इटावा में राष्ट्रीय जनगणना महाअभियान के दौरान एक अलग और प्रेरणादायक तस्वीर देखने को मिली। सदर तहसीलदार राजकुमार ने सरकारी वाहन छोड़कर साइकिल से गांव पहुंचकर जनगणना कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने ईंधन बचत, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश देते हुए कांधनी गांव में घर-घर जाकर सर्वे की हकीकत परखी। इस दौरान 120 घरों की जनगणना पूरी कराई गई और ग्रामीणों से सही जानकारी देने की अपील भी की गई। रविवार सुबह सदर तहसीलदार राजकुमार अपनी राजस्व टीम के साथ साइकिलों से विकास खंड क्षेत्र के कांधनी गांव पहुंचे। भीषण गर्मी के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों को साइकिल पर देखकर ग्रामीण हैरान भी हुए और प्रभावित भी नजर आए। तहसीलदार ने बताया कि प्रधानमंत्री के ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को व्यवहार में लाने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। उनका कहना था कि साइकिल चलाने से स्वास्थ्य बेहतर रहता है, ईंधन की बचत होती है और पर्यावरण को भी नुकसान कम पहुंचता है। घर-घर जाकर परखी जनगणना की स्थिति गांव पहुंचने के बाद तहसीलदार ने खुद घर-घर जाकर जनगणना कार्य का निरीक्षण किया। कांधनी गांव में कुल 120 घरों का सर्वे पूरा कराया गया और मकानों के बाहर निर्धारित नंबर भी दर्ज कराए गए। निरीक्षण के दौरान लेखपाल अर्जुन, सुपरवाइजर और प्रगणक मौके पर मौजूद मिले, जो घर-घर जाकर लोगों की जानकारी दर्ज कर रहे थे। तहसीलदार ने कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया। लापरवाही पर दी सख्त चेतावनी समीक्षा के दौरान तहसीलदार राजकुमार ने जनगणना कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी सूचनाएं पूरी सटीकता और पारदर्शिता के साथ दर्ज की जाएं। साथ ही ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जनगणना देश की विकास योजनाओं और नीतियों की आधारशिला होती है, इसलिए सभी लोग सही जानकारी देकर प्रशासन का सहयोग करें, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। तहसीलदार की इस अनोखी पहल की प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच काफी सराहना हो रही है।


