफ CBI ने चारा घोटाला मामले में चार्जशीट दाखिल की। उनके खिलाफ 63 केस दर्ज किए गए। लालू समझ गए थे कि गिरफ्तारी तय है। 25 जुलाई 1997 की शाम उन्होंने इस्तीफे का ऐलान किया और पत्नी राबड़ी देवी को सीएम बनवाया। बाद में एक बार जब लालू से वंशवाद पर पूछा गया, तो उन्होंने कहा था, ‘मैं राजनीति में शक्ति अर्जित करने के लिए आया हूं और मैं उसे सिर्फ इसलिए नहीं त्याग दूंगा, क्योंकि किसी ने मेरे ऊपर आरोप लगाए हैं। अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बनाकर मैंने क्या गलती कर दी? क्या मैं अपनी सत्ता अपने राजनीतिक विरोधियों के हाथों में सौंप देता?’ पत्नी को CM बनाने के बाद 30 जुलाई, 1997 को लालू यादव ने चारा घोटाला मामले में सरेंडर कर दिया और दिसंबर 1997 तक जेल में रहे। हालांकि लालू यादव RJD के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहे। इसके बाद राबड़ी देवी को 2005 में 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास अलॉट किया गया था।


