भारतीय खेल जगत से बुधवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। देश के वरिष्ठ खेल प्रशासक और पूर्व निशानेबाज राजा रणधीर सिंह का 79 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। मौजूद जानकारी के अनुसार वह पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे और कई दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। बाद में उन्होंने अपने आवास पर अंतिम सांस ली।राजा रणधीर सिंह भारतीय खेल प्रशासन और निशानेबाजी की दुनिया का एक बड़ा नाम माने जाते थे। उन्होंने खिलाड़ी के रूप में देश का नाम रोशन करने के साथ-साथ खेल प्रशासन में भी लंबा और प्रभावशाली योगदान दिया। बता दें कि हाल ही में उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए एशियाई ओलंपिक परिषद के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। उन्हें वर्ष 2024 में इस पद के लिए चुना गया था।उनके निधन की जानकारी भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ के सचिव राजीव भाटिया ने दी। उन्होंने गहरा दुख जताते हुए कहा कि राजा रणधीर सिंह ने भारतीय और अंतरराष्ट्रीय खेल जगत को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई थी।गौरतलब है कि राजा रणधीर सिंह ने 1978 बैंकॉक एशियाई खेलों में ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। वह एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने वाले भारत के पहले निशानेबाज बने थे। इसके अलावा उन्होंने अपने लंबे करियर में पांच ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया था।खेलों में शानदार योगदान के लिए उन्हें अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। सक्रिय खेल जीवन से संन्यास लेने के बाद उन्होंने खेल प्रशासन में कदम रखा और धीरे-धीरे भारत के सबसे प्रभावशाली खेल अधिकारियों में शामिल हो गए थे।उन्होंने भारतीय ओलंपिक संघ में महासचिव के रूप में काम किया और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के सदस्य भी रहे। खेलों के विकास और खिलाड़ियों के हितों के लिए उनके प्रयासों को हमेशा याद किया जाएगा।राजीव भाटिया ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि राजा रणधीर सिंह एक सम्मानित ओलंपियन, अर्जुन पुरस्कार विजेता और भारत ही नहीं बल्कि एशिया तथा अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक जगत के प्रमुख खेल प्रशासकों में शामिल थे। उन्होंने निशानेबाजी और ओलंपिक आंदोलन को मजबूत बनाने में अमूल्य योगदान दिया है।भारत के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा ने भी उनके निधन पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि राजा रणधीर सिंह ने अपना पूरा जीवन खेलों को समर्पित किया। एक खिलाड़ी, प्रशासक और खेलों के संरक्षक के रूप में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।राजा रणधीर सिंह का निधन भारतीय खेल जगत के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। खेल प्रशासन में उनकी समझ, अनुभव और नेतृत्व ने कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है। उनके योगदान को भारतीय खेल इतिहास में हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा।
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