नौतपा 25 मई से 2 जून तक, कीटनाशक खर्च बचेगा:कोटपूतली में किसान गहरी जुताई कर फसल को कीट-रोग से बचाने में लगे

नौतपा 25 मई से 2 जून तक, कीटनाशक खर्च बचेगा:कोटपूतली में किसान गहरी जुताई कर फसल को कीट-रोग से बचाने में लगे

नौतपा की शुरुआत 25 मई से हो रही है जो 2 जून तक प्रभावी रहेगा। नौ दिनों तक पड़ने वाली प्रचंड गर्मी जहां जनजीवन को प्रभावित करेगी, वहीं यह फसल चक्र को पूरा करने में भी योगदान देता है। ऐसे में कोटपूतली के किसान जमीन को तपाने के लिए जुताई करवाकर खेतों को अगली पैदावार के लिए तैयार करने में जुट गए हैं। मान्यवाली निवासी किसान रामनिवास, गिरधारी, जय दयाल और लीलाराम ने बताया कि इस विधि को अपनाने से कीटनाशक का खर्च बचेगा। रबी की फसलों की कटाई के बाद जब खेत खाली हो जाते हैं, तब नौतपा से पहले गहरी जुताई की जाती है। इससे खेत को बिना रासायनिक दवाओं के ही फसल कीटों, रोगों और खरपतवारों से मुक्ति मिलती है। किसानों के अनुसार, लगातार दो-तीन फसलें उगाने से मिट्टी में कीट व बीमारियों के रोगाणु पनपते हैं और खरपतवार भी बढ़ते हैं, जिससे छुटकारा पाने के लिए गर्मी में गहरी जुताई आवश्यक है। कोटपूतली-बहरोड़ कृषि उप निदेशक डॉ. रामजी लाल यादव ने बताया कि रबी की गेहूं, जौ, सरसों आदि फसलों की कटाई के बाद मई-जून माह में खरीफ की फसलों की बुवाई से पहले सामान्य से दो-तीन सेमी ज्यादा गहरी जुताई करनी चाहिए। गहरी जुताई से खरपतवार और उनके बीज भी सूखकर नष्ट हो जाते हैं। इससे मिट्टी भुरभुरी हो जाती है, जिससे वर्षा का जल अच्छी तरह अवशोषित होता है। परिणामस्वरूप, खेत में लंबे समय तक नमी बनी रहती है और फसलों को ज्यादा सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती। यह दीमक कीट से फसल को बचाने में भी सहायक है।

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