जयपुर के प्रताप नगर इलाके में एक रेस्टोरेंट कर्मचारी की संदिग्ध मौत के बाद तनावपूर्ण माहौल बन गया। बुधवार रात परिजनों ने रेस्टोरेंट मालिक पर हत्या का आरोप लगाते हुए थाने के बाहर जमकर हंगामा किया और हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़ गए। फिलहाल पुलिस मामले को आत्महत्या के लिए उकसाने से जोड़कर जांच कर रही है। 20 वर्षीय प्रेम सिंह की मौत से मचा हड़कंप मामला प्रताप नगर थाना क्षेत्र के सेक्टर-8 स्थित ‘टू पल रेस्टोरेंट’ का है। मृतक की पहचान प्रेम सिंह (20) निवासी नांगल शेरपुर, बालघाट, करौली के रूप में हुई है। वह जयपुर में रेस्टोरेंट पर खाना बनाने का काम करता था। उसके पिता का नाम बाबूलाल योगी और मां का नाम पुष्पा बताया गया है। परिजनों के अनुसार मंगलवार रात करीब 9:36 बजे प्रेम सिंह ने घर फोन कर बताया था कि रेस्टोरेंट मालिक जितेंद्र सिंह ने उसके साथ मारपीट की है और उसकी करीब 20 हजार रुपये की तनख्वाह भी नहीं दे रहा है। परिवार का आरोप है कि विवाद के दौरान पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। बाद में रेस्टोरेंट मालिक ने प्रेम सिंह को पैसे देने का आश्वासन देकर वापस बुला लिया। अगले दिन मिली मौत की सूचना बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे पुलिस ने परिजनों को सूचना दी कि प्रेम सिंह ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली है। इसके बाद शव को RUHS हॉस्पिटल के मुर्दाघर में रखवाया गया। मौत की खबर मिलते ही परिजन और रिश्तेदार आक्रोशित हो गए। बड़ी संख्या में लोग प्रताप नगर थाने पहुंच गए और देर रात तक धरना-प्रदर्शन किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रेम सिंह की हत्या की गई है और मामले को आत्महत्या का रूप दिया जा रहा है। परिजनों ने साफ कहा कि जब तक हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा, तब तक वे शव नहीं लेंगे। पुलिस बोली- आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में वेतन विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और विवाद की बात सामने आई है। फिलहाल आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थिति को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इस घटना के बाद रेस्टोरेंट कर्मचारियों की सुरक्षा, वेतन विवाद और कार्यस्थल पर व्यवहार को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि प्रेम सिंह हाल ही में रोजगार के लिए जयपुर आया था और परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था।


