अयोध्या में गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर से बचाव के लिए चलाया जा रहा ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान धीमी गति से चल रहा है। 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों के लिए निर्धारित 28,836 के लक्ष्य के मुकाबले अब तक केवल 1,564 किशोरियों को ही टीका लगाया जा सका है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को निःशुल्क एचपीवी टीका लगाया जा रहा है। जनपद को इस अभियान के तहत कुल 28,836 किशोरियों के टीकाकरण का लक्ष्य मिला है। अभियान की धीमी प्रगति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने इसे तेज करने के निर्देश जारी किए हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार भिटौरिया ने सभी संबंधित अधिकारियों, एएनएम और स्वास्थ्य कर्मियों को अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि एएनएम अपने-अपने क्षेत्रों में आशा एवं संगिनी कार्यकर्ताओं के साथ नियमित बैठकें करें और अधिक से अधिक किशोरियों तथा उनके अभिभावकों को टीकाकरण के लिए जागरूक करें। स्वास्थ्य विभाग ने रोस्टर दिवस पर प्रत्येक नामित एएनएम के लिए कम से कम दस लाभार्थियों का टीकाकरण सुनिश्चित करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है। अधिकारियों का मानना है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ने से अभियान में तेजी आएगी और अधिक किशोरियां इस टीके का लाभ उठा सकेंगी। एचपीवी टीकाकरण अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. पी.सी. भारती ने लोगों से अपील की है कि जिन परिवारों में 14 से 15 वर्ष की किशोरियां हैं, वे उन्हें अवश्य टीका लगवाएं। उन्होंने बताया कि एचपीवी टीका महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने में प्रभावी माना जाता है और समय पर टीकाकरण भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने में सहायक हो सकता है।


