French Open 2026: फ्रेंच ओपन 2026 के पहले हफ्ते में जहां एक तरफ बड़े उलटफेरे देखने को मिले, वहीं दूसरी तरफ टूर्नामेंट लिंग भेदभाव को लेकर विवादों में घिर गया। दूसरे दौर का एक मुकाबला पैराग्वे के एडोल्फो डेनियल वालेजो और फ्रांस के 17 वर्षीय मोइजे कुआमे के बीच कोर्ट सुजान लेंग्लेन पर खेला गया। करीब पांच घंटे तक चले इस रोमांचक मुकाबले में कुआमे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए वालेजो को 6-3, 7-5, 3-6, 2-6, 7-6 (10-8) से हरा दिया।
मैच के बाद भड़के वालेजो
लोकल बॉय होने के कारण कुआमे को दर्शकों का भरपूर समर्थन मिला। जिसके चलते मैच हारने के बाद वालेजो काफी नाराज नजर आए और उन्होंने एक विवादित बयान दे डाला। उन्होंने कहा कि इस तरह के हाई-वोल्टेज मैच में महिला अंपायर नहीं होनी चाहिए।
महिला अंपायर को लेकर दिया विवादित बयान
वालेजो को कुआमे द्वारा पॉइंट्स के बीच ज्यादा समय लेने पर ऐतराज था। उनका आरोप था कि ब्राजील की अनुभवी चेयर अंपायर आना कार्वाल्हो भीड़ को नियंत्रित करने में सख्त नहीं हो पा रही थीं। क्ले मैगजीन को दिए इंटरव्यू में वालेजो ने साफ कहा, “इस स्तर के मैच को पुरुष अंपायर को ही संभालना चाहिए। महिला अंपायर के लिए यह बहुत मुश्किल है।”
सोशल मीडिया पर भारी चर्चा छिड़ गई
यह बयान जारी होते ही सोशल मीडिया पर भारी चर्चा छिड़ गई। कई लोगों ने इसे लिंग भेदभावपूर्ण बताया, जबकि कुछ पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि वालेजो ने मैच हारने का गुस्सा अंपायर पर निकाला है। बता दें कि आना कार्वाल्हो ग्रैंड स्लैम स्तर की काफी अनुभवी अंपायर हैं और उन्होंने पहले भी कई महत्वपूर्ण मैचों में ड्यूटी संभाली है। फ्रेंच ओपन आयोजकों की तरफ से इस मामले पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
मैच खुद बेहद रोमांचक था। पांच सेट तक चला यह मुकाबला आखिरी टाईब्रेक में कुआमे के दमखम के कारण सुर्खियों में आया था, लेकिन अब चर्चा का केंद्र मैच के बजाय वालेजो का विवादित बयान बन गया है।
फ्रेंच ओपन 2026 के पहले हफ्ते में टूर्नामेंट के इतिहास का सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी और टूर्नामेंट के सबसे बड़े दावेदार इटली के यानिक सिनर दूसरे दौर में ही बाहर हो गए। क्ले कोर्ट पर खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में अर्जेंटीना के जुआन मैनुएल सेरुंडोलो ने सिनर को 3-6, 2-6, 7-5, 6-1, 6-1 से हरा दिया।


