मुंगेर के RPF जवान को किडनैप कर मर्डर:भागलपुर के लैलख ममलखा स्टेशन पर ड्यूटी के समय हुए थे लापता, शव बरामद

मुंगेर के RPF जवान को किडनैप कर मर्डर:भागलपुर के लैलख ममलखा स्टेशन पर ड्यूटी के समय हुए थे लापता, शव बरामद

मुंगेर के रहने वाले RPF जवान धर्मेंद्र कुमार (48) को किडनैप कर मर्डर कर दिया गया। धर्मेंद्र मालदा डिवीजन के भागलपुर-साहेबगंज रेलखंड स्थित लैलख ममलखा स्टेशन पर तैनात थे। वो 25 मई की शाम से लापता थे। मृतक धर्मेंद्र मुंगेर में नया रामनगर थाना क्षेत्र के महमदा गांव में रहते थे। परिजनों और पुलिस की तलाश के बाद 27 मई की शाम उनका शव भागलपुर के लैलख ममलखा स्टेशन से करीब 3 KM दूर एक तालाब से बरामद किया गया। शव नग्न अवस्था में मिला। परिजनों ने आरोप लगाया है कि बदमाशों ने उनकी वर्दी, मोबाइल और सोने की अंगूठी भी गायब कर दी। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… अब जानें पूरा मामला… धर्मेंद्र कुमार के शरीर और गले पर कई जगह जख्म के निशान मिले हैं। परिजनों के अनुसार, अपहरण के बाद पीट-पीटकर उनकी हत्या की गई। पोस्टमार्टम के बाद गुरुवार को शव गांव पहुंचा। जमालपुर RPF के अधिकारियों और जवानों ने गांव पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। मृतक की भाभी रेखा देवी ने कहा- जिसने मेरे देवर को मारा है। उसका हिसाब होना चाहिए, पूरे परिवार को इंसाफ चाहिए। मेरा देवर था जनता के बीच में आरोपी को सजा मिलना चाहिए। वर्दी वालों को इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। जब हमने फोन किया तो पुलिस वाले से जवाब मिला कि आंधी-पानी आया था, भ्रम फैला रहा था। 3 दिन हो गया लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस वालों पर भी कार्रवाई होना चाहिए। ऑन ड्यूटी जो थे उन पर कार्रवाई होना चाहिए। स्टेशन मास्टर पर कार्रवाई होना चाहिए। पत्नी से वीडियो कॉलिंग के जरिए आखिरी बार बातचीत वहीं इस घटना को लेकर मृतक के परिजनों द्वारा आरोप लगाते हुए बताया गया कि RPF जवान धर्मेंद्र कुमार की ब्राह्मी तरीके से अगवा कर अपराधियों के द्वारा ड्यूटी के समय उसकी हत्या की गई है। जब RPF जवान स्टेशन अकेले पर ड्यूटी में तैनात थे। विभाग की ओर से एक ही जवान को ड्यूटी में रेल संपत्ति की सुरक्षा के लिए लगाया गया था। परिजनों के मुताबिक 25 मई की शाम लगभग 8 बजे जवान अपनी पत्नी रानी देवी से वीडियो कॉलिंग के जरिए आखिरी बार बातचीत की थी और इस दौरान जवान ने अपनी पत्नी से बताया था कि वह ड्यूटी के लिए जा रहे हैं। जवान ने अपनी पत्नी को खाना खाकर आराम करने की बात करते हुए फोन काट कर ड्यूटी पर चले गए थे। RPF जवान और अधिकारियों को दी गई सूचना वहीं 26 मई की सुबह जब जवान की पत्नी ने अपने पति से बातचीत करने के लिए फोन लगाया तभी उसका मोबाइल स्विच ऑफ था। जब काफी देर तक फोन नहीं लगा तभी परिजनों को अनहोनी की आशंका होने लगी। जिसके बाद मालदा स्टेशन पर रेलवे में कार्यरत एक परिजन को फोन कर घटना से अवगत कराया गया। तभी उनके द्वारा इसकी सूचना कहलगांव पोस्ट पर RPF जवान और अधिकारियों को दिया गया। इसके बाद RPF अधिकारियों के द्वारा विभाग के सीनियर ऑफिसर्स को सूचना दिया गया। इस बीच परिजन भी ग्रामीणों के साथ 26 मई को लापता आरपीएफ जवान की तलाश करने के लिए लैलख ममलखा स्टेशन चले गए और वहां पर रेल पुलिस फोर्स का सहायता लेकर लापता जवान को खोजने का काफी प्रयास किया गया। तालाब में उपलाता हुआ जवान