बरेली में इन दिनों गर्मी का प्रकोप चरम पर है। सूरज की तल्ख किरणों ने लोगों का घर से निकलना मुहाल कर दिया है। आज मंगलवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। हालांकि, सुबह के समय 36 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया और हल्की ठंडी हवाओं ने थोड़ी राहत दी, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ रहा है, तपिश बढ़ती जा रही है। पिछले पांच वर्षों के मौसम का बदलता स्वरूप बरेली के पिछले पांच वर्षों के मौसम का विश्लेषण करें तो मई और जून के महीने सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण रहे हैं। वर्ष 2022 और 2024 में तापमान कई बार 43 से 45 डिग्री तक दर्ज किया गया, जिसने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। वहीं, 2021 और 2023 में प्री-मानसून बारिश ने थोड़ी राहत दी थी, लेकिन उमस ने लोगों को खासा परेशान किया। इस वर्ष गर्मी का मिजाज अधिक आक्रामक है और लू के थपेड़े आम जनजीवन को प्रभावित कर रहे हैं। नौतपा में सूर्य पृथ्वी के होता है काफी नजदीक बात करें नौतपा की, तो ज्योतिषीय और मौसम विज्ञान के अनुसार यह काल ज्येष्ठ मास के दौरान आता है। जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तब नौतपा की शुरुआत होती है। मान्यता है कि इन नौ दिनों तक सूर्य की किरणें सीधी पृथ्वी पर पड़ती हैं, जिससे भीषण गर्मी होती है। पौराणिक दृष्टिकोण से इन नौ दिनों का तपना अच्छी बारिश का संकेत माना जाता है। इस वर्ष नौतपा के दौरान तापमान के 42 से 45 डिग्री के बीच रहने की संभावना जताई गई है। दिन में घर से न निकले, खूब पानी पिए गर्मी के इस दौर में स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। गर्मी से बचने के लिए भरपूर पानी पीने और दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकलने की अपील की गई है। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। फिलहाल, शहरवासी मानसून का इंतजार कर रहे हैं ताकि उन्हें इस भीषण गर्मी और तपिश से निजात मिल सके। तब तक, मौसम का यह उतार-चढ़ाव बरेली की दिनचर्या को पूरी तरह से प्रभावित करता रहेगा।


