जमुई में लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बने कोढ़ा गिरोह की सक्रियता के बीच अब जमुई जिले में बेगूसराय के कुख्यात तिवारी गैंग की एंट्री ने पुलिस और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। जिले में हाल के दिनों में हुई छिनतई और चेन स्नेचिंग की घटनाओं के उद्भेदन के बाद इस गैंग का नाम सामने आया है। दरअसल, बीते 25 मई को जमुई सदर थाना क्षेत्र के झाझा बस स्टैंड निवासी शिक्षिका रश्मि सिन्हा से बाइक सवार अपराधियों ने चेन स्नेचिंग की घटना को अंजाम दिया था। शिक्षिका कोचिंग पढ़ाने जा रही थीं, तभी अपराधियों ने उनका सोने का जेवर छीन लिया और फरार हो गए। मामले की जांच में जुटी पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान और लगातार छापेमारी के बाद कटिहार से जेवरात बरामद किया। जांच के दौरान इस घटना में कुख्यात कोढ़ा गिरोह की संलिप्तता सामने आई। कोढ़ा गिरोह बिहार के कई जिलों में सालों से एक्टिव पुलिस सूत्रों के मुताबिक कोढ़ा गिरोह बिहार के कई जिलों में वर्षों से सक्रिय है। यह गिरोह पल भर में स्नेचिंग, चोरी और छिनतई की घटनाओं को अंजाम देकर फरार हो जाता है। यही वजह है कि यह गिरोह लंबे समय से पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। इधर, जमुई सदर थाना पुलिस ने खैरा थाना क्षेत्र के झुंडो गांव की एक महिला से 70 हजार रुपये कैश छिनतई मामले में बेगूसराय जिले के तेघड़ा निवासी अभय मिश्रा को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में वह तिवारी गैंग का सदस्य निकला। संगठित अपराधी गिरोहों की सक्रियता को लेकर चर्चा तेज इतना ही नहीं, 17 अप्रैल को झाझा थाना क्षेत्र के संसारपुर निवासी विशुनदेव मांझी से दो लाख रुपये की छिनतई मामले का हाल ही में पुलिस ने उद्भेदन किया था। उस मामले में भी बेगूसराय से सन्नी मिश्रा नामक अपराधी गिरफ्तार हुआ था, जो तिवारी गैंग से जुड़ा बताया गया। लगातार दो मामलों में तिवारी गैंग का नाम सामने आने के बाद जिले में बाहरी संगठित अपराधी गिरोहों की सक्रियता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। एसडीपीओ सतीश सुमन पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है और जल्द ही बड़े खुलासे हो सकते हैं। वहीं,आम लोगों में दहशत का माहौल है। जमुई में लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बने कोढ़ा गिरोह की सक्रियता के बीच अब जमुई जिले में बेगूसराय के कुख्यात तिवारी गैंग की एंट्री ने पुलिस और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। जिले में हाल के दिनों में हुई छिनतई और चेन स्नेचिंग की घटनाओं के उद्भेदन के बाद इस गैंग का नाम सामने आया है। दरअसल, बीते 25 मई को जमुई सदर थाना क्षेत्र के झाझा बस स्टैंड निवासी शिक्षिका रश्मि सिन्हा से बाइक सवार अपराधियों ने चेन स्नेचिंग की घटना को अंजाम दिया था। शिक्षिका कोचिंग पढ़ाने जा रही थीं, तभी अपराधियों ने उनका सोने का जेवर छीन लिया और फरार हो गए। मामले की जांच में जुटी पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान और लगातार छापेमारी के बाद कटिहार से जेवरात बरामद किया। जांच के दौरान इस घटना में कुख्यात कोढ़ा गिरोह की संलिप्तता सामने आई। कोढ़ा गिरोह बिहार के कई जिलों में सालों से एक्टिव पुलिस सूत्रों के मुताबिक कोढ़ा गिरोह बिहार के कई जिलों में वर्षों से सक्रिय है। यह गिरोह पल भर में स्नेचिंग, चोरी और छिनतई की घटनाओं को अंजाम देकर फरार हो जाता है। यही वजह है कि यह गिरोह लंबे समय से पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। इधर, जमुई सदर थाना पुलिस ने खैरा थाना क्षेत्र के झुंडो गांव की एक महिला से 70 हजार रुपये कैश छिनतई मामले में बेगूसराय जिले के तेघड़ा निवासी अभय मिश्रा को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में वह तिवारी गैंग का सदस्य निकला। संगठित अपराधी गिरोहों की सक्रियता को लेकर चर्चा तेज इतना ही नहीं, 17 अप्रैल को झाझा थाना क्षेत्र के संसारपुर निवासी विशुनदेव मांझी से दो लाख रुपये की छिनतई मामले का हाल ही में पुलिस ने उद्भेदन किया था। उस मामले में भी बेगूसराय से सन्नी मिश्रा नामक अपराधी गिरफ्तार हुआ था, जो तिवारी गैंग से जुड़ा बताया गया। लगातार दो मामलों में तिवारी गैंग का नाम सामने आने के बाद जिले में बाहरी संगठित अपराधी गिरोहों की सक्रियता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। एसडीपीओ सतीश सुमन पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है और जल्द ही बड़े खुलासे हो सकते हैं। वहीं,आम लोगों में दहशत का माहौल है।


