मार्को रूबियो की पत्नी ने जयपुर में की खरीदारी:मगंलवार सुबह दिल्ली रवाना, एयरपोर्ट स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों से मुलाकात की

मार्को रूबियो की पत्नी ने जयपुर में की खरीदारी:मगंलवार सुबह दिल्ली रवाना, एयरपोर्ट स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों से मुलाकात की

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो मंगलवार सुबह विशेष विमान से जयपुर से नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए। इस एक दिवसीय महत्वपूर्ण जयपुर यात्रा के दौरान उन्होंने राजस्थान की संस्कृति, विरासत और पारंपरिक कला को करीब से देखा। दिल्ली लौटने से पहले उन्होंने अपनी पत्नी और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ विश्व प्रसिद्ध आमेर महल का भ्रमण किया, जहां उनका राजस्थानी परंपरा के अनुसार भव्य स्वागत किया गया था। जानकारी के अनुसार मार्को रूबियो की पत्नी जेनेट डी. रूबियो और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर जयपुर के रामगढ़ मोड़ स्थित एक हैंडीक्राफ्ट स्टोर पहुंचे। यहां उन्होंने राजस्थान के पारंपरिक कारपेट, हैंडलूम उत्पादों और हस्तशिल्प वस्तुओं के बारे में जानकारी ली। यहां मौजूद शिल्प उत्पादों की गुणवत्ता और पारंपरिक डिजाइन की उन्होंने सराहना भी की। बताया जा रहा है कि उन्होंने कुछ उत्पादों की खरीदारी भी की, हालांकि सुरक्षा प्रोटोकॉल और आधिकारिक कारणों के चलते इससे जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। एयरपोर्ट पर क्लिक करवाए फोटोज दिल्ली रवाना होने से पहले जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मार्को रूबियो ने एयरपोर्ट स्टाफ और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों से मुलाकात भी की। उन्होंने स्टाफ के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और यात्रा के दौरान सहयोग के लिए सभी का धन्यवाद किया। सूत्रों के अनुसार एयरपोर्ट पर उनका यह सहज और आत्मीय व्यवहार वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। आमेर महल में लोक कलाकारों ने किया स्वागत वहीं सोमवार को ही आमेर महल पहुंचने पर विदेशी मेहमानों का स्वागत पारंपरिक राजस्थानी अंदाज में किया गया। लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों और सांस्कृतिक माहौल ने उनकी यात्रा को खास बना दिया। आमेर महल की ऐतिहासिक स्थापत्य कला, राजपूती विरासत और शाही इतिहास की जानकारी भी उन्हें दी गई। रूबियो ने महल की वास्तुकला और सांस्कृतिक विरासत में विशेष रुचि दिखाई। जयपुर प्रवास के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। एयरपोर्ट से लेकर आमेर महल और अन्य निर्धारित स्थलों तक सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहीं। विशेषज्ञों के अनुसार राजस्थान की कला, हस्तशिल्प, विरासत और मेहमाननवाजी से जुड़ी यह यात्रा केवल एक औपचारिक दौरा नहीं रही, बल्कि सांस्कृतिक जुड़ाव और भारत-अमेरिका संबंधों के मानवीय पक्ष को भी मजबूत करने वाली मानी जा रही है। जयपुर की ऐतिहासिक धरोहर और पारंपरिक स्वागत शैली ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पर गहरी छाप छोड़ी।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *