बिना सहमति इंश्योरेंस के नाम पर काटे गए 50 हजार

बिना सहमति इंश्योरेंस के नाम पर काटे गए 50 हजार

भास्कर न्यूज | खगड़िया नगर परिषद क्षेत्र के राहुरी नगर निवासी सुबोध कुमार ने बैंकिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि एक निजी बैंक द्वारा उनके लोन खाते से बिना स्पष्ट सहमति और जानकारी के 50,000 इंश्योरेंस के नाम पर काट लिए गए, अब उनसे दूसरी वर्ष की इंश्योरेंस किस्त जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। पीड़ित सुबोध कुमार, जो दैनिक मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं और राजमिस्त्री का काम करते हैं, ने बताया कि उनका कई वर्षों से संबंधित बैंक में बचत खाता है। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व उन्हें फोन कर गृह निर्माण लोन का प्रस्ताव दिया गया था। बाद में बैंक शाखा में उन्हें 2,10,000 का लोन स्वीकृत होने की जानकारी दी गई। हालांकि, उनके अनुसार उनके खाते में केवल 1,60,000 ही ट्रांसफर किए गए। जब उन्होंने शेष 50,000 के बारे में पूछा तो बैंक कर्मियों ने बताया कि यह राशि सिक्योरिटी के रूप में रखी गई है, जो किस्त नियमित रूप से चुकाने पर वापस कर दी जाएगी। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं दी गई कि उनके नाम पर किसी प्रकार की इंश्योरेंस पॉलिसी ली गई है। उनका आरोप है कि न तो किसी दस्तावेज को ठीक से समझाया गया और न ही उनसे स्पष्ट सहमति ली गई। पूरा मामला तब सामने आया जब बैंक की ओर से दूसरे वर्ष की इंश्योरेंस किस्त जमा करने के लिए फोन आया। तभी उन्हें पता चला कि पहले काटे गए 50,000 इंश्योरेंस प्रीमियम के रूप में समायोजित किए गए थे। मजदूर ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में उनके मामा द्वारा भेजे गए 50,000 भी उनके खाते से बिना किसी पूर्व सूचना के काट लिए गए। उनका कहना है कि यह राशि भी कथित रूप से इंश्योरेंस की दूसरी किस्त के रूप में समायोजित कर ली गई। अचानक पैसे कटने से परिवार की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है। उन्होंने बैंक शाखा में कई बार शिकायत की, लेकिन कोई संतोषजनक समाधान नहीं मिला। बैंक से राहत नहीं मिलने पर शिकायतकर्ता ने जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय में लिखित शिकायत दी है। मामला अब जांच प्रक्रिया में है। ^उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। सुबोध कुमार नामक व्यक्ति द्वारा इस संबंध में कोई शिकायत उनके पास नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि खातेदार को बैंक शाखा भेज दें, हम जांच कर लेंगे। -फारूख, शाखा प्रबंधक, एक्सिस बैंक। Share with facebook Share with facebook किसी प्रकार की पॉलिसी की जानकारी नहीं दी उन्हें मामले की जानकारी नहीं है भास्कर न्यूज | खगड़िया नगर परिषद क्षेत्र के राहुरी नगर निवासी सुबोध कुमार ने बैंकिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि एक निजी बैंक द्वारा उनके लोन खाते से बिना स्पष्ट सहमति और जानकारी के 50,000 इंश्योरेंस के नाम पर काट लिए गए, अब उनसे दूसरी वर्ष की इंश्योरेंस किस्त जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। पीड़ित सुबोध कुमार, जो दैनिक मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं और राजमिस्त्री का काम करते हैं, ने बताया कि उनका कई वर्षों से संबंधित बैंक में बचत खाता है। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व उन्हें फोन कर गृह निर्माण लोन का प्रस्ताव दिया गया था। बाद में बैंक शाखा में उन्हें 2,10,000 का लोन स्वीकृत होने की जानकारी दी गई। हालांकि, उनके अनुसार उनके खाते में केवल 1,60,000 ही ट्रांसफर किए गए। जब उन्होंने शेष 50,000 के बारे में पूछा तो बैंक कर्मियों ने बताया कि यह राशि सिक्योरिटी के रूप में रखी गई है, जो किस्त नियमित रूप से चुकाने पर वापस कर दी जाएगी। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं दी गई कि उनके नाम पर किसी प्रकार की इंश्योरेंस पॉलिसी ली गई है। उनका आरोप है कि न तो किसी दस्तावेज को ठीक से समझाया गया और न ही उनसे स्पष्ट सहमति ली गई। पूरा मामला तब सामने आया जब बैंक की ओर से दूसरे वर्ष की इंश्योरेंस किस्त जमा करने के लिए फोन आया। तभी उन्हें पता चला कि पहले काटे गए 50,000 इंश्योरेंस प्रीमियम के रूप में समायोजित किए गए थे। मजदूर ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में उनके मामा द्वारा भेजे गए 50,000 भी उनके खाते से बिना किसी पूर्व सूचना के काट लिए गए। उनका कहना है कि यह राशि भी कथित रूप से इंश्योरेंस की दूसरी किस्त के रूप में समायोजित कर ली गई। अचानक पैसे कटने से परिवार की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है। उन्होंने बैंक शाखा में कई बार शिकायत की, लेकिन कोई संतोषजनक समाधान नहीं मिला। बैंक से राहत नहीं मिलने पर शिकायतकर्ता ने जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय में लिखित शिकायत दी है। मामला अब जांच प्रक्रिया में है। ^उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। सुबोध कुमार नामक व्यक्ति द्वारा इस संबंध में कोई शिकायत उनके पास नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि खातेदार को बैंक शाखा भेज दें, हम जांच कर लेंगे। -फारूख, शाखा प्रबंधक, एक्सिस बैंक। Share with facebook Share with facebook किसी प्रकार की पॉलिसी की जानकारी नहीं दी उन्हें मामले की जानकारी नहीं है  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *