देश के सबसे लंबे और वीआईपी नेशनल हाईवे-44 पर सफर करना इन दिनों अपनी जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है। पिछले वर्ष से ही रायरू से बानमोर-मुरैना के बीच क्रस्ट सेटल होने के कारण सड़क कई जगहों पर नालीनुमा गड्डों की तरह धंस चुकी है। इस ‘धंसकी’ हुई सड़क पर तेज रफ्तार गाड़ियां अचानक अनियंत्रित हो रही हैं, जिससे हर समय बड़े हादसों का खतरा बना रहता है। रफ्तार के इस मुसाफिर मार्ग पर अब वाहनों को रेंगना पड़ रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि इसी रूट पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) का टोल प्लाजा है, जहां हर दिन जनता की जेब से करीब 60 लाख रुपए टैक्स वसूला जा रहा है। भारी-भरकम टोल चुकाने के बाद भी रोजाना 35 हजार वाहन चालक अपनी जान हथेली पर रखकर सफर करने को मजबूर हैं। गड्डे वाली सड़क पर टोल के लिए सुप्रीम कोर्ट की ना, फिर भी वसूली मुरैना के छौंदा टोल प्लाजा पर एनएचएआई और ठेकेदार कंपनी पाथ वे मिलकर रोज 60 लाख तक टैक्स वसूल रहे हैं। पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर आदेश दिया था कि अगर हाईवे पर गड्ढे हैं, तो टोल टैक्स वसूलना गलत है। इसके बावजूद यहां टोल वसूली जारी है। हाईवे पर ओवरलोड वाहनों से वसूला जाने वाला पेनाल्टी का मोटा पैसा अफसरों और ठेकेदार की जेब में जा रहा है, लेकिन सड़क सुधारने के नाम पर सिर्फ खोखले दावे किए जा रहे हैं। एक्सपर्ट बोले- घटिया निर्माण के कारण धंस रही है सड़क एनएएचएआई के अधिकारी कह रहे हैं कि भारी लोड से सड़क बैठ गई है, लेकिन वे यह नहीं बता रहे कि एक साल से इसकी मरम्मत क्यों नहीं हुई। मेंटेनेंस कंपनी पर भी अफसर चुप्प हैं। वहीं एक्सपर्ट का कहना है कि सड़क निर्माण घटिया है, जिसके क्रस्ट सेटल (सड़क की परत बैठना) हो रहा है। अब इस पर केवल गड्ढे भरने या पेंच रिपेयरिंग (पैचवर्क) करने से काम नहीं चलेगा, इसे नए सिरे से बनाना होगा।
जिम्मेदार बोले- जल्द ही यह सड़क सही करवा दी जाएगी
मैंने मौके पर देखा है कि सड़क धंसक रही है। ड्रेनेज सिस्टम में कमी और वाहनों के अत्यधिक लोड के कारण सड़क खराब हो रही है। मैंने यह समस्या वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दी है। हमारा प्रयास है कि सड़क के संधारण का काम बारिश से पहले कराया जाए ताकि यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को परेशनी का सामना न करना पड़े।
– भारत सिंह जोइया, प्रोजेक्ट डायरेक्टर/ एनएचएआई


