बाराबंकी पुलिस ने देवा थाना क्षेत्र के ग्वारी गांव में हुई डकैती का पांच दिनों के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस मुठभेड़ के बाद ‘रोहित जाट गैंग’ के पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से दो के पैर में गोली लगी है। पुलिस ने उनके पास से 4 लाख 64 हजार रुपये नकद और भारी मात्रा में जेवरात बरामद किए हैं। बुधवार तड़के स्वाट, सर्विलांस और देवा पुलिस की संयुक्त टीम की बदमाशों से मुठभेड़ हुई। इस दौरान बहराइच निवासी जसीम अहमद और बाराबंकी के घुंघटेर निवासी सैफ नामक दो डकैतों के पैर में गोली लगी। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर गैंग के तीन अन्य सदस्यों मोहम्मद इस्माइल (सीतापुर), मोहम्मद अबरार (बाराबंकी) और बलवंत सिंह (प्रतापगढ़) को गोवर्धन कॉलोनी गेट के पास से गिरफ्तार किया। उनके कब्जे और निशानदेही पर लूटे गए 4 लाख 64 हजार रुपये नकद, सोने-चांदी के जेवरात, वारदात में इस्तेमाल वैगनआर कार, एक मोटरसाइकिल और चार अवैध तमंचे बरामद किए गए हैं। यह वारदात बीते 22 मई की रात को हुई थी। देवा थाना क्षेत्र के ग्वारी चौराहा स्थित आलोक कुमार जायसवाल के घर के पीछे का दरवाजा तोड़कर नकाबपोश बदमाश अंदर घुसे थे। उन्होंने परिवार को बंधक बनाकर मारपीट की और लाखों की नकदी व जेवरात लूटकर फरार हो गए थे। इस दुस्साहसिक डकैती के बाद पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने स्वाट और सर्विलांस समेत कई टीमों को खुलासे के लिए लगाया था। पुलिस टीमों ने मैनुअल इंटेलिजेंस, डिजिटल डेटा और दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की मदद से बदमाशों की लोकेशन ट्रेस की और उन्हें बुधवार को दबोच लिया। पुलिस के अनुसार, यह गैंग बेहद शातिर तरीके से काम करता था। ये बदमाश घूम-घूम कर ऐसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और घरों की रेकी करते थे, जहां कम लोग हों और अधिक नकदी व जेवरात रखे हों। बाराबंकी की इस वारदात के अलावा इस गिरोह ने लखनऊ, सीतापुर और गोंडा जिलों में भी डकैती और लूट की कई बड़ी वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकारी है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक पकड़े गए बदमाशों का लंबा-चौड़ा आपराधिक इतिहास है, जिन पर पहले से ही गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और लूट के दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस फरार मुख्य सरगना रोहित जाट की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।


