देश के टॉप 100 आईएएस में हरियाणा के 4 अफसर:अजय ने गुरुग्राम के ट्रैफिक सिस्टम को बदला; सतपाल का भर्ती सिस्टम पर फोकस, नेहा ने नकल रोकी

देश के टॉप 100 आईएएस में हरियाणा के 4 अफसर:अजय ने गुरुग्राम के ट्रैफिक सिस्टम को बदला; सतपाल का भर्ती सिस्टम पर फोकस, नेहा ने नकल रोकी

गुरुग्राम का ट्रैफिक सुधारने से लेकर सोनीपत में बोर्ड परीक्षाओं में नकल रोकने तक… हरियाणा के 4 आईएएस अधिकारियों की कार्यशैली अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। फेम इंडिया और एशिया पोस्ट के सर्वे में देश के टॉप-100 जिलाधिकारियों की सूची में हरियाणा के 4 अफसरों ने जगह बनाई है। इनमें गुरुग्राम के डीसी अजय कुमार, फरीदाबाद के डीसी आयुष सिन्हा, सोनीपत की डीसी नेहा सिंह और पंचकूला के डीसी सतपाल शर्मा शामिल हैं। इन अधिकारियों को प्रशासनिक सुधार, ट्रैफिक मैनेजमेंट, शिक्षा व्यवस्था, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जनसुनवाई जैसे मानकों पर बेहतर काम के लिए चुना गया है। अजय कुमार: गुरुग्राम के ट्रैफिक को सरल किया अजय कुमार हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों में शामिल हैं। गुरुग्राम जैसे कॉर्पोरेट और तेजी से विकसित हो रहे जिले में प्रशासनिक कोर्डिनेशन, अरबन डेवलपमेंट और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने पर उनका फोकस रहा है। अजय कुमार, के द्वारा गुरुग्राम में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की मॉनिटरिंग तेज की गई है। ट्रैफिक और शहरी समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय कोर्डिनेशन को बढ़ाया है। नागरिक सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर जोर दिया है। निवेश और उद्योगों के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल बनाने की पहल की है। आयुष सिन्हा: पब्लिक डीलिंग में बनाई पहचान आयुष सिन्हा वर्तमान में फरीदाबाद के डिप्टी कमिश्नर के तौर पर कार्यरत हैं। वे प्रशासनिक सुधार, शहरी प्रबंधन और जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जाने जाते हैं। बतौर फरीदाबाद डीसी आयुष सिन्हा के द्वारा प्रशासनिक सेवाओं की मॉनिटरिंग मजबूत की गई है। शहरी विकास परियोजनाओं और सरकारी योजनाओं में तेजी आई है। पब्लिक की शिकायतों के तुरंत निस्तारण पर फोकस कर रहे हैं। इसके अलावा प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े औद्योगिक और शहरी विस्तार के बीच प्रशासनिक संतुलन बनाने की पहल की है। नेहा सिंह: एजूकेशन सिस्टम पर फोकस किया 2015 बैच की आईएएस अधिकारी नेहा सिंह वर्तमान में सोनीपत की डिप्टी कमिश्नर हैं। शिक्षा, प्रशासनिक पारदर्शिता और जनसुनवाई को लेकर उनकी कार्यशैली चर्चा में रहती है।
नेहा सिंह के द्वारा सोनीपत में प्रशासनिक कार्यों के डेली रिव्यू सिस्टम को शुरू किया गया है। इसके अलावा सीएम नायब सैनी के द्वारा शुरू की गई जनसुनवाई और शिकायत समाधान व्यवस्था को सक्रिय बनाने का काम किया है। जिले के एजूकेशन सिस्टम में इन्फ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से काम किया है। इसके साथ ही बोर्ड एग्जाम में नकल रोकने पर फोकस किया। सतपाल शर्मा: 100% गवर्नमेंट प्लानिंग पर फोकस

सतपाल शर्मा पंचकूला के डिप्टी कमिश्नर हैं। वे प्रशासनिक सख्ती, कानून व्यवस्था और पारदर्शी व्यवस्था के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उन्हें आईएएस पदोन्नति के बाद पंचकूला की जिम्मेदारी मिली। सपताल शर्मा एचसीएस से आईएएस पर प्रमोट हुए हैं। इनके द्वारा गंभीर अपराधों की जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस और प्रशासन के बीच कोर्डिनेशन ने लॉ एंड ऑर्डर को मजबूत बनाने पर फोकस किया है। सरकारी विभागों में भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और सुविधाओं की निगरानी से सरकार की गुड लिस्ट में हैं। फेम इंडिया और एशिया पोस्ट ने देश के करीब 800 जिलों में काम कर रहे अधिकारियों का सर्वे किया। इस सर्वे में विशेषज्ञों की राय, ग्राउंड रिपोर्ट और मीडिया विश्लेषण के आधार पर उन जिलाधिकारियों को चुना गया, जिन्होंने अपने काम से अलग पहचान बनाई है। इन 10 प्रमुख मानकों पर किया गया मूल्यांकन…

– बेहतर प्रशासनिक क्षमता
– प्रभावी कामकाज और शासन
– नई सोच और नवाचार
– जिम्मेदारी से काम करने की शैली
– तेजी से फैसले लेने की क्षमता
– संकट से निपटने का कौशल
– संवेदनशीलता और गंभीरता
– अच्छा व्यवहार और संवाद कौशल
– जनता से जुड़ाव और संपर्क
– विकास को लेकर सकारात्मक सोच

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