पटना में देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की पुण्यतिथि पर बुधवार को राजकीय समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सरकार की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की गई, लेकिन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समारोह में शामिल नहीं हुए। हालांकि उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सादर नमन! लिखा है। कांग्रेस के प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा कि यह बहुत आश्चर्य की बात है। देश के निर्माता प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की 62वीं पुण्यतिथि के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी नहीं पहुंचे। हर साल समरोह होता है, लेकिन इस बर मुख्यमंत्री नहीं पहुंच पाए। यह परंपरा रहा है कि राज्य के मुख्यमंत्री राजकीय समारोह में जाते थे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने समारोह में ना जाकर घोर पाप किया है। इसका प्रायश्चित उन्हें करना पड़ेगा अन्यथा आने वाले समय में जनता उनको जवाब देगी। समारोह में डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी पहुंचे मुख्यमंत्री और राज्यपाल के कार्यक्रम में शामिल नहीं होने की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। समारोह में डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी पहुंचे। उनके साथ मंत्री श्रवण कुमार, शीला मंडल, संजय पासवान, विधायक श्याम रजक भी मौजूद रहे। विजय कुमार चौधरी ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू देश के प्रथम प्रधानमंत्री और प्रखर स्वतंत्रता सेनानी थे। स्वतंत्रता आंदोलन में उनका योगदान अहम रहा और आजादी के बाद उन्होंने देश को प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ाने का काम किया। पूर्व सीएम नीतीश कुमार सभी समारोह में जाते थे जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री हुआ करते थे, तब वे लगभग सभी राजकीय समारोहों में शामिल होते थे। स्वतंत्रता सेनानियों, महापुरुषों और राष्ट्रीय नेताओं की जयंती-पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति लगातार देखने को मिलती थी।
भामा शाह जयंती समारोह में पहुंचे थे सम्राट चौधरी इससे पहले 29 अप्रैल को आयोजित दानवीर भामाशाह की जयंती समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शामिल हुए थे। उस कार्यक्रम में उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए समाज के लिए भामा शाह के योगदान को याद किया था। पटना में देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की पुण्यतिथि पर बुधवार को राजकीय समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सरकार की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की गई, लेकिन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समारोह में शामिल नहीं हुए। हालांकि उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सादर नमन! लिखा है। कांग्रेस के प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा कि यह बहुत आश्चर्य की बात है। देश के निर्माता प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की 62वीं पुण्यतिथि के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी नहीं पहुंचे। हर साल समरोह होता है, लेकिन इस बर मुख्यमंत्री नहीं पहुंच पाए। यह परंपरा रहा है कि राज्य के मुख्यमंत्री राजकीय समारोह में जाते थे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने समारोह में ना जाकर घोर पाप किया है। इसका प्रायश्चित उन्हें करना पड़ेगा अन्यथा आने वाले समय में जनता उनको जवाब देगी। समारोह में डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी पहुंचे मुख्यमंत्री और राज्यपाल के कार्यक्रम में शामिल नहीं होने की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। समारोह में डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी पहुंचे। उनके साथ मंत्री श्रवण कुमार, शीला मंडल, संजय पासवान, विधायक श्याम रजक भी मौजूद रहे। विजय कुमार चौधरी ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू देश के प्रथम प्रधानमंत्री और प्रखर स्वतंत्रता सेनानी थे। स्वतंत्रता आंदोलन में उनका योगदान अहम रहा और आजादी के बाद उन्होंने देश को प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ाने का काम किया। पूर्व सीएम नीतीश कुमार सभी समारोह में जाते थे जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री हुआ करते थे, तब वे लगभग सभी राजकीय समारोहों में शामिल होते थे। स्वतंत्रता सेनानियों, महापुरुषों और राष्ट्रीय नेताओं की जयंती-पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति लगातार देखने को मिलती थी।
भामा शाह जयंती समारोह में पहुंचे थे सम्राट चौधरी इससे पहले 29 अप्रैल को आयोजित दानवीर भामाशाह की जयंती समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शामिल हुए थे। उस कार्यक्रम में उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए समाज के लिए भामा शाह के योगदान को याद किया था।


