नौतपा की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने अपने तेवर और तल्ख कर दिए हैं। मेरठ में लगातार भीषण गर्मी और उमस से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा दिखाई दे रहा है और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिन तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं है।
सोमवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला पर अधिकतम तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पिछले साल 25 मई की तुलना में इस बार तापमान 13.2 डिग्री अधिक दर्ज किया गया, जिससे गर्मी का असर और ज्यादा महसूस किया जा रहा है। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम. शमीम ने बताया कि आगामी तीन दिनों तक तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है। 29 मई के बाद मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है, लेकिन उससे पहले तेज धूप और लू जैसे हालात बने रहने की संभावना है। लगातार बढ़ती गर्मी का असर केवल लोगों पर ही नहीं बल्कि पशु-पक्षियों पर भी दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने, अधिक पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है।
इसलिए बढ़ रही गर्मी
विशेषज्ञों के अनुसार नौतपा शुरू होते ही सूर्य की किरणें सीधे धरती पर अधिक प्रभाव डालती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है। इस बार तेज धूप, साफ आसमान, पश्चिमी गर्म हवाओं, बारिश और बादलों की कमी, बढ़ते प्रदूषण, कंक्रीट के फैलाव और घटती हरियाली के कारण गर्मी अधिक महसूस हो रही है। वहीं गर्मी के साथ ही बीते दिन शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 304 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में माना जाता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश होने के बाद ही AQI में सुधार की संभावना है।


