Ahmedabad. व्यापारी और आंगड़िया पेढ़ी कर्मचारी बनकर गुजरात व मुंबई के व्यापारियों को ठगने वाले दो शातिर आरोपियों को शहर की कागडापीठ पुलिस ने भुज से पकड़ा है। इनके पास से मोबाइल की एसेसरीज और 27 हजार रुपए की नकदी बरामद हुई है। जांच में कागडापीठ थाने में दर्ज दो और कालूपुर थाने में दर्ज एक मामले की गुत्थी सुलझी है। जांच में सामने आया कि ये सात सालों से सक्रिय हैं। अहमदाबाद व मुंबई के व्यापारियों को करोड़ों की चपत लगा चुके हैँ।
कागडापीठ पुलिस ने रविवार को बताया कि पकड़े गए आरोपियों में एक नाम जगदीश ठक्कर (36) है। जबकि दूसरे का नाम मुकेश सोरठिया (37) है। यह दोनों ही कच्छ जिले के भुज के रहने वाले हैं। कागडापीठ पुलिस के तहत आरोपी ऑनलाइन व अन्य व्यापारियों के जरिए अलग-अलग शहरों के अलग-अलग वस्तुओं के बड़े थोक व्यापारियों की जानकारी, उनका संपर्क नंबर प्राप्त करते। उनसे फोन पर संपर्क करके खुद की व्यापारी के रूप में पहचान देते और माल खरीदने के लिए उनके पास से उनकी वस्तु के फोटोग्राफ मंगाते। उसमें से माल चुनकर माल के लिए ऑर्डर दे देते थे। बिल बन जाने के बाद व्यापारी से कहते थे कि उनके पास फिलहाल ऑनलाइन पैसों की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
आंगड़िया के जरिए ज्यादा पैसे भेजने का करते फोन
जांच में सामने आया कि आरोपी व्यापारी से कहते कि वे आंगडिया पेढ़ी के जरिए तुम्हे पैसे भेज देंगे। इसके बाद इन दोनों में से ही एक व्यक्ति व्यापारी को आंगडिया पेढ़ी कर्मचारी बनकर फोन करता और कहता कि तुम्हारा पेमेंट आया है। तुम्हारा टोकन नंबर यह है। तुम कल सुबह आकर पेमेंट ले जाना। इस फोन के बाद ये व्यापारी को फिर फोन करके कहते कि बिल के पेमेंट से 10 से 15 हजार रुपए ज्यादा भेजे हैं। मुझे अन्य व्यापारी को पेमेंट करना है तो तुम मुझे ऑनलाइन 10 से 15 हजार रुपए भेज दो। व्यापारी को विश्वास में लेकर उसे स्केनर भेजकर उससे पैसे ले लेते थे। फिर संपर्क नहीं करते। ऐसा करके इन दोनों की ओर से मोबाइल एसेसरीज, बल्कि काजू, बादाम, घड़ी, कटलरी सामान, कपड़ा, नट बो्ट, पाकिट, बेल्ट, किचन की वस्तुएं, चना, सींग , मिर्च व मसाले के कई व्यापारियों को करीब दो करोड़ रुपए से ज्यादा की चपत लगाई है।
मुंबई व गुजरात 15 व्यापारियों को लगाई चपत
कागडापीठ पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया कि इन दोनों ने सात साल में गुजरात के सूरत, जामनगर, जूनागढ़, वडोदरा, सुरेन्द्रनगर, राजकोट, महेसराणा, पालनपुर, भावनगर, डीसा, आणंद, भरुच, भुज के व्यापारियों को चपत लगाई है। मुंबई के व्यापारियों को आठ साल पहले एक करोड़ की चपत लगा चुके हैं। कागडापीठ पुलिस ने कहा कि व्यापारियों को ऐसे ठगों से बचने के लिए चाहिए कि वे पहले पुष्टि कर लें कि उनके बैंक खाते में पैसे जमा हो गए हैं। या नहीं आंगडिया से पेमेंट आया है तो उसे पहले ले लें उसके बाद ही ट्रांजेक्शन करें।


