एशियन गेम्स में भारत को शूटिंग का पहला गोल्ड मेडल दिलाने वाले शूटर रणधीर सिंह का बुधवार को निधन हो गया। वे 79 साल के थे और लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। पूर्व निशानेबाज रणधीर ने हाल ही में स्वास्थ्य कारणों से ओलिंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। उन्हें 2024 में 4 साल के कार्यकाल के लिए चुना गया था। रणधीर ने 1978 बैंकॉक एशियन गेम्स के ट्रैप शूटिंग इवेंट में गोल्ड मेडल जीता था। उन्होंने भारत में आयोजित 1982 एशियाड में ब्रॉन्ज और 1986 में सिल्वर भी जीता था। रणधीर ने 5 ओलिंपिक गेम्स और 1978 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की ओर से हिस्सा लिया। उन्हें 1979 में अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। बेटी राजेश्वरी इंटरनेशनल शूटर हैं, 2022 में सिल्वर जीता था रणधीर अपने पीछे पत्नी विनीता और 3 बेटियां (महिमा, सुनैना और राजेश्वरी) छोड़ गए हैं। उनकी बेटी राजेश्वरी इंटरनेशनल लेवल पर ट्रैप शूटिंग करती हैं। राजेश्वरी ने 2022 एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था। रणधीर के परिवार से कई सदस्यों ने भारत को रिप्रेजेंट किया है। उनके चाचा महाराजा यादविंद्र सिंह ने भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेला। वे IOC के सदस्य थे। रणधीर के पिता भलिंद्र सिंह भी फर्स्ट क्लास क्रिकेटर और 1947 से 1992 तक IOC सदस्य थे। खेल प्रशासन में लंबा अनुभव रहा नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के सचिव राजीव भाटिया ने उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा कि रणधीर सिंह खेल प्रशासन के सबसे सम्मानित व्यक्तियों में शामिल थे। उन्होंने शूटिंग खेल और ओलिंपिक आंदोलन के विकास में अहम योगदान दिया। वे इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (IOA) के महासचिव रहे। इतना ही नहीं, वे इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी (IOC) के सदस्य भी थे। ——————————————————- स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… फ्रेंच ओपन- कार एक्सीडेंट के बावजूद जीतीं कोको गॉफ फ्रेंच ओपन में खिताब बचाने उतरीं अमेरिकी टेनिस स्टार कोको गॉफ मंगलवार को एक छोटे कार हादसे का शिकार हो गईं। हालांकि, उन्हें चोट नहीं आई और वे मैच जीतकर दूसरे दौर में पहुंच गईं। 22 साल की गॉफ ने बताया कि रोलां गैरों पहुंचने के दौरान उनकी कार पोल से टकरा गई और क्षतिग्रस्त हो गई। उन्हें टैक्सी से स्टेडियम पहुंचना पड़ा। गाफ ने अपने ही देश की टेलर टाउनसेंड को 6-4, 6-0 से हराया। पढ़ें पूरी खबर
एशियाड में भारत के पहले गोल्ड मेडलिस्ट रणधीर नहीं रहे:5 ओलिंपिक गेम्स में निशानेबाजी की; OCA प्रेसिडेंट बनने वाले पहले भारतीय


