दरभंगा के कलेक्ट्रेट स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) से संबंधित बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता संजय कुमार सिंह ने की। बैठक में रेरा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, अवैध प्लॉटिंग पर रोक और खरीदारों के हितों की सुरक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक को संबोधित करते हुए आयुक्त ने कहा कि किसी भी घर, फ्लैट अथवा प्लॉट में निवेश करने से पहले संबंधित परियोजना का रेरा निबंधन अवश्य जांच लें। उन्होंने कहा कि फ्लैट और भूखंड खरीदारों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से ही भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 लागू किया गया है। 5300 स्क्वायर फीट से अधिक के भूखंड अथवा 8 यूनिट से अधिक वाले अपार्टमेंट परियोजनाओं के लिए रेरा में निबंधन अनिवार्य है। उन्होंने लोगों से जमीन और अपार्टमेंट खरीदने से पहले सभी आवश्यक जांच पूरी करने की अपील की। निकायों की भूमिका की दी जानकारी बैठक में रेरा बिहार की टीम की ओर से पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से रेरा अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों, रेरा बिहार के काम और क्षेत्रीय प्रशासन की जिम्मेदारियों की जानकारी दी गई। साथ ही साल 2022 में संशोधित बिहार भवन उपनियम, 2014 के पालन को सुनिश्चित कराने में नगर निकायों की भूमिका पर भी विशेष प्रकाश डाला गया। बैठक में जानकारी दी गई कि रेरा की ओर से 14 परियोजनाओं को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। संबंधित प्लॉटों की रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज पर रोक लगाने का निर्देश भी दिया गया है। आयुक्त ने कहा कि यदि किसी कंपनी के नाम पर प्लॉटिंग अथवा रजिस्ट्री की जा रही है, तो संबंधित पदाधिकारी उसकी गहन जांच सुनिश्चित करेंगे। एक ही खाता और खेसरा का बार-बार रजिस्ट्रेशन होने की शिकायतों पर भी विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में किसी भी परियोजना की प्लानिंग अथवा विकास काम शुरू होने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि परियोजना का रेरा में निबंधन हुआ है या नहीं। साथ ही बिना नक्शा पास कराए मकान निर्माण नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि नियोजित ढंग से निर्माण होने पर सड़क, पार्क, बिजली और नाली जैसी बुनियादी सुविधाएं बेहतर तरीके से उपलब्ध हो पाती हैं। नियमों के अनुरूप ही नक्शा पारित किया जाए आयुक्त ने निर्देश दिया कि नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पंचायत की ओर से नियमों के अनुरूप ही नक्शा पारित किया जाए। बिना आवश्यक प्रक्रिया पूरी किए किसी भी परियोजना को अनुमति नहीं दी जाए। बैठक में कौशल कुमार ने कहा कि रेरा कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ यथोचित कार्रवाई की जाएगी और जिले में अधिनियम के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में अमरेंद्र शाही, मनोज कुमार, सत्येंद्र प्रसाद, विकास कुमार एवं संजीत कुमार सहित संबंधित विभागों के कई पदाधिकारी उपस्थित थे। दरभंगा के कलेक्ट्रेट स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) से संबंधित बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता संजय कुमार सिंह ने की। बैठक में रेरा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, अवैध प्लॉटिंग पर रोक और खरीदारों के हितों की सुरक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक को संबोधित करते हुए आयुक्त ने कहा कि किसी भी घर, फ्लैट अथवा प्लॉट में निवेश करने से पहले संबंधित परियोजना का रेरा निबंधन अवश्य जांच लें। उन्होंने कहा कि फ्लैट और भूखंड खरीदारों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से ही भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 लागू किया गया है। 5300 स्क्वायर फीट से अधिक के भूखंड अथवा 8 यूनिट से अधिक वाले अपार्टमेंट परियोजनाओं के लिए रेरा में निबंधन अनिवार्य है। उन्होंने लोगों से जमीन और अपार्टमेंट खरीदने से पहले सभी आवश्यक जांच पूरी करने की अपील की। निकायों की भूमिका की दी जानकारी बैठक में रेरा बिहार की टीम की ओर से पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से रेरा अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों, रेरा बिहार के काम और क्षेत्रीय प्रशासन की जिम्मेदारियों की जानकारी दी गई। साथ ही साल 2022 में संशोधित बिहार भवन उपनियम, 2014 के पालन को सुनिश्चित कराने में नगर निकायों की भूमिका पर भी विशेष प्रकाश डाला गया। बैठक में जानकारी दी गई कि रेरा की ओर से 14 परियोजनाओं को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। संबंधित प्लॉटों की रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज पर रोक लगाने का निर्देश भी दिया गया है। आयुक्त ने कहा कि यदि किसी कंपनी के नाम पर प्लॉटिंग अथवा रजिस्ट्री की जा रही है, तो संबंधित पदाधिकारी उसकी गहन जांच सुनिश्चित करेंगे। एक ही खाता और खेसरा का बार-बार रजिस्ट्रेशन होने की शिकायतों पर भी विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में किसी भी परियोजना की प्लानिंग अथवा विकास काम शुरू होने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि परियोजना का रेरा में निबंधन हुआ है या नहीं। साथ ही बिना नक्शा पास कराए मकान निर्माण नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि नियोजित ढंग से निर्माण होने पर सड़क, पार्क, बिजली और नाली जैसी बुनियादी सुविधाएं बेहतर तरीके से उपलब्ध हो पाती हैं। नियमों के अनुरूप ही नक्शा पारित किया जाए आयुक्त ने निर्देश दिया कि नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पंचायत की ओर से नियमों के अनुरूप ही नक्शा पारित किया जाए। बिना आवश्यक प्रक्रिया पूरी किए किसी भी परियोजना को अनुमति नहीं दी जाए। बैठक में कौशल कुमार ने कहा कि रेरा कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ यथोचित कार्रवाई की जाएगी और जिले में अधिनियम के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में अमरेंद्र शाही, मनोज कुमार, सत्येंद्र प्रसाद, विकास कुमार एवं संजीत कुमार सहित संबंधित विभागों के कई पदाधिकारी उपस्थित थे।


