-शिवमोग्गा में केपीएस परियोजना का शिलान्यास करेंगे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या Siddaramaiah और उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार D. K. Shivakumar राज्य में सरकारी स्कूलों को सशक्त बनाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक जून को शिवमोग्गा में नए कर्नाटक पब्लिक स्कूल (केपीएस) भवनों का शिलान्यास करेंगे। सरकार ने कर्नाटक Karnataka में कुल 1,000 केपीएस शुरू करने का लक्ष्य रखा है।राज्य के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री मधु बंगारप्पा ने सोमवार को शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों, प्राचार्यों, ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों तथा स्कूल विकास निगरानी समिति के सदस्यों (एसडीएमसी) के साथ समग्र शिक्षा कर्नाटक कार्यालय में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेते हुए यह बात कही।
बच्चों के लिए विशेष भोजन की व्यवस्था
मंत्री ने नए शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत को उत्सव की तरह मनाने का आह्वान करते हुए कहा कि 29, 30 और 31 मई को स्कूल परिसरों की साफ-सफाई की जाए और एक जून को स्कूल आने वाले बच्चों का पारंपरिक तरीके से उत्सव के माहौल में स्वागत किया जाए। उन्होंने कहा कि समुदाय के लोग, एसडीएमसी सदस्य और पूर्व छात्र मिलकर बच्चों के लिए विशेष भोजन की व्यवस्था करें ताकि उनमें स्कूल आने के प्रति उत्साह बढ़े।
‘हमारा स्कूल, हमारी जिम्मेदारी’ योजना के तहत दान की अपील
मंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों के विकास के लिए केवल सरकारी अनुदान पर निर्भर रहने के बजाय समाज को भी आगे आना चाहिए। राज्य में 46,000 से अधिक सरकारी स्कूल हैं और पूर्व छात्र, उद्योगपति तथा दानदाता हमारा स्कूल, हमारी जिम्मेदारी योजना के तहत आर्थिक सहयोग दे सकते हैं। दानदाता 500 रुपए से लेकर करोड़ों रुपए तक की सहायता दे रहे हैं। इस धनराशि का उपयोग स्कूलों में स्मार्ट टीवी, आरओ प्लांट, शौचालय निर्माण, पंखे और लैब उपकरण उपलब्ध कराने में किया जा रहा है।
सरकारी स्कूलों में प्रवेश बढ़ाने पर जोर
मंत्री ने कहा कि अभिभावकों को यह विश्वास दिलाया जाना चाहिए कि सरकारी स्कूलों में निजी स्कूलों से भी बेहतर और प्रशिक्षित शिक्षक उपलब्ध हैं। इसके लिए विशेष एडमिशन ड्राइव चलाकर सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने पर जोर दिया जाना चाहिए। विद्यार्थियों में पोषण स्तर सुधारने के लिए अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से प्रतिदिन अंडा या केला वितरित किया जा रहा है। इसके अलावा स्कूलों में विशेष कक्षाएं संचालित करने के लिए सरकारी स्कूलों को मुफ्त बिजली सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।


