सिवनी में मंगलवार रात कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कोतवाली थाने के सामने प्रदर्शन किया। उन्होंने शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रविशंकर नाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिस अधीक्षक के नाम थाना प्रभारी को ज्ञापन देकर प्रिंसिपल के खिलाफ निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन रात करीब 8 बजे किया गया। कांग्रेस नेताओं ने कॉलेज में कथित रूप से चल रहे परीक्षा फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार के मामलों को गंभीर बताया। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि हाल ही में महाविद्यालय में एक विद्यार्थी के स्थान पर दूसरे व्यक्ति को परीक्षा देते हुए पकड़ा गया था। मामले को लेकर एनएसयूआई जिलाध्यक्ष धनंजय सिंह ने प्राचार्य, पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर को आवेदन देकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की थी। प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में शिक्षा व्यवस्था भ्रष्ट संगठन ने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में शिक्षा व्यवस्था को भ्रष्ट किया जा रहा है, जिससे गरीब विद्यार्थियों का भविष्य खतरे में है। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि पूर्व में भी इसी महाविद्यालय में परीक्षा फर्जीवाड़े के एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ था। हालांकि, उस समय केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई थी, जबकि वास्तविक आरोपी बच निकले थे। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि वर्तमान मामले में भी कॉलेज प्रशासन और कुछ राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोग जांच को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर एनएसयूआई जिलाध्यक्ष धनंजय सिंह को धमकाया गया और उनके साथियों पर दबाव बनाया गया। उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग संगठन ने बताया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की पूर्व सूचना प्रशासन को दी गई थी, इसके बावजूद पुलिस ने धनंजय सिंह सहित अन्य लोगों पर मामला दर्ज कर लिया। कांग्रेस ने कुछ विद्यार्थियों को परीक्षा देने से वंचित किए जाने को भी अन्यायपूर्ण बताया। प्रदेश कांग्रेस महासचिव राजा बघेल सहित अन्य नेताओं ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। कोतवाली थाना प्रभारी सतीश तिवारी ने पुष्टि की कि कॉलेज प्राचार्य के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच की जा रही है।