का शव मिला जिसके बाद 27 मई को लैलख ममलखा स्टेशन से लगभग 3.5 KM दूर रेल पटरी किनारे शाम 5:30 के करीब एक तालाब में उपलाता हुआ शव मिला। शव की पहचान चांदी की अंगूठी से परिजनों द्वारा किया गया। चुकी चेहरा बदरंग हो जाने के साथ शरीर पर जख्म ओर ब्लड रहने के कारण पहचान करने में दिक्कत हो रही थी। परिजनों के मुताबिक जवान की शरीर पर से वर्दी भी गाय को पाया गया इसके अलावा मोबाइल और एक सोने की अंगूठी भी गायब है। तभी पुलिस द्वारा शव को अपने कब्जे में लेकर भागलपुर पोस्टमार्टम के लिए लाया गया और बुधवार देर शाम शव का पोस्टमार्टम कराकर आज सुबह शव एम्बुलेंस से शव को पैतृक गांव महमदा लाया गया। शव यात्रा में अमर रहे का नारा लगाते हुए जा रहे थे लोग गांव में RPF जवान के द्वारा मृतक के शरीर पर श्रद्धांजलि दिया गया। इस दौरान शव यात्रा में लोग तिरंगा झंडा लगाकर धर्मन्द्र कुमार अमर रहे का नारा लगाते हुए जा रहे थे। परिजनों द्वारा इस मामले लापरवाह RPF पुलिस अधिकारी, जवान, स्टेशन मास्टर सहित जो दोषी पाए जाते हैं उसपर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। अपने पति को खोने के बाद जहां पत्नी रानी देवी बदहवास हो चुकी है। वहीं 2 बच्चों के सिर से पिता का साया उठ जाने के बाद चिंता सताने लगी है। जबकि इकलौता भाई को खोने के बाद तीन बहनों की रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों द्वारा विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा गया कि इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी परिजनों को विभाग के द्वारा फोन नहीं किया गया। रेल चक्का जाम करने की परिजनों ने दी वार्निंग परिजनों ने जब मामले की सूचना विभाग को दी तब विभाग के द्वारा परिजनों को हवाला दिया गया कि, ‘हो सकता है कहीं बिना बताए चले गए होंगे वापस आ जाएंगे।’ आखिरकार परिजन ने ही पुलिस का सहारा लेते हुए लापता RPF जवान की शव को खोजकर निकाला। जबकि जिस स्टेशन पर जवान ड्यूटी पर तैनात थे उस स्टेशन पर ड्यूटी में तैनात स्टेशन मास्टर सहित अन्य रेल कर्मी के द्वारा भी जवान के लापता हो जाने की सूचना विभाग को नहीं दिया गया। परिजनों का आप है कि स्टेशन मास्टर से लेकर विभाग के कई अधिकारी अपने जिम्मेदारी को लेकर इस घटना में लापरवाही किये हैं। विभाग अगर सही तरीके से जांच करें तो दोषी रेल कर्मियों पर कार्रवाई हो सकती है। इसके अलावा परिजनों द्वारा चेतावनी दिया गया है कि अगर एक सप्ताह के अंदर इस घटना का खुलासा करते हुए अपराधियों को पकड़ कर कार्रवाई नहीं किया गया तो हम लोग रेल चक्का जाम करेंगे जिसका जिम्मेदार रेल प्रशासन होगा। वही इस घटना के बाद परिजन सहित गांव में शोक की लहर है। तालाब में नग्न अवस्था में शव मिला – RPF कमांडेंट वहीं इस घटना को लेकर RPF कमांडेंट हीरा प्रसाद सिंह ने बताया कि, ‘RPF जवान लैलख ममलखा स्टेशन पर तैनात थे और 25 में की शाम से अचानक लापता हो गए थे। इसके बाद हम लोगों को जब इस बात की जानकारी मिली तभी भागलपुर जिला RPF पुलिस बल के द्वारा लापता जवान की काफी खोजबीन किया गया।’ ‘फिर घटना के 2 दिन बाद 27 मई को रेलवे स्टेशन से लगभग 3.5 KM दूर रेल पटरी किनारे एक तालाब में नग्न अवस्था में शव मिला। जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम भागलपुर में कराकर परिजनों को सौंपा गया। घटना का क्या कारण है इसकी अबतक जानकारी नहीं है। क्यों जवान की हत्या की गई इसकी जांच की जा रही है। कमांडेंट ने बताया कि शव को देख प्रथम दृष्टि से यह लग रहा है कि उसकी हत्या हुई है।’ मुंगेर के रहने वाले RPF जवान धर्मेंद्र कुमार (48) को किडनैप कर मर्डर कर दिया गया। धर्मेंद्र मालदा डिवीजन के भागलपुर-साहेबगंज रेलखंड स्थित लैलख ममलखा स्टेशन पर तैनात थे। वो 25 मई की शाम से लापता थे। मृतक धर्मेंद्र मुंगेर में नया रामनगर थाना क्षेत्र के महमदा गांव में रहते थे। परिजनों और पुलिस की तलाश के बाद 27 मई की शाम उनका शव भागलपुर के लैलख ममलखा स्टेशन से करीब 3 KM दूर एक तालाब से बरामद किया गया। शव नग्न अवस्था में मिला। परिजनों ने आरोप लगाया है कि बदमाशों ने उनकी वर्दी, मोबाइल और सोने की अंगूठी भी गायब कर दी। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… अब जानें पूरा मामला… धर्मेंद्र कुमार के शरीर और गले पर कई जगह जख्म के निशान मिले हैं। परिजनों के अनुसार, अपहरण के बाद पीट-पीटकर उनकी हत्या की गई। पोस्टमार्टम के बाद गुरुवार को शव गांव पहुंचा। जमालपुर RPF के अधिकारियों और जवानों ने गांव पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। मृतक की भाभी रेखा देवी ने कहा- जिसने मेरे देवर को मारा है। उसका हिसाब होना चाहिए, पूरे परिवार को इंसाफ चाहिए। मेरा देवर था जनता के बीच में आरोपी को सजा मिलना चाहिए। वर्दी वालों को इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। जब हमने फोन किया तो पुलिस वाले से जवाब मिला कि आंधी-पानी आया था, भ्रम फैला रहा था। 3 दिन हो गया लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस वालों पर भी कार्रवाई होना चाहिए। ऑन ड्यूटी जो थे उन पर कार्रवाई होना चाहिए। स्टेशन मास्टर पर कार्रवाई होना चाहिए। पत्नी से वीडियो कॉलिंग के जरिए आखिरी बार बातचीत वहीं इस घटना को लेकर मृतक के परिजनों द्वारा आरोप लगाते हुए बताया गया कि RPF जवान धर्मेंद्र कुमार की ब्राह्मी तरीके से अगवा कर अपराधियों के द्वारा ड्यूटी के समय उसकी हत्या की गई है। जब RPF जवान स्टेशन अकेले पर ड्यूटी में तैनात थे। विभाग की ओर से एक ही जवान को ड्यूटी में रेल संपत्ति की सुरक्षा के लिए लगाया गया था। परिजनों के मुताबिक 25 मई की शाम लगभग 8 बजे जवान अपनी पत्नी रानी देवी से वीडियो कॉलिंग के जरिए आखिरी बार बातचीत की थी और इस दौरान जवान ने अपनी पत्नी से बताया था कि वह ड्यूटी के लिए जा रहे हैं। जवान ने अपनी पत्नी को खाना खाकर आराम करने की बात करते हुए फोन काट कर ड्यूटी पर चले गए थे। RPF जवान और अधिकारियों को दी गई सूचना वहीं 26 मई की सुबह जब जवान की पत्नी ने अपने पति से बातचीत करने के लिए फोन लगाया तभी उसका मोबाइल स्विच ऑफ था। जब काफी देर तक फोन नहीं लगा तभी परिजनों को अनहोनी की आशंका होने लगी। जिसके बाद मालदा स्टेशन पर रेलवे में कार्यरत एक परिजन को फोन कर घटना से अवगत कराया गया। तभी उनके द्वारा इसकी सूचना कहलगांव पोस्ट पर RPF जवान और अधिकारियों को दिया गया। इसके बाद RPF अधिकारियों के द्वारा विभाग के सीनियर ऑफिसर्स को सूचना दिया गया। इस बीच परिजन भी ग्रामीणों के साथ 26 मई को लापता आरपीएफ जवान की तलाश करने के लिए लैलख ममलखा स्टेशन चले गए और वहां पर रेल पुलिस फोर्स का सहायता लेकर लापता जवान को खोजने का काफी प्रयास किया गया। तालाब में उपलाता हुआ जवान का शव मिला जिसके बाद 27 मई को लैलख ममलखा स्टेशन से लगभग 3.5 KM दूर रेल पटरी किनारे शाम 5:30 के करीब एक तालाब में उपलाता हुआ शव मिला। शव