किशनगंज पुलिस ने कर्तव्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में बहादुरगंज थाना की पुलिस अवर निरीक्षक सावित्री कुमारी को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देश पर की गई है। बहादुरगंज अंचल के पुलिस निरीक्षक ने पुलिस अधीक्षक को एक प्रतिवेदन सौंपा था। इसमें सावित्री कुमारी पर कर्तव्यहीनता, आदेशों की अवहेलना और अनुशासनहीनता के गंभीर आरोप लगाए गए थे। प्रतिवेदन के अनुसार, वह अनुसंधान कार्यों और विभिन्न मामलों के निष्पादन में लगातार उदासीन पाई गई थीं। दैनिक रोल कॉल में शामिल न होने का आरोप उन पर वरीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन न करने, रात्रि गश्ती ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और बिना वैध कारण दैनिक रोल कॉल में शामिल न होने के भी आरोप हैं। विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने ड्यूटी पर जाने और मामलों का प्रभार लेने से इनकार कर दिया था, जिसे विभाग ने गंभीर अनुशासनहीनता माना है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने इस मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने सावित्री कुमारी को तत्काल प्रभाव से सामान्य जीवन यापन भत्ता पर निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, किशनगंज रहेगा। उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। पुलिस व्यवस्था की कार्यक्षमता को करती है प्रभावित पुलिस विभाग के अनुसार, निलंबित अधिकारी का आचरण विभागीय नियमों, पुलिस कार्यप्रणाली और कानूनी प्रावधानों के विपरीत पाया गया है। विभाग का मानना है कि इस तरह की लापरवाही पुलिस व्यवस्था की कार्यक्षमता और अनुशासन को प्रभावित करती है, इसलिए ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई आवश्यक है। किशनगंज पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कर्तव्य के निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या भ्रष्ट आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत काम कर रहा है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी पुलिस अधिकारी या कर्मी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत और सम्मानित भी किया जाएगा। किशनगंज पुलिस ने कर्तव्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में बहादुरगंज थाना की पुलिस अवर निरीक्षक सावित्री कुमारी को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देश पर की गई है। बहादुरगंज अंचल के पुलिस निरीक्षक ने पुलिस अधीक्षक को एक प्रतिवेदन सौंपा था। इसमें सावित्री कुमारी पर कर्तव्यहीनता, आदेशों की अवहेलना और अनुशासनहीनता के गंभीर आरोप लगाए गए थे। प्रतिवेदन के अनुसार, वह अनुसंधान कार्यों और विभिन्न मामलों के निष्पादन में लगातार उदासीन पाई गई थीं। दैनिक रोल कॉल में शामिल न होने का आरोप उन पर वरीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन न करने, रात्रि गश्ती ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और बिना वैध कारण दैनिक रोल कॉल में शामिल न होने के भी आरोप हैं। विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने ड्यूटी पर जाने और मामलों का प्रभार लेने से इनकार कर दिया था, जिसे विभाग ने गंभीर अनुशासनहीनता माना है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने इस मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने सावित्री कुमारी को तत्काल प्रभाव से सामान्य जीवन यापन भत्ता पर निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, किशनगंज रहेगा। उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। पुलिस व्यवस्था की कार्यक्षमता को करती है प्रभावित पुलिस विभाग के अनुसार, निलंबित अधिकारी का आचरण विभागीय नियमों, पुलिस कार्यप्रणाली और कानूनी प्रावधानों के विपरीत पाया गया है। विभाग का मानना है कि इस तरह की लापरवाही पुलिस व्यवस्था की कार्यक्षमता और अनुशासन को प्रभावित करती है, इसलिए ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई आवश्यक है। किशनगंज पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कर्तव्य के निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या भ्रष्ट आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत काम कर रहा है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी पुलिस अधिकारी या कर्मी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत और सम्मानित भी किया जाएगा।


