बुखार के बाद बिगड़ी महिला की तबियत: परिजनों का आरोप- बिना जांच के चढ़ाया ग्लूकोज, महिला की मौत

बुखार के बाद बिगड़ी महिला की तबियत: परिजनों का आरोप- बिना जांच के चढ़ाया ग्लूकोज, महिला की मौत

अलवर जिले से झोलाछाप और फर्जी डॉक्टरों के जानलेवा इलाज का एक मामला सामने आया है। यहां मेडिकल स्टोर की आड़ में दुकान खोलकर बैठे कथित फर्जी डॉक्टरों ने बिना किसी जांच के एक महिला को दवाइयां दीं और ग्लूकोज चढ़ा दिया, जिसके बाद महिला की तड़प-तड़पकर मौत हो गई। मृतका की पहचान सालपुर गांव की रहने वाली रीना देवी (27) के रूप में हुई है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है। महिला की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। 

बुखार होने पर गए थे मेडिकल स्टोर

मृतका के पति मंगल सिंह के अनुसार शनिवार शाम को उसकी पत्नी रीना की अचानक तबीयत खराब हो गई थी। उसे तेज बुखार था और हाथ-पैरों में भयंकर दर्द हो रहा था। पत्नी को तड़पता देख मंगल सिंह उसे पास के मालाखेड़ा थाना क्षेत्र के केरवा जाट स्थित एक मेडिकल स्टोर पर लेकर गया। वहां मौजूद तथाकथित डॉक्टर ने न तो महिला का कोई ब्लड प्रेशर चेक किया और न ही कोई जांच की। उसने केवल लक्षणों के आधार पर रीना को कुछ दवाइयां दे दीं और तुरंत ग्लूकोज की बोतल चढ़ा दी। ग्लूकोज खत्म होने के बाद डॉक्टर ने उन्हें घर भेज दिया।

सुबह फिर बिगड़ी तबीयत

परिजनों के अनुसार रविवार अलसुबह रीना की तबीयत अचानक फिर से बहुत ज्यादा बिगड़ गई। उसे पूरे शरीर में असहनीय दर्द होने लगा, साथ ही लगातार उल्टियां और चक्कर आने लगे। घबराकर पति मंगल सिंह उसे सालपुर स्थित एक दूसरे मेडिकल स्टोर पर लेकर भागा। वहां मौजूद दूसरे डॉक्टर ने जब महिला की हालत गंभीर देखी, तो उसने एक टैबलेट दी और तुरंत अलवर जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी।

परिजन आनन-फानन में रीना को लेकर अलवर जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आपातकालीन वार्ड के डॉक्टरों ने जांच के बाद रीना को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल पहुंचते ही जैसे ही मौत की खबर मिली, पूरे परिवार में चीख-पुकार मच गई। रीना की इस अचानक मौत से हंसता-खेलता परिवार पूरी तरह बिखर गया है। पति मंगल सिंह पेशे से मजदूर है और बेलदारी का काम करता है। रीना की मौत के बाद उसके चार छोटे-छोटे बच्चों के सिर से मां का साया हमेशा के लिए उठ गया है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है। 

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