MLC सीट के लिए तेजप्रताप ने राजद का ऑफर ठुकराया:अपनी पार्टी से एमएलसी बनने पर अड़े; अब सिंगापुर में रोहिणी आचार्य को मनाएंगे लालू यादव

MLC सीट के लिए तेजप्रताप ने राजद का ऑफर ठुकराया:अपनी पार्टी से एमएलसी बनने पर अड़े; अब सिंगापुर में रोहिणी आचार्य को मनाएंगे लालू यादव

बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर 18 जून को मतदान होगा। इसमें एक सीट पर उपचुनाव होना है। 1 से 8 जून तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। राजद सुप्रीमो की पत्नी राबड़ी देवी अपने बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को एमएलसी बनाना चाहती हैं। इसके लिए उन्होंने परिवार में सहमति भी बना ली थी। लेकिन, तेजप्रताप के एक फैसले से मामला फंस गया है। तेजप्रताप राजद के बजाय अपनी पार्टी जेजेडी (जनशक्ति जनता दल) के बैनर तले विधान परिषद जाना चाहते हैं। उनके भाई और राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी इस शर्त पर सहमत नहीं हैं। विधायकों की संख्या के अनुसार, इस बार राजद को केवल एक ही सीट मिलनी है। 243 विधायकों वाली विधानसभा में एक एमएलसी सीट के लिए 25 वोट चाहिए। महागठबंधन के पास कुल 35 विधायक हैं। महागठबंधन के 35 विधायकों में राजद के 25, कांग्रेस के 6, माले के 2, सीपीएम का 1 और आईआईपी का 1 MLA है। इसलिए, महागठबंधन को सिर्फ 1 सीट मिलेगी। वर्तमान में विधान परिषद में राजद के 16 सदस्य हैं। 28 जून को मो. फारुक और सुनील कुमार सिंह की सदस्यता खत्म हो रही है। रोहिणी को सिंगापुर में मनाएंगे लालू यादव लालू प्रसाद रूटीन हेल्थ चेकअप के लिए आज सिंगापुर जा रहे हैं। वो बेटी रोहिणी आचार्य के घर पर रुकेंगे। लालू वहां परिवार से नाराज रोहिणी को मनाएंगे। अगर रोहिणी ने हामी भरी तो वे राजद से विधान परिषद सदस्य बन सकती हैं। रोहिणी विधानसभा चुनाव के समय से ही नाराज चल रही हैं। वे तेजस्वी के बेटे इराज लालू यादव के पहले जन्मदिन में भी शामिल नहीं हुई थीं। राजद की करारी हार पर उन्होंने तेजस्वी और उनकी टीम के ‘चंद लोगों’ पर सवाल उठाए थे। वे सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं, लेकिन अब तक लालू-राबड़ी आवास (10 सर्कुलर रोड) वापस नहीं लौटी हैं। अब जानिए रोहिणी आचार्य ने क्या कहते हुए राबड़ी आवास से बाहर निकली थीं बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे 14 नवंबर का आए थे। चुनाव में राजद की हार हुई थी। उस दिन ही रोहिणी आचार्य राबड़ी आवास से रोते हुईं निकली थीं। पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में रोहिणी ने कहा, ‘मेरा कोई परिवार नहीं है। उन्होंने ही मुझे परिवार से निकाला है। सारी दुनिया सवाल कर रही है कि पार्टी का ऐसा हाल क्यों हुआ है, लेकिन उन्हें जिम्मेदारी नहीं लेनी है।’ तेजस्वी यादव के करीबी संजय यादव और रमीज पर दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए रोहिणी ने कहा- ‘ये सवाल अब तेजस्वी यादव से पूछिए। सवाल पूछोगे तो गाली दी जाएगी, चप्पल से मारा जाएगा।’ रोहिणी ने X पर लिखा- पार्टी-परिवार से नाता तोड़ रही हूं राबड़ी आवास से निकले के बाद रोहिणी ने ने X पर पोस्ट कर लिखा था कि, ‘मैं राजनीति छोड़ रही हूं और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हूं। संजय यादव और रमीज ने मुझसे यही करने को कहा था और मैं सारा दोष अपने ऊपर ले रही हूं।’ रोहिणी ने अपनी पोस्ट में ये बताने की कोशिश की है कि संजय यादव और रमीज ही पार्टी के सभी फैसले लेते हैं। संजय राज्यसभा सांसद हैं और तेजस्वी के रणनीतिक सलाहकार हैं। संजय यादव को लेकर हुए विवाद के बाद रोहिणी ने सितंबर में पार्टी से लेकर परिवार के सभी सदस्यों को सोशल मीडिया पर अन फॉलो कर दिया था। संजय यादव के तेजस्वी की गाड़ी के फ्रंट सीट पर बैठने पर शुरू हुआ विवाद 18 सितंबर को लालू यादव की दूसरी बेटी रोहिणी आचार्य ने फेसबुक पर एक पोस्ट शेयर किया था। पोस्ट आलोक कुमार नाम के एक RJD समर्थक का था। पोस्ट में लिखा था- पूरे बिहार के साथ-साथ हम तमाम लोग फ्रंट सीट पर लालू जी और तेजस्वी यादव को बैठे/बैठते देखने के अभ्यस्थ हैं। उनकी जगह पर कोई और बैठे यह हमें कतई मंजूर नहीं। जिन्हें एक दोयम दर्जे के व्यक्ति में एक विलक्षण रणनीतिकार-सलाहकार-तारणहार नजर आता है… ये बात अलग है। आलोक कुमार के इस पोस्ट के नीचे एक फोटो चस्पा थी, जिसमें बिहार अधिकार यात्रा की बस के दाईं ओर की फ्रंट सीट पर संजय यादव बैठे थे। रोहिणी ने पोस्ट शेयर करते हुए कुछ लिखा तो नहीं, लेकिन उसके बाद लालू परिवार में खटपट की खबरें आने लगी। अगले दिन 19 सितंबर को खटपट की खबरों को बल तब मिला जब उन्होंने अपने X हैंडल से पार्टी के साथ-साथ लालू-राबड़ी सहित परिवार के हर सदस्य को अनफॉलो कर दिया। इसके बाद मीडिया में लालू परिवार में फूट की खबरें चलने लगी। बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर 18 जून को मतदान होगा। इसमें एक सीट पर उपचुनाव होना है। 1 से 8 जून तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। राजद सुप्रीमो की पत्नी राबड़ी देवी अपने बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को एमएलसी बनाना चाहती हैं। इसके लिए उन्होंने परिवार में सहमति भी बना ली थी। लेकिन, तेजप्रताप के एक फैसले से मामला फंस गया है। तेजप्रताप राजद के बजाय अपनी पार्टी जेजेडी (जनशक्ति जनता दल) के बैनर तले विधान परिषद जाना चाहते हैं। उनके भाई और राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी इस शर्त पर सहमत नहीं हैं। विधायकों की संख्या के अनुसार, इस बार राजद को केवल एक ही सीट मिलनी है। 243 विधायकों वाली विधानसभा में एक एमएलसी सीट के लिए 25 वोट चाहिए। महागठबंधन के पास कुल 35 विधायक हैं। महागठबंधन के 35 विधायकों में राजद के 25, कांग्रेस के 6, माले के 2, सीपीएम का 1 और आईआईपी का 1 MLA है। इसलिए, महागठबंधन को सिर्फ 1 सीट मिलेगी। वर्तमान में विधान परिषद में राजद के 16 सदस्य हैं। 28 जून को मो. फारुक और सुनील कुमार सिंह की सदस्यता खत्म हो रही है। रोहिणी को सिंगापुर में मनाएंगे लालू यादव लालू प्रसाद रूटीन हेल्थ चेकअप के लिए आज सिंगापुर जा रहे हैं। वो बेटी रोहिणी आचार्य के घर पर रुकेंगे। लालू वहां परिवार से नाराज रोहिणी को मनाएंगे। अगर रोहिणी ने हामी भरी तो वे राजद से विधान परिषद सदस्य बन सकती हैं। रोहिणी विधानसभा चुनाव के समय से ही नाराज चल रही हैं। वे तेजस्वी के बेटे इराज लालू यादव के पहले जन्मदिन में भी शामिल नहीं हुई थीं। राजद की करारी हार पर उन्होंने तेजस्वी और उनकी टीम के ‘चंद लोगों’ पर सवाल उठाए थे। वे सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं, लेकिन अब तक लालू-राबड़ी आवास (10 सर्कुलर रोड) वापस नहीं लौटी हैं। अब जानिए रोहिणी आचार्य ने क्या कहते हुए राबड़ी आवास से बाहर निकली थीं बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे 14 नवंबर का आए थे। चुनाव में राजद की हार हुई थी। उस दिन ही रोहिणी आचार्य राबड़ी आवास से रोते हुईं निकली थीं। पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में रोहिणी ने कहा, ‘मेरा कोई परिवार नहीं है। उन्होंने ही मुझे परिवार से निकाला है। सारी दुनिया सवाल कर रही है कि पार्टी का ऐसा हाल क्यों हुआ है, लेकिन उन्हें जिम्मेदारी नहीं लेनी है।’ तेजस्वी यादव के करीबी संजय यादव और रमीज पर दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए रोहिणी ने कहा- ‘ये सवाल अब तेजस्वी यादव से पूछिए। सवाल पूछोगे तो गाली दी जाएगी, चप्पल से मारा जाएगा।’ रोहिणी ने X पर लिखा- पार्टी-परिवार से नाता तोड़ रही हूं राबड़ी आवास से निकले के बाद रोहिणी ने ने X पर पोस्ट कर लिखा था कि, ‘मैं राजनीति छोड़ रही हूं और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हूं। संजय यादव और रमीज ने मुझसे यही करने को कहा था और मैं सारा दोष अपने ऊपर ले रही हूं।’ रोहिणी ने अपनी पोस्ट में ये बताने की कोशिश की है कि संजय यादव और रमीज ही पार्टी के सभी फैसले लेते हैं। संजय राज्यसभा सांसद हैं और तेजस्वी के रणनीतिक सलाहकार हैं। संजय यादव को लेकर हुए विवाद के बाद रोहिणी ने सितंबर में पार्टी से लेकर परिवार के सभी सदस्यों को सोशल मीडिया पर अन फॉलो कर दिया था। संजय यादव के तेजस्वी की गाड़ी के फ्रंट सीट पर बैठने पर शुरू हुआ विवाद 18 सितंबर को लालू यादव की दूसरी बेटी रोहिणी आचार्य ने फेसबुक पर एक पोस्ट शेयर किया था। पोस्ट आलोक कुमार नाम के एक RJD समर्थक का था। पोस्ट में लिखा था- पूरे बिहार के साथ-साथ हम तमाम लोग फ्रंट सीट पर लालू जी और तेजस्वी यादव को बैठे/बैठते देखने के अभ्यस्थ हैं। उनकी जगह पर कोई और बैठे यह हमें कतई मंजूर नहीं। जिन्हें एक दोयम दर्जे के व्यक्ति में एक विलक्षण रणनीतिकार-सलाहकार-तारणहार नजर आता है… ये बात अलग है। आलोक कुमार के इस पोस्ट के नीचे एक फोटो चस्पा थी, जिसमें बिहार अधिकार यात्रा की बस के दाईं ओर की फ्रंट सीट पर संजय यादव बैठे थे। रोहिणी ने पोस्ट शेयर करते हुए कुछ लिखा तो नहीं, लेकिन उसके बाद लालू परिवार में खटपट की खबरें आने लगी। अगले दिन 19 सितंबर को खटपट की खबरों को बल तब मिला जब उन्होंने अपने X हैंडल से पार्टी के साथ-साथ लालू-राबड़ी सहित परिवार के हर सदस्य को अनफॉलो कर दिया। इसके बाद मीडिया में लालू परिवार में फूट की खबरें चलने लगी।  

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