किशनगंज के 400 से अधिक जनजातीय लोग दिल्ली रवाना:संस्कृति और अधिकारों के प्रोटेक्शन को लेकर होगी गर्जना रैली

किशनगंज के 400 से अधिक जनजातीय लोग दिल्ली रवाना:संस्कृति और अधिकारों के प्रोटेक्शन को लेकर होगी गर्जना रैली

किशनगंज से जनजातीय संस्कृति, परंपरा और अधिकारों की रक्षा के लिए 400 से अधिक लोगों का एक जत्था दिल्ली के लिए रवाना हुआ। ये लोग जनजाति सुरक्षा मंच के बैनर तले आयोजित ‘जनजाति गर्जना रैली’ में शामिल होने जा रहे हैं। समुदाय के सदस्य शहर के गांधी चौक से अपनी पारंपरिक वेशभूषा में दिल्ली के लिए निकले। दिल्ली में एक जनजातीय सांस्कृतिक समागम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर के विभिन्न जनजातीय समुदाय हिस्सा लेंगे। इस समागम का उद्देश्य जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराओं, रीति-रिवाजों और अधिकारों के संरक्षण के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करना है। धर्म, संस्कृति तथा परंपराओं को संरक्षित करने पर फोकस जनजाति सुरक्षा मंच से जुड़े सदस्यों ने अपनी प्रमुख मांगें बताईं। इनमें संविधान के अनुच्छेद 342 में संशोधन कर धर्मांतरित व्यक्तियों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची से हटाने के लिए संसद में विधेयक लाना शामिल है। इसके अतिरिक्त, मंच ने यह भी मांग की है कि धर्मांतरित व्यक्तियों को एसटी प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ने और सरकारी लाभ प्राप्त करने से रोका जाए, ताकि आरक्षण एवं सुरक्षा के अधिकार का सही उपयोग हो सके। पारंपरिक परिधानों और सांस्कृतिक पहचान के साथ गांधी चौक पर मौजूद रहे संगठन ने धर्मांतरण पर रोक लगाने और जनजातीय धर्म, संस्कृति तथा परंपराओं को संरक्षित करने के लिए ठोस कदम उठाने पर भी जोर दिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनजातीय समुदाय के लोग अपने पारंपरिक परिधानों और सांस्कृतिक पहचान के साथ गांधी चौक पर मौजूद थे, जिससे वहां का माहौल पूरी तरह जनजातीय रंग में रंग गया था। किशनगंज से जनजातीय संस्कृति, परंपरा और अधिकारों की रक्षा के लिए 400 से अधिक लोगों का एक जत्था दिल्ली के लिए रवाना हुआ। ये लोग जनजाति सुरक्षा मंच के बैनर तले आयोजित ‘जनजाति गर्जना रैली’ में शामिल होने जा रहे हैं। समुदाय के सदस्य शहर के गांधी चौक से अपनी पारंपरिक वेशभूषा में दिल्ली के लिए निकले। दिल्ली में एक जनजातीय सांस्कृतिक समागम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर के विभिन्न जनजातीय समुदाय हिस्सा लेंगे। इस समागम का उद्देश्य जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराओं, रीति-रिवाजों और अधिकारों के संरक्षण के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करना है। धर्म, संस्कृति तथा परंपराओं को संरक्षित करने पर फोकस जनजाति सुरक्षा मंच से जुड़े सदस्यों ने अपनी प्रमुख मांगें बताईं। इनमें संविधान के अनुच्छेद 342 में संशोधन कर धर्मांतरित व्यक्तियों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची से हटाने के लिए संसद में विधेयक लाना शामिल है। इसके अतिरिक्त, मंच ने यह भी मांग की है कि धर्मांतरित व्यक्तियों को एसटी प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ने और सरकारी लाभ प्राप्त करने से रोका जाए, ताकि आरक्षण एवं सुरक्षा के अधिकार का सही उपयोग हो सके। पारंपरिक परिधानों और सांस्कृतिक पहचान के साथ गांधी चौक पर मौजूद रहे संगठन ने धर्मांतरण पर रोक लगाने और जनजातीय धर्म, संस्कृति तथा परंपराओं को संरक्षित करने के लिए ठोस कदम उठाने पर भी जोर दिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनजातीय समुदाय के लोग अपने पारंपरिक परिधानों और सांस्कृतिक पहचान के साथ गांधी चौक पर मौजूद थे, जिससे वहां का माहौल पूरी तरह जनजातीय रंग में रंग गया था।  

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