प्रयागराज में महिला प्रिंसिपल से गैंगरेप के आरोप में नामजद किए गए मॉरिस एडगर दान पर पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उनके खिलाफ प्रयागराज के अलावा झांसी में भी केस दर्ज हो चुके हैं। पूर्व में एक अन्य महिला प्रिंसिपल भी उन पर छेड़छाड़, धमकी और अभद्रता के आरोप लगा चुकी हैं।
2024 में भी दर्ज हुई थी FIR
दो जुलाई 2024 को कर्नलगंज थाने में मॉरिस एडगर दान समेत नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। कटरा स्थित एक स्कूल की पूर्व महिला प्रिंसिपल ने आरोप लगाया था कि आरोपी उनके कार्यालय में घुस आए, छेड़छाड़ की, अश्लील हरकतें कीं और विरोध करने पर मारपीट व जान से मारने की धमकी दी।
कुछ दिनों बाद उसी महिला प्रिंसिपल ने कर्नलगंज थाने में एक और मुकदमा दर्ज कराया, जिसमें छेड़छाड़ और धमकी देने के आरोप लगाए गए।
सिविल लाइंस और झांसी में भी केस
इसके पहले 2023 में सिविल लाइंस थाने में धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में भी मॉरिस एडगर दान के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी।
वहीं, 2013 में झांसी के नवाबाद थाने में भी उन पर धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी वर्ष झांसी के प्रेमनगर थाने में भी जाली दस्तावेजों के जरिए धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए एक और केस दर्ज कराया गया।
गैंगरेप केस में पुलिस तलाश में
तीन दिन पहले कर्नलगंज थाने में दर्ज गैंगरेप केस के बाद पुलिस अब मॉरिस एडगर दान समेत अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस की एक टीम सिविल लाइंस स्थित उनके कार्यालय भी पहुंची थी, लेकिन वह वहां नहीं मिले। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
क्या है मौजूदा मामला
कटरा स्थित स्कूल की महिला प्रिंसिपल ने कर्नलगंज थाने में दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया है कि मॉरिस एडगर दान, उनके बेटे एलन दान और अन्य लोगों ने नौकरी से निकालने का डर दिखाकर लंबे समय तक उनका यौन शोषण किया। विरोध करने पर गालियां देने और जान से मारने की धमकी का भी आरोप लगाया गया है।
महिला का कहना है कि तलाकशुदा होने का फायदा उठाकर उन्हें कार्यालयों में बुलाया जाता था और गलत तरीके से छूकर उत्पीड़न किया जाता था।
कौन हैं मॉरिस एडगर दान
चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया के अंतर्गत आने वाले लखनऊ डायसिस के वर्तमान बिशप मॉरिस एडगर दान का मुख्यालय प्रयागराज में स्थित है। इसका प्रमुख कैथेड्रल ऑल सेंट्स कैथेड्रल है।
लखनऊ डायसिस पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में चर्च, स्कूल, सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं का संचालन करता है।


