Tamil Nadu Politics: कर्नाटक की राजनीति में आखिरकार कई दिनों से चल रहा सस्पेंस खत्म हो गया। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और अब यह लगभग तय हो गया है कि राज्य की कमान डीके शिवकुमार संभालने जा रहे हैं। गुरुवार को सिद्धारमैया लोकभवन पहुंचे और वहां राज्यपाल के सचिव को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उस समय राज्यपाल बेंगलुरु में मौजूद नहीं थे, इसलिए औपचारिक रूप से इस्तीफा उनके सचिव को दिया गया। माना जा रहा है कि राज्यपाल के लौटते ही इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाएगा और नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो जाएगी।
इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया ने क्या कहा?
इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया ने मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि उन्होंने पार्टी हाईकमान के फैसले का सम्मान किया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए हमेशा कर्नाटक का हित सबसे ऊपर रहेगा। सिद्धारमैया ने नए नेतृत्व को पूरा समर्थन देने की बात कही और भरोसा जताया कि कांग्रेस सरकार पहले की तरह मजबूती से काम करती रहेगी।
उन्होंने यह भी दोहराया कि कांग्रेस विधायक दल में किसी तरह की टूट या नाराजगी नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी विधायक एकजुट हैं और नई सरकार के साथ खड़े हैं। सिद्धारमैया ने संख्या बल का भी जिक्र किया और कहा कि कांग्रेस के पास स्पष्ट बहुमत है। पार्टी के 136 विधायक हैं, जबकि दो निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी सरकार को मिला हुआ है।
राज्यसभा नहीं जाएंगे सिद्धारमैया
मीडिया से बात करते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि वह नए मुख्यमंत्री के लिए रास्ता बना रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय राजनीति में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है। राज्यसभा जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं राज्यसभा जाने के पक्ष में नहीं हूं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस बात की चर्चा थी कि सिद्धारमैया को राज्यसभा भेजा जा सकता है। लेकिन सिद्धारमैया ने खुद इस बात को नकार दिया है।
दिल्ली में हुई थी बड़ी बैठक
आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों से कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही थीं। इसी बीच बुधवार को दिल्ली के इंदिरा भवन में कांग्रेस की बड़ी बैठक हुई। इस बैठक में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के अलावा राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला भी मौजूद रहे। कई घंटों तक चली इस बैठक के बाद ही नेतृत्व परिवर्तन पर अंतिम फैसला लिया गया।


