मथुरा के नरहौली में बारात विवाद के बाद मंगलवार देर शाम क्षत्रिय सम्मेलन आयोजित किया गया। डैंपियर नगर स्थित एक होटल में ब्रज मंडल क्षत्रिय राजपूत महासभा और करणी सेना के विभिन्न घटकों ने यह सम्मेलन बुलाया। इसमें बड़ी संख्या में क्षत्रिय समाज के लोग शामिल हुए और बाहरी लोगों पर राजनीतिक लाभ के लिए जातीय संघर्ष भड़काने का आरोप लगाया। ब्रज मंडल क्षत्रिय राजपूत महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर नरेंद्र सिंह ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि नरहौली की घटना को कुछ बाहरी तत्व राजनीतिक लाभ के लिए जातीय संघर्ष का रूप देने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज ऐसे प्रयासों को सफल नहीं होने देगा और मथुरा की सामाजिक एकता व भाईचारे को बिगाड़ने की कोशिशों के प्रति सतर्क है। कुंवर नरेंद्र सिंह ने सपा नेता रामजीलाल सुमन के नरहौली दौरे पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने महाराणा राणा सांगा को गद्दार बताया था, उसे मथुरा की सीमा में प्रवेश ही नहीं करने देना चाहिए था। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षत्रिय समाज अपने महापुरुषों का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। सम्मेलन में उपस्थित समाज के अन्य प्रतिनिधियों, जिनमें कन्हैया राजावत, नेत्रपाल सिंह, जितेंद्र तोमर और सोनू ठाकुर शामिल थे, ने कहा कि सर्व समाज हमेशा डॉ. भीमराव आंबेडकर का सम्मान करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर माहौल खराब करने और विभिन्न समाजों के बीच तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। वक्ताओं ने प्रशासन से मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि जिले में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। सम्मेलन का समापन समाज की एकजुटता बनाए रखने के आह्वान के साथ हुआ।


