कर्नाटक के वन, पारिस्थितिकी और पर्यावरण मंत्री ईश्वर खंड्रे Ishwar Khandre ने मंगलवार को कुक्के श्री सुब्रह्मण्य मंदिर Kukke Sri Subramanya Temple में दर्शन कर विशेष पूजा अर्चना की। इसके बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने डीम्ड फॉरेस्ट विवाद, वन्यजीव संघर्ष, प्लास्टिक मुक्त अभियान और नदी प्रदूषण रोकने को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
मंत्री ने कहा कि एकल उपयोग प्लास्टिक पर रोक के बावजूद तटीय क्षेत्रों में इसका प्रभावी पालन नहीं हो रहा है। इसलिए कुक्के श्री सुब्रह्मण्य मंदिर क्षेत्र को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाया जाएगा। मंदिर को जोडऩे वाली चारों सडक़ों पर वन विभाग की ओर से विशेष चेकपोस्ट स्थापित कर सख्त जांच के निर्देश दिए गए हैं।
समान क्षेत्रफल की वैकल्पिक भूमि
उन्होंने कहा, राज्य Karnataka में लगभग 11,900 हेक्टेयर डीम्ड फॉरेस्ट Deemed Forest भूमि है। वर्ष 2022 में तत्कालीन सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को 3.30 लाख एकड़ डीम्ड फॉरेस्ट होने की जानकारी दी थी। लेकिन इसमें स्कूल, राजस्व भूमि, निजी जमीन और सडक़ें भी शामिल हो जाने से आम जनता को परेशानी हो रही है। सुप्रीम कोर्ट ने इस विवाद का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए हैं। यदि आबादी वाले क्षेत्र वन भूमि के दायरे में आते हैं, तो उसके बदले समान क्षेत्रफल की वैकल्पिक भूमि वन विभाग को दी जाएगी।
सर्वेक्षकों के विरोध के कारण कार्य प्रभावित
मंत्री ने बताया कि वन और राजस्व विभाग संयुक्त सर्वे कर रहे हैं और अब तक 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। सर्वेक्षकों के विरोध के कारण शेष 40 प्रतिशत कार्य प्रभावित हुआ है। इस मामले को विशेष केस मानते हुए कैबिनेट बैठक में अतिरिक्त सर्वेयर नियुक्त करने का अनुरोध किया गया है। अगले दो महीने में सर्वे पूरा होने की उम्मीद है।
नदी प्रदूषण करने वालों पर आपराधिक मामला
कुमारधारा नदी समेत जिले की प्रमुख नदियों के प्रदूषित होने की शिकायतों पर मंत्री ने कहा कि जहरीला कचरा छोडऩे वाले संस्थानों और व्यक्तियों के खिलाफ स्थानीय प्रशासन के माध्यम से आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे। सभी उद्योगों और इकाइयों को अनिवार्य रूप से एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अतिक्रमण हटाने और वन्यजीव संघर्ष रोकने की तैयारी
मंत्री ने कहा कि राज्य में करीब 5,000 एकड़ वन भूमि पर हुए अतिक्रमण को जल्द हटाया जाएगा। वर्ष 2015 के बाद हुए अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, हालांकि छोटे किसानों को परेशान नहीं किया जाएगा। कस्तूरीरंगन रिपोर्ट लागू होने से मलेनाडु और तटीय क्षेत्र के लोगों को दिक्कतें हो सकती हैं, इसलिए जनप्रतिनिधियों से चर्चा की गई है।
हाथी खाई और सोलर फेंसिंग
कुक्के सुब्रह्मण्य क्षेत्र में जंगली हाथियों की आवाजाही रोकने के लिए मंदिर के आसपास हाथी खाई (एलीफेंट ट्रेंच) बनाई जाएगी। अन्य आबादी वाले इलाकों में सोलर फेंसिंग लगाई जाएगी। वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आधुनिक तकनीक और अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति भी की जाएगी।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बंदूक लाइसेंस के नवीनीकरण में वन विभाग की ओर से कोई बाधा नहीं होगी और विभाग तुरंत अनुमति देगा।
नई मानक संचालन प्रक्रिया प्रणाली
प्रसिद्ध कुमार पर्वत ट्रैकिंग में सामने आ रही कमियों को दूर करने के लिए विभाग नई मानक संचालन प्रक्रिया प्रणाली लागू करेगा। ट्रैकिंग समय के नियमों में भी बदलाव किया जाएगा और पूरी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाया जाएगा।


