CCSU के पत्रकारिता विभाग में छात्रों का प्रदर्शन:छात्र बोले- जूलॉजी की प्रोफेसर को क्यों सौंपा जर्नलिज्म विभाग

CCSU के पत्रकारिता विभाग में छात्रों का प्रदर्शन:छात्र बोले- जूलॉजी की प्रोफेसर को क्यों सौंपा जर्नलिज्म विभाग

CCSU के तिलक स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मंगलवार को नए प्रोफेसर इंचार्ज की नियुक्ति को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। छात्रों ने विभाग में प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन के फैसले का विरोध किया। छात्रों का आरोप है कि जूलॉजी विभाग की प्रोफेसर नीलू जैन गुप्ता को पत्रकारिता विभाग का प्रोफेसर इंचार्ज बनाकर भेज दिया गया, जबकि उन्हें पत्रकारिता विषय की जानकारी नहीं है। एमएजेएमसी की छात्रा खुशी वर्मा ने कहा कि प्रोफेसर इंचार्ज का काम केवल प्रशासनिक सुझाव देना होता है, लेकिन विभाग में अन्य मामलों में भी हस्तक्षेप किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागाध्यक्ष के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाली घटनाएं हुईं। छात्रों का कहना है की नई प्रोफेसर इंचार्ज ने विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव के कक्ष में बैठने को लेकर विवाद खड़ा कर दिया। आरोप है कि विभागाध्यक्ष की कुर्सी पर खुद बैठीं और उन्हें विभागाध्यक्ष को दूसरी जगह बैठने के लिए कहा गया। घटना के बाद विभागाध्यक्ष विभाग के बाहर बने वेटिंग एरिया में बैठकर काम करते नजर आए। छात्रा प्रेरणा ने आरोप लगाया कि विभाग में शिक्षकों की सीटिंग बदली जा रही है और विभाग की चाबी भी अपने पास रखी जा रही है। उनका कहना है कि इससे शिक्षक और स्टाफ तनाव में हैं। छात्रों ने दावा किया कि एक बैठक के दौरान नई प्रोफेसर इंचार्ज ने कहा कि विभाग में सुधार की जरूरत है, इसलिए उनकी नियुक्ति की गई है। इस पर छात्रों ने सवाल उठाया कि यदि विभाग में काम नहीं हो रहा तो इंडिया टुडे की रैंकिंग में विभाग देशभर में चौथे स्थान पर कैसे आया। एमएजेएमसी के छात्र शिवम ने कहा कि जिस शिक्षक ने वर्षों तक विभाग को खड़ा किया, उन्हें अपने ही कक्ष से बाहर बैठना पड़ा, इससे छात्र आहत हैं। उन्होंने कहा कि यदि विभाग में किसी प्रोफेसर इंचार्ज की नियुक्ति करनी थी तो पत्रकारिता और जनसंचार क्षेत्र के विशेषज्ञ को भेजा जाना चाहिए था। छात्रा अक्षिता शर्मा ने कहा कि छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन अपने शिक्षकों के सम्मान के लिए खड़े हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के छात्रों के लिए अपने विभाग और शिक्षकों के पक्ष में आवाज उठाना जरूरी है। छात्रों ने यह भी कहा कि मांगें नहीं मानी गईं तो आगे भी विरोध जारी रहेगा।

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