उत्तर प्रदेश को आमतौर पर भीड़भाड़ और ऐतिहासिक शहरों के लिए जाना जाता है। लेकिन बारिश का मौसम आते ही यहां की कई प्राकृतिक जगहें अपनी अलग खूबसूरती बिखेरने लगती हैं। खासकर विंध्य क्षेत्र और पूर्वांचल के कुछ वाटरफॉल मानसून में बेहद आकर्षक नजर आते हैं। पहाड़ियों से गिरता पानी, चारों तरफ हरियाली और ठंडी हवाएं इन जगहों को घूमने के लिए शानदार बना देती हैं। अगर आप मानसून ट्रिप प्लान कर रहे हैं। तो यूपी के इन खूबसूरत झरनों को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करें।
बारिश का मौसम शुरू होते ही उत्तर प्रदेश के कई वाटरफॉल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन जाते हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा मिर्जापुर जिले में स्थित विंध्यम फॉल की होती है। जिसे स्थानीय लोग विंडम फॉल के नाम से जानते हैं। प्रयागराज-वाराणसी मार्ग पर स्थित यह झरना बरसात में बेहद मनमोहक दिखाई देता है। हालांकि यहां की चट्टानें काफी फिसलन भरी होती हैं। इसलिए पानी के बेहद करीब जाने से बचना चाहिए। दूर से इसका नजारा कैमरे में कैद करना किसी खूबसूरत फिल्मी दृश्य जैसा लगता है।

चंदौली जिले का राजददरी वाटरफॉल, युवाओं की जुटती अच्छी खासी भीड़
वहीं चंदौली जिले में मौजूद राजददरी वाटरफॉल भी मानसून में अपनी अलग पहचान बना लेता है। वाराणसी से करीब 60 किलोमीटर दूर स्थित यह झरना चट्टानों के बीच गिरते पानी की वजह से काफी आकर्षक दिखाई देता है। यहां बाइक राइडर्स और एडवेंचर पसंद करने वाले युवाओं की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिलती है। हालांकि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समूह में घूमना बेहतर माना जाता है।

लखनिया दरी वाटरफॉल, प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर
मिर्जापुर के अहरौरा क्षेत्र में स्थित लखनिया दरी वाटरफॉल भी प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर है। वाराणसी से करीब 50 किलोमीटर दूर बना यह झरना बारिश में बेहद खूबसूरत दिखाई देता है। हालांकि इसे खतरनाक इलाकों में गिना जाता है। सुरक्षा कारणों से इसके कई हिस्सों में लोगों की एंट्री बंद कर दी गई है।
सिद्धनाथ दरी वाटरफॉल, यहां आने वाले पर्यटकों को होता सुकून का एहसास
इसी तरह विंध्याचल धाम से करीब 8 किलोमीटर दूर लालगंज क्षेत्र का सिद्धनाथ दरी वाटरफॉल भी मानसून में पर्यटकों की पसंदीदा जगह बन जाता है। हरियाली और पहाड़ियों के बीच गिरता पानी यहां आने वालों को सुकून का एहसास कराता है।
बेलन नदी पर बना मुक्खा वाटरफॉल, बड़ी संख्या में पहुंचने पर्यटक
इसके अलावा सोनभद्र के पास बेलन नदी पर बना मुक्खा वाटरफॉल भी इको-टूरिज्म के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। रॉबर्ट्सगंज से करीब 40 से 50 किलोमीटर दूर स्थित यह झरना बरसात के दौरान बेहद आकर्षक दिखाई देता है। यहां पहुंचने के लिए स्थानीय साधन आसानी से मिल जाते हैं। जिसके चलते मानसून में बड़ी संख्या में पर्यटक यहां घूमने पहुंचते हैं।


