गोंडा साइबर सेल पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरजनपदीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने म्यूल खातों के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अमन सिंह, कुलदीप वर्मा, रोहित सिंह, सूरज कुमार सिंह, मोहित सिंह, रंजीत कुमार, मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद समीर और आलोक गुप्ता के रूप में हुई है। इनके कब्जे से 347 पासबुक, 177 एटीएम कार्ड, 22 आधार कार्ड, 10 मोबाइल फोन, 20,290 रुपये नकद और तीन मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। पुलिस ने विभिन्न खातों में ठगी के 14 करोड़ 87 लाख 6879 रुपये भी फ्रीज करवाए हैं। सरकारी योजनाओं का लालच देकर खाता खुलवाते थे
आरोपियों का तरीका था कि वे भोले-भाले लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का लालच देकर बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद वे उन खातों के पासबुक, एटीएम कार्ड, चेक बुक और संबंधित मोबाइल नंबर हासिल कर लेते थे। इन दस्तावेजों का उपयोग ऑनलाइन ट्रेडिंग और अन्य साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के लिए किया जाता था। ठगी की रकम इन्हीं खातों में मंगवाई जाती थी, जिसे निकालकर आरोपी 40 से 60 प्रतिशत कमीशन के तौर पर आपस में बांट लेते थे। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे विभिन्न जिलों और राज्यों से बैंक खाते व संबंधित दस्तावेज इकट्ठा करते थे, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधों को अंजाम देने में किया जाता था। 9 राज्यों के लोगों को ठगी का बना चुके हैं शिकार
पुलिस जांच में विभिन्न खातों का विवरण, नेट बैंकिंग आईडी पासवर्ड और आपसी चैटिंग भी मिली है, जो उनके अपराध में सक्रिय होने की पुष्टि करती है।यह गिरोह केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि दिल्ली, ओडिशा, हरियाणा, बिहार, उत्तराखंड, झारखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश सहित कई अन्य राज्यों के लोगों को भी ठगी का शिकार बनाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि इनमें से कई आरोपी पहले भी जेल जा चुके हैं। पुलिस ने कुल 46 बैंक खातों की पहचान की है। इनमें से विभिन्न बैंकों के 17 खातों के विरुद्ध एनसीआरपी पोर्टल पर कुल 212 शिकायतें दर्ज हैं। गोंडा साइबर सेल प्रभारी संजय कुमार गुप्ता और साइबर एक्सपर्ट हरिओम टेंडर और उनकी टीम द्वारा इस पूरे गिरोह का खुलासा किया गया है। गोंडा पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने इस पूरे साइबर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए बताया कि लगातार इन लोगों द्वारा साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा था। हमारी गोंडा साइबर सेल की पुलिस टीम द्वारा लगातार इस पर काम करके इन आरोपियों को आज गिरफ्तार किया गया है। इस पूरे गिरोह का खुलासा करने वाली गोंडा साइबर सेल पुलिस टीम को 25 हजार का नगद इनाम देकर के इन्हें सम्मानित किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी मोहम्मद समीर के खिलाफ कानपुर नगर में दो मुकदमें दर्ज हैं अमन सिंह के खिलाफ हरियाणा के रोहतक थाने में एक मुकदमा दर्ज है।


