भागलपुर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल परिसर को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए अस्पताल प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। अब गुटखा या खैनी खाकर अस्पताल पहुंचने वाले लोगों को मुख्य गेट से ही लौटा दिया जाएगा। अस्पताल परिसर में तंबाकू उत्पादों के सेवन और थूकने की बढ़ती शिकायतों के बाद यह निर्णय लिया गया है। इसके तहत मुख्य प्रवेश द्वार पर आने-जाने वाले लोगों की जांच की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई भी होगी। मरीजों, परिजन, कर्मचारियों की सुविधा को लेकर फैसला जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संदीप लाल ने बताया कि अस्पताल में स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाए रखना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मरीजों, परिजनों और कर्मचारियों की सुविधा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि मुंह में गुटखा या खैनी लेकर आने वाले किसी भी व्यक्ति को अस्पताल परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाए। वहीं, परिसर के अंदर तंबाकू उत्पाद के साथ पकड़े जाने पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। भास्कर इनसाइड : तंबाकू सेवन से हो सकते हैं ये नुकसान गुटखा, खैनी और अन्य तंबाकू उत्पादों का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक माना जाता है। इसके लगातार उपयोग से मुंह, जीभ, गाल और गले के कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। तंबाकू दांतों और मसूड़ों को नुकसान पहुंचाने के साथ मुंह की दुर्गंध, दांतों के कमजोर होने और सफेद दाग जैसी समस्याएं पैदा करता है। इसके अलावा हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारियों का जोखिम भी बढ़ जाता है। चिकित्सकों के अनुसार तंबाकू में मौजूद निकोटीन लत पैदा करता है, जिससे व्यक्ति धीरे-धीरे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की चपेट में आ सकता है। भागलपुर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल परिसर को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए अस्पताल प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। अब गुटखा या खैनी खाकर अस्पताल पहुंचने वाले लोगों को मुख्य गेट से ही लौटा दिया जाएगा। अस्पताल परिसर में तंबाकू उत्पादों के सेवन और थूकने की बढ़ती शिकायतों के बाद यह निर्णय लिया गया है। इसके तहत मुख्य प्रवेश द्वार पर आने-जाने वाले लोगों की जांच की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई भी होगी। मरीजों, परिजन, कर्मचारियों की सुविधा को लेकर फैसला जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संदीप लाल ने बताया कि अस्पताल में स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाए रखना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मरीजों, परिजनों और कर्मचारियों की सुविधा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि मुंह में गुटखा या खैनी लेकर आने वाले किसी भी व्यक्ति को अस्पताल परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाए। वहीं, परिसर के अंदर तंबाकू उत्पाद के साथ पकड़े जाने पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। भास्कर इनसाइड : तंबाकू सेवन से हो सकते हैं ये नुकसान गुटखा, खैनी और अन्य तंबाकू उत्पादों का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक माना जाता है। इसके लगातार उपयोग से मुंह, जीभ, गाल और गले के कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। तंबाकू दांतों और मसूड़ों को नुकसान पहुंचाने के साथ मुंह की दुर्गंध, दांतों के कमजोर होने और सफेद दाग जैसी समस्याएं पैदा करता है। इसके अलावा हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारियों का जोखिम भी बढ़ जाता है। चिकित्सकों के अनुसार तंबाकू में मौजूद निकोटीन लत पैदा करता है, जिससे व्यक्ति धीरे-धीरे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की चपेट में आ सकता है।


