फरीदाबाद के भूपानी थाना क्षेत्र में जमीन और प्लॉट खरीद-फरोख्त से जुड़ा एक बड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई लोगों ने आरोप लगाया है कि उनसे प्लॉट बेचने के नाम पर पूरी रकम वसूल ली गई, लेकिन करीब 10 साल बीत जाने के बाद भी न तो उनके नाम रजिस्ट्री कराई गई और न ही उन्हें जमीन का कब्जा दिया गया। इतना ही नहीं, जिस जमीन पर उन्हें प्लॉट देने का दावा किया गया था, उसी जमीन को बाद में किसी अन्य व्यक्ति के नाम बेच दिया गया। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। छोटे-छोटे प्लॉट काटकर बेचे, किया इकरानामा जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता सोनिया शर्मा निवासी मैदानगढ़ी, दक्षिण दिल्ली ने हरिराम, सुनील शर्मा और ब्रजेश कुमार के साथ मिलकर पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि उन्होंने रविंद्र जैन और पंकज दास नामक व्यक्तियों से भूपानी क्षेत्र में प्लॉट खरीदे थे। आरोप है कि उक्त जमीन को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर प्लॉट के रूप में बेचा गया था। सभी खरीदारों ने प्लॉट खरीदने के लिए पूरी रकम अदा कर दी थी और इस संबंध में इकरारनामा भी तैयार कराया गया था। पीड़ितों के मुताबिक पैसे लेने के बावजूद विक्रेताओं ने उनके नाम पर रजिस्ट्री नहीं करवाई। कई वर्षों तक उन्हें भरोसा दिया जाता रहा कि जल्द ही रजिस्ट्री कर दी जाएगी। समय बीतता गया और करीब 10 साल गुजरने के बाद भी उन्हें जमीन का मालिकाना हक नहीं मिला। बाद में जब उन्होंने विक्रेताओं से संपर्क करने की कोशिश की तो पता चला कि रविंद्र जैन और पंकज दास की मृत्यु हो चुकी है। आरोपी की पत्नी भी देती रही भरोसा इसके बाद शिकायतकर्ताओं ने पंकज दास की पत्नी संध्या रानी दास से संपर्क किया। आरोप है कि उन्होंने भी सभी खरीदारों को आश्वासन दिया कि कुछ समय बाद रजिस्ट्री करा दी जाएगी। लेकिन बाद में संबंधित जमीन का मुख्त्यारनामा अनिल नामक व्यक्ति के नाम कर दिया गया। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि अनिल निवासी जिला भिवानी ने वर्ष 2023 में उसी जमीन को शोभावती नाम की महिला के नाम बेच दिया और उसकी रजिस्ट्री भी करा दी। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी लगाकर प्लॉट खरीदे थे, लेकिन अब वही जमीन किसी अन्य व्यक्ति के नाम कर दी गई है। आरोप है कि जब उन्होंने अनिल से इस संबंध में बातचीत की और अपने प्लॉट की रजिस्ट्री कराने की मांग की तो उसने उन्हें धमकाया। जान से मारने की धमकी देने का आरोप शिकायतकर्ताओं के अनुसार अनिल ने कहा कि पूरी जमीन बिक चुकी है और अब उनका कोई प्लॉट नहीं बचा। इतना ही नहीं, उसने कथित तौर पर गोली मारने की धमकी भी दी और पुलिस विभाग में प्रभाव होने की बात कही। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने समय-समय पर थाना भूपानी और डीसीपी कार्यालय में कई शिकायतें दीं, लेकिन पहले उनकी सुनवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि बिना उचित जांच के शिकायतों को बंद कर दिया गया था, जिससे उन्हें लगातार परेशानी झेलनी पड़ी। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी सेंट्रल के आदेश पर थाना भूपानी पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। भूपानी थाना प्रभारी कुलदीप ने बताया कि जमीन से जुड़े सभी दस्तावेज, रजिस्ट्री रिकॉर्ड और लेनदेन की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


