पटना में पहली बार बोट फेस्टिवल का आयोजन होने जा रहा है। इस्कॉन पटना की ओर से अदालतगंज तालाब में फेस्टिवल आयोजित किया जाएगा। इसे लेकर विशेष तैयारी की जा रही है। अदालतगंज तालाब को 400 टन फूलों से सजाया जा रहा है, जो कंबोडिया, थाईलैंड, बेंगलुरु, कोलकाता, दिल्ली से मंगाए जा रहे हैं। इस दौरान विशेष कार्यक्रम का भी आयोजन है। जो शाम 4 बजे से शुरू होगा। सबसे पहले कीर्तन होगा, उसके बाद पालकी यात्रा, कथा और फिर जल विहार होगा। इसके बाद प्रसाद का भी वितरण किया जाएगा। सभी लोगों के लिए यहां फ्री एंट्री है। हंस के रूप में सजाया जा रहा नाव पूरे नाव को हंस के रूप में सजाया जा रहा, जिसे करीब 50 तरह के फूलों से डेकोरेट किया जाएगा और विशेष लाइटिंग भी की जाएगी। इसमें आगे की तरफ हंस के मुख की प्रतिकृति रहेगी और पीछे पंख बनाया जा रहा है। यह नाव करीब 20 फीट लंबी और 6 फीट चौड़ी है। इसपर भगवान के बैठने के लिए मंडप भी बनाया जाएगा, जो 3 फीट लंबा और 2 फीट चौड़ा होगा। इसी पर राधा कृष्ण विराजमान होंगे और नौका विहार करेंगे। इस्कॉन मंदिर से निकलेगी पालकी यात्रा इस्कॉन मंदिर के मैनेजमेंट काउंसिल मेंबर राधा पति चरण दास ने कहा कि पहली बार ये नौका विहार महोत्सव मनाया जा रहा है। भगवान को शाम में अपने कक्ष से पालकी यात्रा के माध्यम से लाया जाएगा और वोट पर बने मंडप पर विराजमान किया जाएगा। उसके बाद पूजा-अर्चना होगी और फिर भोग लगेगा। फिर करीब 2 घंटे तक राधा कृष्ण नाव में विहार करेंगे। मुख्य बोर्ड के अलावा हमने सरकार से NDRF की टीम के साथ अन्य दो-तीन वोट की मांग की है, ताकि किसी भी तरह के दुर्घटना से बचा जा सके।
हलवा-पुरी का बांटा जाएगा प्रसाद भगवान का नाव चलाने के लिए केरल से नाविक आ रहे हैं। भगवान अनेक प्रकार की लीलाएं करते हैं, उसमें से एक लीला को ही इस उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। पुराणों में भी इसका उल्लेख है कि भगवान कृष्ण गोपी के साथ नौका विहार करते हैं। वृंदावन, मायापुर से सुमधुर कीर्तन के लिए टीम आ रही है। भक्तों के बीच हलवा पुरी का प्रसाद भी बांटा जाएगा। जिसकी व्यवस्था अदालतगंज तालाब के बाहर रहेगी। इस महोत्सव के माध्यम से हम लोगों को जोड़ने की कोशिश करेंगे। पटना में पहली बार बोट फेस्टिवल का आयोजन होने जा रहा है। इस्कॉन पटना की ओर से अदालतगंज तालाब में फेस्टिवल आयोजित किया जाएगा। इसे लेकर विशेष तैयारी की जा रही है। अदालतगंज तालाब को 400 टन फूलों से सजाया जा रहा है, जो कंबोडिया, थाईलैंड, बेंगलुरु, कोलकाता, दिल्ली से मंगाए जा रहे हैं। इस दौरान विशेष कार्यक्रम का भी आयोजन है। जो शाम 4 बजे से शुरू होगा। सबसे पहले कीर्तन होगा, उसके बाद पालकी यात्रा, कथा और फिर जल विहार होगा। इसके बाद प्रसाद का भी वितरण किया जाएगा। सभी लोगों के लिए यहां फ्री एंट्री है। हंस के रूप में सजाया जा रहा नाव पूरे नाव को हंस के रूप में सजाया जा रहा, जिसे करीब 50 तरह के फूलों से डेकोरेट किया जाएगा और विशेष लाइटिंग भी की जाएगी। इसमें आगे की तरफ हंस के मुख की प्रतिकृति रहेगी और पीछे पंख बनाया जा रहा है। यह नाव करीब 20 फीट लंबी और 6 फीट चौड़ी है। इसपर भगवान के बैठने के लिए मंडप भी बनाया जाएगा, जो 3 फीट लंबा और 2 फीट चौड़ा होगा। इसी पर राधा कृष्ण विराजमान होंगे और नौका विहार करेंगे। इस्कॉन मंदिर से निकलेगी पालकी यात्रा इस्कॉन मंदिर के मैनेजमेंट काउंसिल मेंबर राधा पति चरण दास ने कहा कि पहली बार ये नौका विहार महोत्सव मनाया जा रहा है। भगवान को शाम में अपने कक्ष से पालकी यात्रा के माध्यम से लाया जाएगा और वोट पर बने मंडप पर विराजमान किया जाएगा। उसके बाद पूजा-अर्चना होगी और फिर भोग लगेगा। फिर करीब 2 घंटे तक राधा कृष्ण नाव में विहार करेंगे। मुख्य बोर्ड के अलावा हमने सरकार से NDRF की टीम के साथ अन्य दो-तीन वोट की मांग की है, ताकि किसी भी तरह के दुर्घटना से बचा जा सके।
हलवा-पुरी का बांटा जाएगा प्रसाद भगवान का नाव चलाने के लिए केरल से नाविक आ रहे हैं। भगवान अनेक प्रकार की लीलाएं करते हैं, उसमें से एक लीला को ही इस उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। पुराणों में भी इसका उल्लेख है कि भगवान कृष्ण गोपी के साथ नौका विहार करते हैं। वृंदावन, मायापुर से सुमधुर कीर्तन के लिए टीम आ रही है। भक्तों के बीच हलवा पुरी का प्रसाद भी बांटा जाएगा। जिसकी व्यवस्था अदालतगंज तालाब के बाहर रहेगी। इस महोत्सव के माध्यम से हम लोगों को जोड़ने की कोशिश करेंगे।