की पहचान चांदी की अंगूठी से परिजनों द्वारा किया गया। चुकी चेहरा बदरंग हो जाने के साथ शरीर पर जख्म ओर ब्लड रहने के कारण पहचान करने में दिक्कत हो रही थी। परिजनों के मुताबिक जवान की शरीर पर से वर्दी भी गाय को पाया गया इसके अलावा मोबाइल और एक सोने की अंगूठी भी गायब है। तभी पुलिस द्वारा शव को अपने कब्जे में लेकर भागलपुर पोस्टमार्टम के लिए लाया गया और बुधवार देर शाम शव का पोस्टमार्टम कराकर आज सुबह शव एम्बुलेंस से शव को पैतृक गांव महमदा लाया गया। शव यात्रा में अमर रहे का नारा लगाते हुए जा रहे थे लोग गांव में RPF जवान के द्वारा मृतक के शरीर पर श्रद्धांजलि दिया गया। इस दौरान शव यात्रा में लोग तिरंगा झंडा लगाकर धर्मन्द्र कुमार अमर रहे का नारा लगाते हुए जा रहे थे। परिजनों द्वारा इस मामले लापरवाह RPF पुलिस अधिकारी, जवान, स्टेशन मास्टर सहित जो दोषी पाए जाते हैं उसपर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। अपने पति को खोने के बाद जहां पत्नी रानी देवी बदहवास हो चुकी है। वहीं 2 बच्चों के सिर से पिता का साया उठ जाने के बाद चिंता सताने लगी है। जबकि इकलौता भाई को खोने के बाद तीन बहनों की रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों द्वारा विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा गया कि इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी परिजनों को विभाग के द्वारा फोन नहीं किया गया। रेल चक्का जाम करने की परिजनों ने दी वार्निंग परिजनों ने जब मामले की सूचना विभाग को दी तब विभाग के द्वारा परिजनों को हवाला दिया गया कि, ‘हो सकता है कहीं बिना बताए चले गए होंगे वापस आ जाएंगे।’ आखिरकार परिजन ने ही पुलिस का सहारा लेते हुए लापता RPF जवान की शव को खोजकर निकाला। जबकि जिस स्टेशन पर जवान ड्यूटी पर तैनात थे उस स्टेशन पर ड्यूटी में तैनात स्टेशन मास्टर सहित अन्य रेल कर्मी के द्वारा भी जवान के लापता हो जाने की सूचना विभाग को नहीं दिया गया। परिजनों का आप है कि स्टेशन मास्टर से लेकर विभाग के कई अधिकारी अपने जिम्मेदारी को लेकर इस घटना में लापरवाही किये हैं। विभाग अगर सही तरीके से जांच करें तो दोषी रेल कर्मियों पर कार्रवाई हो सकती है। इसके अलावा परिजनों द्वारा चेतावनी दिया गया है कि अगर एक सप्ताह के अंदर इस घटना का खुलासा करते हुए अपराधियों को पकड़ कर कार्रवाई नहीं किया गया तो हम लोग रेल चक्का जाम करेंगे जिसका जिम्मेदार रेल प्रशासन होगा। वही इस घटना के बाद परिजन सहित गांव में शोक की लहर है। तालाब में नग्न अवस्था में शव मिला – RPF कमांडेंट वहीं इस घटना को लेकर RPF कमांडेंट हीरा प्रसाद सिंह ने बताया कि, ‘RPF जवान लैलख ममलखा स्टेशन पर तैनात थे और 25 में की शाम से अचानक लापता हो गए थे। इसके बाद हम लोगों को जब इस बात की जानकारी मिली तभी भागलपुर जिला RPF पुलिस बल के द्वारा लापता जवान की काफी खोजबीन किया गया।’ ‘फिर घटना के 2 दिन बाद 27 मई को रेलवे स्टेशन से लगभग 3.5 KM दूर रेल पटरी किनारे एक तालाब में नग्न अवस्था में शव मिला। जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम भागलपुर में कराकर परिजनों को सौंपा गया। घटना का क्या कारण है इसकी अबतक जानकारी नहीं है। क्यों जवान की हत्या की गई इसकी जांच की जा रही है। कमांडेंट ने बताया कि शव को देख प्रथम दृष्टि से यह लग रहा है कि उसकी हत्या हुई है।’  

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