CBI registers FIR Twisha Sharma husband Samarth Singh: एक हंसती-खेलती खूबसूरत दुनिया, रैंप पर बिखरा जलवा और आंखों में सुनहरे भविष्य के हजारों सपने- नोएडा की रहने वाली पूर्व मिस पुणे विजेता ट्विशा शर्मा की जिंदगी कुछ ऐसी ही थी। लेकिन किसे पता था कि शादी के चंद महीनों बाद ही इन सपनों का अंत भोपाल के एक बंद कमरे में होगा। बीती 12 मई को जब 33 साल की ट्विशा का शव उनके ससुराल में मिला, तो एक मां का कलेजा फट गया। ससुराल पक्ष इसे डिप्रेशन में की गई आत्महत्या कह रहा है, जबकि मायके वालों का आरोप है कि उनकी लाडली किसी साजिश और बेरहम जुल्म का शिकार हुई है। अब इस अनसुलझी कहानी को बाहर लाने के लिए CBI मैदान में उतर चुकी है।
ट्विशा की विदाई के समय सास ने मांगे थे 2 लाख रुपये (giribala Singh Demanded Rs 2 Lakh During Vidai)
ट्विशा शर्मा की रहस्यमय मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मध्य प्रदेश पुलिस से केस अपने हाथ में लेते ही एक बड़ा एक्शन लिया है। सीबीआई ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में दहेज हत्या और प्रताड़ना की गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। दिल्ली से भोपाल पहुंची सीबीआई की विशेष टीम ने घटनास्थल का मुआयना कर अपनी जांच भी शुरू कर दी है।
इस बीच, सीबीआई की FIR की जो एक्सक्लूसिव डिटेल्स सामने आई हैं, वह बेहद चौंकाने वाली हैं। FIR के मुताबिक, ट्विशा शर्मा की सास और पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह ने शादी के बाद विदाई के समय लड़की वालों से 2 लाख रुपये कैश की डिमांड की थी, जिसे ट्विशा के परिवार ने मजबूरी में पूरा भी किया था।
ट्विशा की समर्थ संग हुई थी दिसंबर में शादी (Giribala Singh dowry harassment allegations)
सीबीआई द्वारा 25 मई 2026 को दर्ज की गई FIR के अनुसार, ट्विशा शर्मा की शादी पिछले साल 9 दिसंबर 2025 को पेशे से वकील समर्थ सिंह के साथ हुई थी। लेकिन शादी के कुछ दिन बाद से ही उनके ससुराल वालों ने कम दहेज लाने का ताना देकर उन्हें प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। शिकायत में साफ कहा गया है कि ट्विशा को उनके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह द्वारा लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे वह भारी तनाव में थीं।
केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2) (दहेज हत्या), 85 (क्रूरता) और 3(5) के साथ-साथ दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान और मीडिया को दी नसीहत
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पिछले शनिवार को खुद इस केस का संज्ञान लिया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की तीन सदस्यीय बेंच ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि रसूख के कारण जांच की प्रक्रियात्मक अनियमितताएं साफ दिख रही हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने दोनों पक्षों के परिवारों को “अनावश्यक रूप से” मीडिया में बयानबाजी करने से बचने और प्रेस को इस संवेदनशील मामले में संयम बरतने की हिदायत दी।
दूसरी तरफ, घटना के बाद से करीब 10 दिनों तक फरार चल रहे आरोपी पति समर्थ सिंह को पुलिस ने पिछले हफ्ते ही गिरफ्तार किया है, जबकि पूर्व जज सास गिरिबाला सिंह की भूमिका की जांच अब सीबीआई नए सिरे से कर रही है। सिंह परिवार ने इन सभी आरोपों को झूठा बताते हुए दावा किया है कि ट्विशा नशे की आदी थीं, लेकिन सीबीआई अब इस हाई-प्रोफाइल मौत के पीछे छिपी पूरी साजिश का पर्दाफाश करने में जुट गई है।


