वाराणसी में पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बकरीद से पहले देर रात शहर के मुस्लिम इलाकों में रूट मार्च किया। एडीशनल सीपी और जोन के पुलिस अफसरों के साथ निकले सीपी ने गोदौलिया, चौक, दालमण्डी से लंगड़ा हाफिज़ मस्जिद तथा जैतपुरा रोड से बकरिया मंडी तक सघन पैदल मार्च किया। विभिन्न इलाकों में सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। मस्जिदों में नमाज के लिए इंतजाम जाने तो रास्तों के अवरोधों को हटवाने के निर्देश दिए। सीपी ने बाजारों में पहुंचकर दुकानदारों से संवाद किया। धर्मगुरुओं से संवाद स्थापित कर सामाजिक सौहार्द एवं शांतिपूर्ण वातावरण में पर्व सम्पन्न कराने की अपील की गई। सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखते हुए कुर्बानी से संबंधित फोटो अथवा वीडियो सामग्री प्रसारित करने वालों पर त्वरित कठोर कार्रवाई सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए गए। बुधवार की आधी रात पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने अधिकारियों के साथ सड़क पर उतरकर धर्मगुरुओं एवं स्थानीय नागरिकों से संवाद किया। निर्देश दिए गए कि सार्वजनिक स्थानों एवं सड़कों पर नमाज की अनुमति नहीं होगी तथा आवश्यकता पड़ने पर विभिन्न पालियों में नमाज सम्पन्न कराई जाएगी। कुर्बानी केवल घरों के अंदर एवं बंद परिसरों में ही कराई जाए तथा खुले स्थानों, सड़कों एवं सार्वजनिक मार्गों पर कुर्बानी पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी। कुर्बानी से उत्पन्न अपशिष्ट को नगर निगम की गाड़ियों अथवा निर्धारित स्थलों पर ही डाला जाए तथा आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पर पूर्णतः रोक रहेगी तथा उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी एवं वीडियोग्राफी के माध्यम से सतत निगरानी रखी जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों, धार्मिक स्थलों एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी एवं मोबाइल गश्ती दल तैनात रहेंगे। 700 मस्जिदों और 80 ईदगाहों में नमाज बता दें कि जनपद में लगभग 700 मस्जिदों एवं करीब 80 ईदगाहों में बकरीद की नमाज अदा की जाएगी। सभी स्थलों पर सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
सभी अधिकारी एवं थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहकर नियमित गश्त करें तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु पुलिस एवं प्रशासन के मध्य प्रभावी समन्वय बनाए रखें। आपसी भाईचारा, सामाजिक सौहार्द एवं शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखते हुए पर्व सम्पन्न कराने की अपील की गई।


