नूंह जिले में हरियाणा बोर्ड परीक्षाओं में खराब प्रदर्शन करने वाले सरकारी स्कूल अब शिक्षा विभाग के निशाने पर आ गए हैं। जिन स्कूलों का बोर्ड परीक्षा परिणाम 40 प्रतिशत से कम रहा है, उन स्कूलों के शिक्षकों और संबंधित स्टाफ को जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) राजेंद्र शर्मा ने नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। शिक्षा विभाग ने कमजोर परीक्षा परिणाम को गंभीरता से लिया है। विभाग का मानना है कि लगातार खराब प्रदर्शन विद्यार्थियों के भविष्य पर सीधा असर डालता है, इसलिए इसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। ऐसे स्कूलों के अध्यापकों को एक बैठक में उपस्थित होने के निर्देश भी दिए गए हैं। ‘लापरवाही मिलने पर कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई’ डीईओ राजेंद्र शर्मा ने स्पष्ट किया कि बोर्ड परीक्षाओं में खराब नतीजों को किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। जिन स्कूलों का परिणाम बेहद कमजोर रहा है, वहां पढ़ाई की व्यवस्था, शिक्षकों की कार्यशैली और विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा की जाएगी। जांच में लापरवाही सामने आने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी हो सकती है। खराब परिणाम देने वाले स्कूलों की जवाबदेही आवश्यक शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से जिले के सरकारी स्कूलों में हड़कंप मच गया है। शिक्षक अपने परीक्षा रिकॉर्ड और परिणाम संबंधी दस्तावेज तैयार करने में जुट गए हैं। वहीं, अभिभावकों का कहना है कि बोर्ड परीक्षाओं में लगातार खराब परिणाम देने वाले स्कूलों की जवाबदेही तय होना आवश्यक है, ताकि शिक्षा का स्तर सुधर सके। शिक्षा विभाग के इस कदम को कमजोर परिणाम वाले स्कूलों पर एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई माना जा रहा है। इससे आने वाले शैक्षणिक सत्र में बेहतर प्रदर्शन का दबाव बढ़ेगा और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।


