CBSE Fake Notice: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2026 की बोर्ड परीक्षाओं की री-चेकिंग और आंसर शीट की फोटोकॉपी मंगाने की प्रक्रिया से जुड़े एक वायरल नोटिस पर बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे एक सर्कुलर में दावा किया गया था कि, बोर्ड ने तकनीकी समस्याओं के कारण इस पूरी प्रक्रिया को रद्द कर दिया है। सीबीएसई ने इस नोटिस को पूरी तरह से फर्जी बताया है और स्टूडेंट्स व अभिभावकों को ऐसी अफवाहों से सावधान रहने की सलाह दी है। बता दें 12th आंसर शीट की स्कैन कॉपी मंगाने की लास्ट डेट बढ़ाकर 24 मई, 2026 कर दी गई थी।
क्या दावा किया गया था फर्जी नोटिस में
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस फर्जी सर्कुलर में झूठा दावा किया गया था कि, सीबीएसई ने आंसर शीट की फोटोकॉपी मंगाने और री-चेकिंग की प्रक्रिया को अचानक रद्द कर दिया है। इसमें यह भी कहा गया था कि, स्टूडेंट्स के पुराने अंकों को ही अंतिम (फाइनल) माना जाएगा और जिन स्टूडेंट्स ने री-चेकिंग के लिए फीस जमा कर दी है उनका पूरा पैसा वापस (रिफंड) कर दिया जाएगा।
सीबीएसई ने जारी किया ‘फेक न्यूज अलर्ट’
वायरल नोटिस का संज्ञान लेते हुए सीबीएसई ने तुरंत इसे खारिज कर दिया और इसे फेक न्यूज अलर्ट का नाम दिया। बोर्ड ने साफ किया है कि, 2026 की परीक्षाओं में शामिल हुए स्टूडेंट्स के लिए री-चेकिंग या फोटोकॉपी की सुविधा को रद्द करने का कोई भी फैसला नहीं लिया गया है। वर्तमान में चल रही यह प्रक्रिया अपने तय नियमों और बढ़ाई गई नई तारीखों के अनुसार ही जारी रहेगी।
छात्रों और अभिभावकों से बोर्ड की अपील
सीबीएसई ने एक ऑफिशियल नोटिस जारी कर स्टूडेंट्स और उनके माता-पिता को अफवाहों पर ध्यान न देने की चेतावनी दी है। बोर्ड ने कहा है कि, परीक्षा या रिजल्ट से जुड़ी किसी भी जानकारी की पुष्टि के लिए केवल सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें। बोर्ड ने छात्रों से खास अपील की है कि वे बिना जांचे परखे ऐसे फर्जी नोटिस को आगे शेयर न करें।
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि, कोई भी असली नोटिफिकेशन और सर्कुलर सबसे पहले बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर ही जारी किया जाता है। सोशल मीडिया पर बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी भी खबर को सच नहीं मानना चाहिए।



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Beware of fake news and romours
Always verify information through…