हरियाणा के पलवल में युवक पर हथौड़े से हमले के मामले में अब हरियाणा के पूर्व मंत्री और वर्तमान मंत्री आमने- सामने आ गए हैं। पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने गौरव गौतम को चेलेंज करते हुए कहा- इनकी हमारे सामने कोई औकात नहीं है। हमने बेलगाम मुख्यमंत्रियों को भी लगाम लगाने का काम किया है, जिनका कोई इलाज नहीं कर सकता था। दलाल ने आरोप लगाया कि खेल राज्यमंत्री के घर के पास कब्जे की वीडियो बनाने पर सिकंदर डागर पर हमला हुआ। वहीं गौरव गौतम ने कहा, ये राजनीतिक मुद्दा नहीं है। राजनीति का जवाब आगे दूंगा। दरअसल, 19 मई को कपड़ा कारोबारी सिकंदर पर हथौड़े और लाठी- डंडों से हमला किया गया था। आरोपियों ने हथौड़े मारकर उसके दोनों पैर तोड़ दिए थे। जिसके बाद परिजनों ने आरोप लगाया था कि खेल मंत्री गौरव गौतम के घर कब्जे की वीडियो बनाने पर ही सिकंदर पर हमला हुआ। 20 मई को परिवार को वॉट्सएप कॉल के जरिए धमकी मिली कि मामले को खत्म कर दे। इसके बाद पुलिस ने पीड़ित और परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी। हमले में घायल पीड़ित सिकंदर ICU में एडमिट है। पहले सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला… अब पढ़िए, पूर्व मंत्री ने क्या आरोप लगाए… मंत्री के गुंड़ों ने हाथ-पैर तोड़े मामले को लेकर पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता करण सिंह दलाल ने 21 मई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमें उन्होंने कहा- खेल मंत्री के गुंडे शहर में डर बनाने की कोशिश कर रहे है। सिकंदर डागर के द्वारा मंत्री के घर के बाहर किए गए अवैध कब्जों की वीडियो बनाकर डाली गई, जिसे लेकर मंत्री के गुंडों ने उसके हाथ-पैर तोड़ दिए। मंत्री के गिरोह से जुड़े गैंगस्टर दलाल ने आगे कहा, हमारे सामने इसकी कोई औकात नहीं है। इसके बाद कुछ आपत्तिजनक शब्दों का भी प्रयोग किया। शहर में जितने भी लोगों को आज तक गैंगस्टर नीरज फरीदपूरिया की धमकी मिली है, ये सभी मंत्री के गिरोह के लोग हैं। इनकी कोई हैसियत नहीं है। पलवल के लोगों ने ऐसे लोगों का इलाज किया है। 2 पॉइंट में पढ़े, मंत्री गौतम क्या बोले… DCP बोले- मंत्री का कोई रोल नहीं डीएसपी अनिल कुमार ने बताया कि इस मामले में खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम से जुड़ी वीडियो का कोई रोल नहीं है। आरोपियों और पीड़ित (सिकंदर) के बीच इंटरनेट मीडिया पर एक-दूसरे की पोस्ट पर टिप्पणी करने को लेकर रंजिश थी। इसी कारण सिकंदर के साथ मारपीट की गई। अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।


