सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड स्थित तरियामा मध्य विद्यालय में बुधवार को मध्यान भोजन में गड़बड़ी सामने आई। बच्चों को परोसे गए चावल में पिल्लू मिलने के बाद छात्र-छात्राओं ने भोजन करने से इनकार कर दिया और हंगामा शुरू कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक भी विद्यालय पहुंच गए। जानकारी के अनुसार, मध्यान भोजन वितरण के दौरान कुछ बच्चों ने अपनी थाली में चावल के बीच पिल्लू देखे। अन्य बच्चों ने भी भोजन की जांच की तो कई थालियों में पिल्लू पाए गए। इसके बाद बच्चों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने भोजन छोड़कर विद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। गुणवत्ता को लेकर गंभीर नहीं होने का आरोप लगाया विद्यालय की छात्राओं मुस्कान कुमारी, मधु कुमारी, शिवानी कुमारी, कोमल कुमारी, पिंकी कुमारी, नूतन कुमारी, रिंकी कुमारी और सोनाली कुमारी ने आरोप लगाया कि प्रधानाध्यापक अमरेंद्र पासवान को मामले की जानकारी देने पर उन्होंने ‘उस चावल को फेंक कर दूसरा चावल ले लो’ कहा। बच्चों ने विद्यालय प्रबंधन पर मध्यान भोजन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर न होने का आरोप लगाया। घटना की सूचना मिलते ही पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि राकेश रोशन विद्यालय पहुंचे और बच्चों व ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, छात्र-छात्राएं मामले में उच्च अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी जय किशन को सूचित किया गया। अधिकारी के आश्वासन के बाद स्थिति शांत हुई सूचना मिलते ही बीडीओ सह प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी जयकिशन विद्यालय पहुंचे। उन्होंने बच्चों और ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं। जांच के दौरान चावल में पिल्लू मिलने की पुष्टि होने के बाद उन्होंने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारी के आश्वासन के बाद स्थिति शांत हुई। इस घटना के बाद अभिभावकों में भी काफी नाराजगी देखी गई। लोगों ने विद्यालयों में बच्चों को दिए जाने वाले मध्यान भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच कराने की मांग की है। सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड स्थित तरियामा मध्य विद्यालय में बुधवार को मध्यान भोजन में गड़बड़ी सामने आई। बच्चों को परोसे गए चावल में पिल्लू मिलने के बाद छात्र-छात्राओं ने भोजन करने से इनकार कर दिया और हंगामा शुरू कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक भी विद्यालय पहुंच गए। जानकारी के अनुसार, मध्यान भोजन वितरण के दौरान कुछ बच्चों ने अपनी थाली में चावल के बीच पिल्लू देखे। अन्य बच्चों ने भी भोजन की जांच की तो कई थालियों में पिल्लू पाए गए। इसके बाद बच्चों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने भोजन छोड़कर विद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। गुणवत्ता को लेकर गंभीर नहीं होने का आरोप लगाया विद्यालय की छात्राओं मुस्कान कुमारी, मधु कुमारी, शिवानी कुमारी, कोमल कुमारी, पिंकी कुमारी, नूतन कुमारी, रिंकी कुमारी और सोनाली कुमारी ने आरोप लगाया कि प्रधानाध्यापक अमरेंद्र पासवान को मामले की जानकारी देने पर उन्होंने ‘उस चावल को फेंक कर दूसरा चावल ले लो’ कहा। बच्चों ने विद्यालय प्रबंधन पर मध्यान भोजन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर न होने का आरोप लगाया। घटना की सूचना मिलते ही पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि राकेश रोशन विद्यालय पहुंचे और बच्चों व ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, छात्र-छात्राएं मामले में उच्च अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी जय किशन को सूचित किया गया। अधिकारी के आश्वासन के बाद स्थिति शांत हुई सूचना मिलते ही बीडीओ सह प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी जयकिशन विद्यालय पहुंचे। उन्होंने बच्चों और ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं। जांच के दौरान चावल में पिल्लू मिलने की पुष्टि होने के बाद उन्होंने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारी के आश्वासन के बाद स्थिति शांत हुई। इस घटना के बाद अभिभावकों में भी काफी नाराजगी देखी गई। लोगों ने विद्यालयों में बच्चों को दिए जाने वाले मध्यान भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच कराने की मांग की है।


