आंवला स्थित मनौना श्याम मंदिर से रविवार दोपहर अगवा किए गए डेढ़ साल के मासूम ऋषभ को पुलिस ने फिल्मी अंदाज में सकुशल बरामद कर लिया। मंगलवार आधी रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में दो अपहरणकर्ता गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिए गए। इस दौरान पुलिस का एक हेड कांस्टेबल भी घायल हो गया। बच्चे को सुरक्षित अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मासूम ऋषभ सफाईकर्मी रमन का बेटा है। रविवार दोपहर मंदिर परिसर से उसके गायब होने के बाद परिवार में कोहराम मच गया था। पुलिस ने मंदिर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो दो संदिग्ध युवक बच्चे को ले जाते दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस की पांच टीमें आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही थीं।
अलीगंज रोड पर पुलिस से हुई भिड़ंत
मंगलवार देर रात पुलिस को सूचना मिली कि बाइक सवार दो युवक बच्चे को लेकर अलीगंज रोड की तरफ जा रहे हैं। आंवला सीओ के नेतृत्व में पुलिस ने घेराबंदी कर हुलासी फाटक के पास दोनों को रोकने की कोशिश की। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली हेड कांस्टेबल उमेश की बांह को छूती हुई निकल गई। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाशों के पैर में गोली लग गई। घायल होने के बाद दोनों को मौके पर ही दबोच लिया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान शाहजहांपुर के गढ़िया रंगीन थाना क्षेत्र के धोपला करीम नगर निवासी योगेश और बदायूं के ककराला कस्बे के रहने वाले पवन सिंह के रूप में हुई है। योगेश एमएससी नर्सिंग का छात्र बताया जा रहा है।
बाइक गिरने से घायल हुआ मासूम
मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की बाइक सड़क पर गिर गई, जिससे बच्चा भी नीचे जा गिरा। पुलिस ने तुरंत मासूम को अपनी सुरक्षा में लेकर सीएचसी पहुंचाया। बच्चे के सिर में हल्की चोट आई है और एहतियात के तौर पर उसकी पट्टी की गई है। डॉक्टरों के मुताबिक बच्चा पूरी तरह सुरक्षित है। एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी बच्चे को बेचने की फिराक में थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है और इससे पहले कितने बच्चों को निशाना बनाया गया है।


