जहानाबाद जिले में नौतपा के दौरान भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। तापमान में वृद्धि और तेज गर्म हवाओं को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आमजन के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। लोगों से हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर समस्याओं से बचने के लिए सावधानी बरतने की अपील की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक धूप सबसे अधिक खतरनाक होती है। इस दौरान बिना आवश्यक कार्य के घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना अनिवार्य हो तो सिर को गमछा, टोपी या छाते से ढंककर निकलें। साथ ही पानी की बोतल और ओआरएस अपने साथ अवश्य रखें। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है, जिससे शरीर का तापमान नियंत्रित रह सके। बाइक सवारों को हेलमेट के अंदर सूती कपड़ा लगाने और पैदल चलने वालों को समय-समय पर छाया में आराम करने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों ने शरीर में पानी की कमी न होने देने और थोड़ी-थोड़ी देर पर पानी पीते रहने पर जोर दिया है। नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और ओआरएस का सेवन गर्मी से बचाव में काफी सहायक हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, चक्कर आना, तेज प्यास लगना, सिरदर्द, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी या बेचैनी लू लगने के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण महसूस होने पर तुरंत किसी छायादार स्थान पर जाएं, शरीर को ठंडा रखें और पानी या ओआरएस का सेवन करें। आवश्यकता पड़ने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें। प्रशासन और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा भी लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य नौतपा की भीषण गर्मी में सावधानी बरतकर आमजन को सुरक्षित रखना है। जहानाबाद जिले में नौतपा के दौरान भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। तापमान में वृद्धि और तेज गर्म हवाओं को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आमजन के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। लोगों से हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर समस्याओं से बचने के लिए सावधानी बरतने की अपील की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक धूप सबसे अधिक खतरनाक होती है। इस दौरान बिना आवश्यक कार्य के घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना अनिवार्य हो तो सिर को गमछा, टोपी या छाते से ढंककर निकलें। साथ ही पानी की बोतल और ओआरएस अपने साथ अवश्य रखें। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है, जिससे शरीर का तापमान नियंत्रित रह सके। बाइक सवारों को हेलमेट के अंदर सूती कपड़ा लगाने और पैदल चलने वालों को समय-समय पर छाया में आराम करने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों ने शरीर में पानी की कमी न होने देने और थोड़ी-थोड़ी देर पर पानी पीते रहने पर जोर दिया है। नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और ओआरएस का सेवन गर्मी से बचाव में काफी सहायक हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, चक्कर आना, तेज प्यास लगना, सिरदर्द, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी या बेचैनी लू लगने के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण महसूस होने पर तुरंत किसी छायादार स्थान पर जाएं, शरीर को ठंडा रखें और पानी या ओआरएस का सेवन करें। आवश्यकता पड़ने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें। प्रशासन और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा भी लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य नौतपा की भीषण गर्मी में सावधानी बरतकर आमजन को सुरक्षित रखना है।


