भागलपुर के कहलगांव अनुमंडल अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. पवन कुमार गुप्ता का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में डॉ एक व्यक्ति के साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं, जबकि दूसरा रिकॉर्ड कर रहा है। ग्लास में कुछ पी रहे हैं। यह दावा किया जा रहा है कि वह शराब का सेवन कर रहे हैं। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है, ग्लास में शराब है या कुछ और। प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. पवन कुमार गुप्ता ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से संचालित एक क्लीनिक के खिलाफ कार्रवाई के बाद उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। साजिश का लगाया आरोप डॉ. पवन कुमार गुप्ता ने कहा कि ये वीडियो कब की है, इसकी जानकारी उन्हें भी नहीं है। हम जूस पी रहे थे। अब अगर खाना-पीना भी जुर्म हो गया है तो यह अलग बात है। कुछ लोग लगातार वीडियो के आधार पर उनसे पैसों की मांग कर रहे हैं। अवैध क्लीनिक के खिलाफ कार्रवाई करने के कारण उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। यह वास्तव में शराब पीने का वीडियो होता तो, उसी समय वायरल हो सकता था। अब अचानक इस तरह का मामला सामने आ रहा है, जिससे स्पष्ट है कि इसके पीछे किसी की साजिश है। फरार संचालक की तलाश जारी अनुमंडल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 20 दिन पहले कहलगांव स्थित गंगा सेवा सदन में छापेमारी की थी। जांच में पाया गया कि बिना रजिस्ट्रेशन कराए अस्पताल का संचालन किया जा रहा था। प्रशासन ने अस्पताल को सील कर दिया है। संचालक मनोज कुमार और उसकी पत्नी रीना देव पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने रीना देवी को गिरफ्तार कर लिया है। संचालक मनोज कुमार फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। इस कार्रवाई में प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. पवन कुमार गुप्ता की भी प्रमुख भूमिका थी। अस्पताल पर कार्रवाई के बाद से ही इसे वायरल किया गया है। भागलपुर के कहलगांव अनुमंडल अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. पवन कुमार गुप्ता का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में डॉ एक व्यक्ति के साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं, जबकि दूसरा रिकॉर्ड कर रहा है। ग्लास में कुछ पी रहे हैं। यह दावा किया जा रहा है कि वह शराब का सेवन कर रहे हैं। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है, ग्लास में शराब है या कुछ और। प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. पवन कुमार गुप्ता ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से संचालित एक क्लीनिक के खिलाफ कार्रवाई के बाद उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। साजिश का लगाया आरोप डॉ. पवन कुमार गुप्ता ने कहा कि ये वीडियो कब की है, इसकी जानकारी उन्हें भी नहीं है। हम जूस पी रहे थे। अब अगर खाना-पीना भी जुर्म हो गया है तो यह अलग बात है। कुछ लोग लगातार वीडियो के आधार पर उनसे पैसों की मांग कर रहे हैं। अवैध क्लीनिक के खिलाफ कार्रवाई करने के कारण उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। यह वास्तव में शराब पीने का वीडियो होता तो, उसी समय वायरल हो सकता था। अब अचानक इस तरह का मामला सामने आ रहा है, जिससे स्पष्ट है कि इसके पीछे किसी की साजिश है। फरार संचालक की तलाश जारी अनुमंडल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 20 दिन पहले कहलगांव स्थित गंगा सेवा सदन में छापेमारी की थी। जांच में पाया गया कि बिना रजिस्ट्रेशन कराए अस्पताल का संचालन किया जा रहा था। प्रशासन ने अस्पताल को सील कर दिया है। संचालक मनोज कुमार और उसकी पत्नी रीना देव पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने रीना देवी को गिरफ्तार कर लिया है। संचालक मनोज कुमार फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। इस कार्रवाई में प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. पवन कुमार गुप्ता की भी प्रमुख भूमिका थी। अस्पताल पर कार्रवाई के बाद से ही इसे वायरल किया गया है।


