लखीसराय जिले के बड़हिया नगर में निर्मित नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन में बुधवार से स्वास्थ्य सेवाएं शुरू हो गई हैं। लगभग सात महीने के इंतजार के बाद इस अत्याधुनिक अस्पताल का संचालन प्रारंभ हुआ है, जिससे मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने की उम्मीद है। पुराने रेफरल अस्पताल के सामने बना यह तीन मंजिला भवन लगभग 7 करोड़ 28 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया है। भवन का उद्घाटन पहले ही हो चुका था, लेकिन बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण इसका संचालन शुरू नहीं हो पा रहा था। फिलहाल, अस्पताल में ओपीडी, रजिस्ट्रेशन और एक्स-रे सेवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, अगले एक-दो दिनों में अन्य विभागों को भी चरणबद्ध तरीके से नए भवन में स्थानांतरित किया जाएगा। आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था पूरी हुई अस्पताल को चालू कराने में जिला प्रशासन की सक्रिय भूमिका रही। जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार लगातार अस्पताल का निरीक्षण कर रहे थे और संबंधित विभागों को लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दे रहे थे। प्रशासनिक पहल के बाद आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था पूरी हुई, जिसके परिणामस्वरूप अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं प्रारंभ हो सकीं। स्वास्थ्य सेवाएं शुरू होने के पहले दिन जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार, डीडीसी सुमित कुमार, सिविल सर्जन डॉ. जयप्रकाश और डीपीएम सुधांशु नारायण लाल सहित कई अधिकारियों ने अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में धूल और गंदगी देखकर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। मरीजों को स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण मिलना चाहिए उन्होंने साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों को स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण मिलना चाहिए। जिलाधिकारी ने प्रभारी सत्येंद्र नारायण पासवान को चिकित्सकों का रोस्टर मरीजों की आवश्यकतानुसार तैयार करने और उसका सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्वास्थ्यकर्मियों और सफाईकर्मियों की उपलब्धता की समीक्षा की और जल्द ही सभी विभागों को नए भवन में पूरी तरह संचालित करने का आश्वासन दिया। लखीसराय जिले के बड़हिया नगर में निर्मित नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन में बुधवार से स्वास्थ्य सेवाएं शुरू हो गई हैं। लगभग सात महीने के इंतजार के बाद इस अत्याधुनिक अस्पताल का संचालन प्रारंभ हुआ है, जिससे मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने की उम्मीद है। पुराने रेफरल अस्पताल के सामने बना यह तीन मंजिला भवन लगभग 7 करोड़ 28 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया है। भवन का उद्घाटन पहले ही हो चुका था, लेकिन बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण इसका संचालन शुरू नहीं हो पा रहा था। फिलहाल, अस्पताल में ओपीडी, रजिस्ट्रेशन और एक्स-रे सेवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, अगले एक-दो दिनों में अन्य विभागों को भी चरणबद्ध तरीके से नए भवन में स्थानांतरित किया जाएगा। आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था पूरी हुई अस्पताल को चालू कराने में जिला प्रशासन की सक्रिय भूमिका रही। जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार लगातार अस्पताल का निरीक्षण कर रहे थे और संबंधित विभागों को लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दे रहे थे। प्रशासनिक पहल के बाद आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था पूरी हुई, जिसके परिणामस्वरूप अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं प्रारंभ हो सकीं। स्वास्थ्य सेवाएं शुरू होने के पहले दिन जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार, डीडीसी सुमित कुमार, सिविल सर्जन डॉ. जयप्रकाश और डीपीएम सुधांशु नारायण लाल सहित कई अधिकारियों ने अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में धूल और गंदगी देखकर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। मरीजों को स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण मिलना चाहिए उन्होंने साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों को स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण मिलना चाहिए। जिलाधिकारी ने प्रभारी सत्येंद्र नारायण पासवान को चिकित्सकों का रोस्टर मरीजों की आवश्यकतानुसार तैयार करने और उसका सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्वास्थ्यकर्मियों और सफाईकर्मियों की उपलब्धता की समीक्षा की और जल्द ही सभी विभागों को नए भवन में पूरी तरह संचालित करने का आश्वासन दिया।


