CBSE पाठ्यक्रम में मैथिली को मिली जगह:सीएम सम्राट चौधरी ने किया पोस्ट- भारतीय भाषाओं, संस्कृति-परंपराओं को मजबूती मिलेगी

CBSE पाठ्यक्रम में मैथिली को मिली जगह:सीएम सम्राट चौधरी ने किया पोस्ट- भारतीय भाषाओं, संस्कृति-परंपराओं को मजबूती मिलेगी

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के पाठ्यक्रम में अब मैथिली भाषा को मातृभाषा विषय के रूप में शामिल किया गया है। कक्षा 1 से लेकर माध्यमिक स्तर तक छात्रों को मैथिली पढ़ने का अवसर मिलेगा। इसपर सीएम सम्राट चौधरी ने जताई खुशी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मिथिला की सांस्कृतिक विरासत-मातृभाषा मैथिली को शिक्षा व्यवस्था में मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में यह ऐतिहासिक फैसला है। उन्होंने कहा कि CBSE पाठ्यक्रम में मैथिली को शामिल किया जाना मिथिला की सांस्कृतिक अस्मिता और भाषाई गौरव के लिए गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय भाषाओं, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन को लगातार मजबूती मिल रही है। यह फैसला आने वाली पीढ़ियों को अपनी मातृभाषा, संस्कृति और जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा। शिक्षा मंत्रालय ने सांसद को भेजा पत्र केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर को पत्र भेजकर जानकारी दी है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत मातृभाषाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। पत्र में बताया गया कि मैथिली संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में से एक है। गोपालजी ठाकुर ने कहा कि विद्यार्थियों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा देने की व्यवस्था की जा रही है। इसी दिशा में मैथिली भाषा को भी विद्यालयी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। NCERT ने तैयार किए प्राइमर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने मैथिली सहित 121 भारतीय भाषाओं में प्राइमर तैयार किए हैं। साथ ही NCERT की किताबों का अनुवाद भी मैथिली समेत 22 अनुसूचित भाषाओं में किया जा रहा है। 2026-27 सत्र से लागू होगा फैसला CBSE ने शिक्षा मंत्रालय को जानकारी दी है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से माध्यमिक स्तर पर मैथिली विषय को CBSE पाठ्यक्रम में शामिल कर लिया गया है। मैथिली का पाठ्यक्रम CBSE की अकादमिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध करा दिया गया है। इस फैसले के बाद मिथिला क्षेत्र में खुशी का माहौल है। लोगों का मानना है कि इससे मैथिली भाषा को नई पहचान और सम्मान मिलेगा, साथ ही नई पीढ़ी अपनी भाषा और संस्कृति से और मजबूती से जुड़ सकेगी। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के पाठ्यक्रम में अब मैथिली भाषा को मातृभाषा विषय के रूप में शामिल किया गया है। कक्षा 1 से लेकर माध्यमिक स्तर तक छात्रों को मैथिली पढ़ने का अवसर मिलेगा। इसपर सीएम सम्राट चौधरी ने जताई खुशी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मिथिला की सांस्कृतिक विरासत-मातृभाषा मैथिली को शिक्षा व्यवस्था में मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में यह ऐतिहासिक फैसला है। उन्होंने कहा कि CBSE पाठ्यक्रम में मैथिली को शामिल किया जाना मिथिला की सांस्कृतिक अस्मिता और भाषाई गौरव के लिए गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय भाषाओं, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन को लगातार मजबूती मिल रही है। यह फैसला आने वाली पीढ़ियों को अपनी मातृभाषा, संस्कृति और जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा। शिक्षा मंत्रालय ने सांसद को भेजा पत्र केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर को पत्र भेजकर जानकारी दी है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत मातृभाषाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। पत्र में बताया गया कि मैथिली संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में से एक है। गोपालजी ठाकुर ने कहा कि विद्यार्थियों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा देने की व्यवस्था की जा रही है। इसी दिशा में मैथिली भाषा को भी विद्यालयी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। NCERT ने तैयार किए प्राइमर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने मैथिली सहित 121 भारतीय भाषाओं में प्राइमर तैयार किए हैं। साथ ही NCERT की किताबों का अनुवाद भी मैथिली समेत 22 अनुसूचित भाषाओं में किया जा रहा है। 2026-27 सत्र से लागू होगा फैसला CBSE ने शिक्षा मंत्रालय को जानकारी दी है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से माध्यमिक स्तर पर मैथिली विषय को CBSE पाठ्यक्रम में शामिल कर लिया गया है। मैथिली का पाठ्यक्रम CBSE की अकादमिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध करा दिया गया है। इस फैसले के बाद मिथिला क्षेत्र में खुशी का माहौल है। लोगों का मानना है कि इससे मैथिली भाषा को नई पहचान और सम्मान मिलेगा, साथ ही नई पीढ़ी अपनी भाषा और संस्कृति से और मजबूती से जुड़ सकेगी।  

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