जालंधर स्थित मिठू बस्ती के अर्जुन नगर इलाके में नई सड़क बनने के बाद से हालात बदतर हो गए हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और मौजूदा पार्षद के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया है। लोगों का आरोप है कि बिना सीवरेज और वाटर सप्लाई की पाइपलाइन ठीक किए ही सड़क पर मलबा डालकर उसका लेवल ऊंचा कर दिया गया, जिससे सीवरेज का गंदा पानी बैक मारकर गलियों और घरों में घुस रहा है। दूषित पानी की वजह से बच्चे बीमार हो रहे हैं। निवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रशासन ने बिना किसी योजना के पुरानी सड़क के ऊपर ही मलबा और गिट्टी डालकर नया निर्माण कर दिया।
सड़क का लेवल ऊंचा होने के कारण अब पूरी गली का ढलान घरों की तरफ हो गया है। इसके अलावा, सीवरेज सिस्टम पूरी तरह से ब्लॉक हो चुका है, जिससे गंदा और बदबूदार पानी बैक मारकर गलियों में जमा हो रहा है। स्थिति इतनी खराब है कि लोगों का अपने घरों से बाहर निकलना और पैदल चलना भी दूषित पानी के कारण दूभर हो गया है। क्या हम इंसान नहीं, जानवर हैं? – फूटा लोगों का गुस्सा गुस्साए निवासियों ने प्रशासन और मौजूदा पार्षद पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि जब चुनाव आते हैं, तो नेता पैर पकड़कर वोट मांगते हैं, लेकिन जीतने के बाद वे सुध लेना भी जरूरी नहीं समझते। प्रदर्शनकारियों ने तीखे शब्दों में कहा की क्या हम इंसान नहीं, जानवर हैं जो इस गंदगी में रहने को मजबूर हैं? पॉश इलाकों की सफाई तुरंत होती है, लेकिन हमारे स्लम और पिछड़े इलाकों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सीवरेज के इस गंदे पानी के कारण इलाके में बदबू फैली हुई है। छोटे-छोटे बच्चे इस दूषित माहौल के कारण बीमार पड़ रहे हैं। महामारी फैलने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बावजूद निगम अधिकारियों या पार्षद के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। पीने के पानी में भी आ रही गंदगी स्थानीय निवासियों का यह भी आरोप है कि सीवरेज ब्लॉक होने के कारण अब पीने के पानी की सप्लाई में भी गंदा और बदबूदार पानी मिक्स होकर आ रहा है। लोग इस गंदे पानी को पीने को मजबूर हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ रहा है। मौके पर मौजूद कांग्रेस नेताओं और समाज सेवकों ने भी स्थानीय लोगों के इस प्रदर्शन का समर्थन किया। निवासियों ने दो टूक शब्दों में प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ दिनों के भीतर सीवरेज की सफाई नहीं कराई गई और सड़क तथा पानी की पाइपलाइन का लेवल ठीक नहीं किया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करेंगे और उग्र धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की होगी।


