उन्नाव में बाइक लूट, ज्वेलर्स के खुलासे का मामला:चार आरोपी गिरफ्तार होने पर SSP-ASP को व्यापार मंडल ने सम्मानित किया

उन्नाव में बाइक लूट, ज्वेलर्स के खुलासे का मामला:चार आरोपी गिरफ्तार होने पर SSP-ASP को व्यापार मंडल ने सम्मानित किया

उन्नाव पुलिस ने जिले में हुई बाइक लूट और ज्वैलर्स दुकान में डकैती की घटनाओं का सफल खुलासा कर दिया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और जीआरपी-आरपीएफ के समन्वय से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सोमवार को व्यापार मंडल के पदाधिकारी एसएसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस टीम को सम्मानित किया। जयप्रकाश सिंह ने बताया कि 19 मई को थाना बीघापुर और अचलगंज क्षेत्र में बाइक लूट की दो घटनाएं हुई थीं। इसके अगले दिन 20 मई को कोतवाली क्षेत्र स्थित एक ज्वैलर्स दुकान में डकैती की वारदात सामने आई। पुलिस जांच में सामने आया कि चारों आरोपी इन दोनों घटनाओं में शामिल थे। एसओजी और थाना पुलिस की बनाई गई टीम मामले की गंभीरता को देखते हुए एसओजी टीम, संबंधित थाना पुलिस, एडिशनल एसपी उत्तरी और सीओ सिटी के नेतृत्व में विशेष टीमें गठित की गईं। पुलिस ने लगातार लोकेशन ट्रैकिंग और सीसीटीवी जांच शुरू की। जांच में पता चला कि पुलिस की सख्त चेकिंग शुरू होने के बाद आरोपियों ने गंगाघाट थाना क्षेत्र में लूटी गई दोनों बाइकें छोड़ दी थीं। कानपुर स्टेशन तक किया पीछा पुलिस टीम ने आरोपियों का पीछा करते हुए कानपुर रेलवे स्टेशन तक जांच पहुंचाई। वहां आरपीएफ के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें आरोपी ट्रेन से जाते दिखाई दिए। देर रात करीब तीन से साढ़े तीन बजे पुलिस को अहम सुराग मिले। इसके बाद जीआरपी की मदद से आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। लूटा गया सामान बरामद एसएसपी जयप्रकाश सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से लूटी गई सभी बाइकें और ज्वैलर्स दुकान से लूटा गया पूरा सामान बरामद कर लिया गया है। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। व्यापारियों ने पुलिस टीम को सराहा घटना के सफल खुलासे के बाद व्यापार मंडल के पदाधिकारी रजनीकांत श्रीवास्तव अपने साथियों के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस टीम की सराहना की। व्यापारियों ने कहा कि पुलिस की तत्परता से व्यापारियों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत हुआ है। CCTV और रेलवे ट्रैकिंग बनी सफलता की कुंजी पुलिस के मुताबिक आरोपियों तक पहुंचने में सीसीटीवी फुटेज ने अहम भूमिका निभाई। कानपुर रेलवे स्टेशन के आरपीएफ कैमरों में आरोपियों की गतिविधियां कैद हुईं, जिसके बाद जीआरपी की मदद से गिरफ्तारी संभव हो सकी।

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